Miscellaneous Most Important Economic News for AFCAT in Hindi Part-5

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तरंग मोबाइल (गतिशील) एप्लिकेशन (आवेदन), ”ई-ट्रांस” तथा दीप

सुर्ख़ियों में क्यों?

  • विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा और खान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पीयूष गोयल ने तरंग मोबाइल एप्लिकेशन, ”ई-ट्रांस” और दीप ई-निविदा पोर्टलों (दव्ारों) का शुभारंभ किया।

  • ये पोर्टल देश में विद्युत पारेषण के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शुरू किये गये हैं।

तरंग (मोबाइल (गतिशील) एप्लिकेशन (आवदेन) और वेब पोर्टल (दव्ार))

  • यह ट्रांसमिशन ऐप फॉर (के लिए) रियल (वास्तविक) टाइम (समय) मोनिटरिंग (निगरानी) एंड (और) ग्रोथ (विकास) को द्योतित करता है।

  • यह आगामी परियोजनाओं को ट्रैक (धावन पथ) करने के लिए एक मॉनिटरिंग (निगरानी) टूल (साधन) के रूप में कार्य करेगा।

  • यह ग्रीन (हरित) एनर्जी (शक्ति) कोरिडोर (गलियारा) की मॉनिटरिंग (निगरानी) भी करेगा।

ई-ट्रांस

  • यह पारेषण परियोजनाओं की टैरिफ (मूल्य) आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली (टीबीसीबी) हेतु ई-बिडिंग (आदेश) और ई-रिवर्स (उल्टा) ऑक्शन (नीलामी) के लिए वेब प्लेटफॉर्म (मंच) है।

  • ई-ट्रांस के साथ ट्रांसमिशन (हस्तांतरण) के क्षेत्र में रिवर्स नीलामी भी शुरू की जा रही है।

दीप (डीसकवरी (खोज) ऑफ (का) ऐफिशिएन्ट (कुशल) इलेक्ट्रीिसिटी (बिजली) प्राइस (कीमत))

  • यह मध्य अवधि (1-5 वर्ष) के लिए बिजली की खरीद के लिए एक ई-निविदा पोर्टल (दव्ार) है।

  • यह एक व्यापक नेटवर्क (तंत्र) के माध्यम से देशव्यापी बिजली प्रबंध सुविधा के लिए ई-रिवर्स नीलामी की सुविधा के साथ एक सार्वजनिक ई-निविदा मंच प्रदान करेगा।

राष्ट्रीय विद्युत योजना (उत्पादन) का मसौदा

सुर्ख़ियों में क्यों?

  • केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने राष्ट्रीय विद्युत योजना (उत्पादन) का मसौदा का विमोचन किया।

  • केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए): यह विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत एक वैधानिक संस्था है।

  • यह राष्ट्रीय विद्युत नीति के अनुरूप एक राष्ट्रीय विद्युत योजना का निर्माण करती है।

मसौदा योजना की मुख्य विशेषताएं

  • दस्तावेज में 2017-22 के दौरान, गैस से 4340 मेगावाट, जलविद्युत से 15,330 मेगावाट, परमाणु ऊर्जा 2,800 मेगावाट तथा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत से 115326 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता के सृजन अनुमान लगाया गया है।

  • विद्युत उत्पादन हेतु 2022-27 की अवधि के लिए, जल और परमाणु आाधारित परियोजनाओं के विकास को प्राथमिकता दी गई है।

  • इस अवधि में कोयला आधारित क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि 44 गीगावाट की आवश्यकता है और 50 गीगावॉट की क्षमता परियोजना पहले से ही निर्माणाधीन है।

  • इसमें उल्लेख है कि, 2021-22 और 2026-27 तक कुल ऊर्जा आवश्यकताओं का क्रमश: 20.3 प्रतिशत और 24.2 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन दव्ारा वहन किया जाएगा।

  • भारत ने अपनाए गए ऊर्जा संरक्षण उपायों को मद्देनज़र रखते हुए, इसने अगले 10 वर्षों में भारत में उच्च विद्युत मांग के संबंध में 18वीं इलेक्ट्रिक (विद्युत) पावर (ऊर्जा) सर्वेक्षण (ईपीएस) की रिपोर्ट (विवरण) में लगाए गए अनुमानों की तुलना में आवश्यक विद्युत मांग को कम करके आंका है।

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