Science and Technology MCQs in Hindi Part 10 with Answers

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1 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ केंद्रकयुक्त कोशिकाओं में बहुकोशिक जीव के निर्माण की क्षमता होती है।

शारीरिक रचना में सभी कोशिकाएँ एक-समान नहीं होती हैं, जबकि कोशिकाओं के समूह कुछ खास कार्यों के लिये विशिष्टीकृत होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं।

  • केंद्रकयुक्त कोशिकाओं में बहुकोशिक जीव के निर्माण की क्षमता होती है, क्योंकि वे किन्हीं खास कार्यो के लिये विशिष्टीकृत हो सकते हैं।

  • जो कोशिकाएँ एक साथ-समूह बनाकर किसी जीव का निर्माण करती हैं, उनमें श्रम विभाजन पाया जाता है तथा वे उसी के अनुरूप कार्य करती हैं। शारीरिक रचना में ये सभी कोशिकाएँ एक समान नहीं होती हैं, बल्कि कोशिकाओं के समूह कुछ खास कार्यों के लिये विशिष्टीकृत हो जाते हैं।

2 जीवों को पाँच जगत में वर्गीकृत किया गया है। निम्नलिखित में से कौन इसमें सम्मिलित हैं?

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ मोनेरा

  • प्रोटिस्टा

  • कवक

  • प्लांटी

  • ऐनिमेलिया

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिये:

अ) केवल 1, 2 ओर 3

ब) केवल 2, 3 और 4

स) केवल 3, 4 और 5

द) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर : (द)

व्याख्या:

जीवों का वर्गीकरण उनके विकास से संबंधित है। व्हिटेकर दव्ारा प्रस्तावित वर्गीकरण में जीवों के पाँच जगत हैं-मोनेरा, प्रोटिस्टा, फंजाई (कवक), प्लांटी और ऐनिमेलिया।

ये समूह निम्नलिखित विशेषताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं-

  • कोशिकीय संरचना: प्रौकेरियोटी अथवा यूकैरियोटी।

  • जीव का शरीर एककोशिक अथवा बहुकोशिक है। इसमें बहुकोशिक जीवों की संरचना जटिल होती है।

  • कोशिकाभित्ति की उपस्थिति तथा स्वपोषण की क्षमता।

  • कार्ल वोस ने अपने वर्गीकरण में मोनेरा जगत को आर्कबैक्टीरिया और यूबैक्टीरिया में बाँट दिया।

  • पुन: विभिन्न स्तरों पर जीवों को उपसमूहों में वर्गीकृत किया गया है।

3 फंजाई (कवक) जगत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इस जगत के जीव मृतजीवी होते हैं।

  • इस जगत की कुछ प्रजातियाँ साइनोबैक्टीरिया के साथ सहजीवी संबंध दर्शाती हैं।

  • फंजाई में उपस्थित कोशिकाभित्ति काइटिन की बनी होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (द)

व्याख्या: उपर्युक्त सभी कथन सही हैं।

  • फंजाई विषमपोषी यूकैरियोटी जीव हैं। ये पोषण के लिये सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों पर निर्भर रहते हैं, इसलिये इन्हें मृतजीवी कहा जाता है।

  • इनमें कई अपने जीवन की विशेष अवस्था में बहुकोशिक क्षमता प्राप्त कर लेते हैं।

  • कवकों की कुछ प्रजातियां नील -हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया) के साथ स्थायी अंतसंबंध बनाती हैं, जिसे सहजीवित कहते हैं। ऐसे सहजीवी जीवों को लाइकेन कहा जाता है। ये लाइकेन अवसर पेड़ों की छालों पर रंगीन धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं।

  • फंजाई में काइटिन नामक जटिल शर्करा की बनी हुई कोशिका भित्ति पाई जाती है।

  • यीस्ट, मशरूम, एस्पर्जिलस, पेनिसिलियम तथा एगेरिकस फंजाई जगत के कुछ उदाहरण हैं।

4 निम्नलिखित पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ मत्स्य

  • स्तनपायी

  • सरीसृप

  • पक्षी

  • जल-स्थलचर

उपर्युक्त में से कौन-से वर्टीब्रेटा (कशेरुकी) फाइलम के हिस्से हैं?

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिये:

अ) केवल 1, 2 ओर 3

ब) केवल 2, 3 और 4

स) केवल 3, 4 और 5

द) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर : (द)

व्याख्या: वर्टीब्रेटा (कशेरुकी) वर्ग को पुन: 5 वर्गों में विभाजित किया गया है। इसमें मत्स्य, जल-स्थलचर, सरीसृप, पक्षी तथा स्तनपायी सम्मिलित हैं।

5 पक्षी और स्तनपायी जंतुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ ये दोनों समतापी जीव हैं।

  • इनमें चारकक्षीय हृदय पाया जाता है।

  • इनमें श्वसन के लिये फेफड़े होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (द)

व्याख्या: उपर्युक्त सभी कथन सही है।

  • पक्षी और स्तनपायी दोनों वर्टीब्रेटा वर्ग के अंतर्गत आते है। पक्षी समतापी हैं। इनका हृदय चार कक्षीय होता है। इनके दो जोड़ी पैर होते हैं। इनमें आगे वाले दो पैर उड़ने के लिये पंखों में परिवर्तित हो जाते हैं। शरीर परों से ढका होता है। श्वसन फेफड़ों से होता है। इस वर्ग में सभी पक्षियों को रखा गया है।

  • स्तनपायी भी समतापी प्राणी हैं। इनका हृदय चारकक्षीय होता है। इस वर्ग के सभी जंतुओं में नवजात के पोषण के लिये दुग्ध ग्रंथियाँ पाई जाती हैं। इनकी त्वचा पर बाल, स्वेद और तेल गंथियाँ होती हैं। ये शिशुओं को जन्म देते हैं, हालांकि इकिड्‌ना और प्लेटिपस (डक बिल्ड प्लेटिपस) जैसे कुछ जंतु अपवाद स्वरूप अंडे भी देते हैं।

  • कंगारू जैसे कुछ स्तनपायियों में अविकसित बच्चे मार्सूपियम नामक थैली में तब तक लटके रहते हैं जब तक कि उनका पूर्ण विकास नहीं हो जाता है। चमगादड़, बिल्ली और चूहा भी इसी वर्ग में आते हैं।

6 अनुवांशिकता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ डी.एन.ए. मुख्यत: कोशिकाओं के साइटोसॉल में होता है।

  • आर.एन.ए. कोशिकाओं के केन्द्रक में होता है।

  • माइटोकॉन्ड्रिया में अनुवांशिक पदार्थ उपस्थित होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं।

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (अ)

  • डी.एन.ए. कोशिकाओं के केन्द्रक में होता है। अत: कथन 1 गलत है।

  • आर.एन.ए. मुख्यत: कोशिकाओं के साइटोसॉल में होता है। अत: कथन 2 गलत है।

  • माइटोकॉन्ड्रिया में अनुवांशिक पदार्थ उपस्थित होता है। अत: कथन 3 सही है।

7 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ जीवों में पंख और आँख दोनों ही एक व्यापक अनुकूलन का परिणाम हैं।

अलग-अलग जीवों में आँखों की संरचना भी अलग-अलग होती है, जिसका मुख्य कारण उनकी अलग-अलग विकासीय उत्पत्ति हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपर्युक्त दोनों कथन सही है।

  • जीवों में पंख और आँख दोनों ही एक व्यापक अनुकूलन का परिणाम हैं।

  • अलग-अलग जीवों (जैसे-कीट, ऑक्टोपस व कशेरुकी जीव) में आँखों की संरचना भी अलग-अलग होती है, जिसका मुख्य कारण उनकी अलग-अलग विकासीय उत्पत्ति है। जीवों में पंख जो संभवत: ठंडे मौसम में ऊष्पारोधन के लिये विकसित हुए थे, धीरे-धीरे उड़ने के लिये भी उपयोगी हो गए, जो कि एक व्यापक अनुकूलन का उदाहरण है। पंख के समान ही आँख भी जीवों में एक व्यापक अनुकूलन का परिणाम है।

8 निमनलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ कुछ प्राणियों में लिंग निर्धारण निषेचित अंडे (युग्मक) के ऊष्मायन ताप पर निर्भर करता है।

दूसरी पीढ़ी में पहली पीढ़ी से विविधता अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन से अधिक होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपर्युक्त दोनों कथन सही है।

  • कुछ स्पीशीज पूर्ण रूप से पर्यावरण पर निर्भर करते हैं। इसलिये कुछ प्राणियों में लिंग निर्धारण निषेचित अंडे (युग्मक) के ऊष्मायन ताप पर निर्भर करते हैं कि संतति नर होगी या मादा। घोंघे जैसे कुछ प्राणी अपना लिंग बदल सकते हैं जिससे यह पता चलता है कि घोंघे में लिंग का निर्धारण आनुवंशिक नहीं होता है।

  • दूसरी पीढ़ी में पहली पीढ़ी से विविधता अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन से अधिक होती हे। जनन के समय उत्पन्न विभिन्नताएं वंशानुगत हो सकती हैं। इन विभिन्नताओं के कारण जीव की उत्तरजीविता में वृद्धि हो सकती है।

9 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन ने ’प्राकृतिक वरण दव्ारा जैव विकास’ का सिद्धांत दिया।

मेंडल का सिद्धांत बताता है कि पृथ्वी पर सरल जीवों से जटिल स्वरूप वाले जीवों का विकास किस प्रकार हुआ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन ने ’प्राकृतिक वरण दव्ारा जैव विकास’ का सिद्धांत दिया। अत: कथन 1 सही है।

  • डार्विन का सिद्धांत बताता है कि पृथ्वी पर सरल जीवों से जटिल स्वरूप वाले जीवों का विकास किस प्रकार हुआ जबकि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में लक्षणों की वंशानुगति की कार्य विधि की जानकारी मेंडल के प्रयोगों से मिलती है। अत: कथन 2 गलत है।

10 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ फॉसिल (जीवाश्म) डेटिंग (काल-निर्धारण) के अंतर्गत जीवाश्म में पाए जाने वाले किसी एक तत्त्व के विभिन्न समस्थानिकों के अनुपात के आधार पर जीवाश्म का समय निर्धारण किया जाता है।

कोशिका विभाजन के समय डी.एन.ए. में परिवर्तन से प्रोटीन (एक पोषक तत्व) में कोई परिवर्तन नहीं आता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • जीवाश्म के समय निर्धारण दो घटक हैं- पहला किसी स्थान की खुदाई करने पर वहाँ प्राप्त होने वाले जीवाश्म के अलग-अलग स्तरों के आधार पर तथा दूसरा फॉसिल डेटिंग के आधार पर। फॉसिल डेटिंग के अंतर्गत जीवाश्म में पाए जाने वाले किसी एक तत्त्व के विभिन्न समस्थानिकों के अनुपात के आधार पर जीवाश्म का समय निर्धारण किया जाता है। अत: कथन 1 सही है।

  • कोशिका विभाजन के समय डी.एन.ए. में परिवर्तन से प्रोटीन में भी परिवर्तन आता है जो कि उत्तरोत्तर पीढ़ियों में संचित होता जाता है। यह परिवर्तन किस समय हुआ, आण्विक जातिवृत्त यही बताता है। आण्विक जातिवृत्ति जीवों में विकासीय संबंधों को खोजने का एक अध्ययन है। अत: कथन 2 गलत है।

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