कनाडा का भूगोल (Geography of Canada) Part 2 for Bank Clerical

Glide to success with Doorsteptutor material for UGC : Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 146K)

फिजिकिल ऐसपेक्ट (भौतिक स्वरूप)-

कनाडा अति प्राचीन संरचना का देश है। अत: इसे कैनेडियन शील्ड अथवा लौरेन्शिन शील्ड भी कहा जाता है। यह मुख्यत प्री कॉमबेरियन चटवित रुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्र्‌ुरुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्रुरू टानों दव्ारा निर्मित है। यह भी पैन्जिया का अंश था तथा अंगारालैंड में था। कैनिडियन शील्ड एकमात्र अपरदित पठार है, जिसकी सतह अपरदित मैदान सा हैं।

अंतम हिमानी युग (प्लीस्टोसीन) में संपूर्ण कनाडा हिम के अंदर था। कनाडा के हिमाच्छादन का महत्वपूर्ण प्रभाव था-

  • टील प्लेन (योजना)

  • ऐरोसिलन सरफेश

  • लेक (झील)

झीलों का निर्माण प्लीस्टोसीन काल में हिमानी के आगे पीछे होने से हुआ है। कनाडा के पश्चिम में टेढी-मेढ़ी हिम रेखा है। इसके पश्चिमी तटीय क्षेत्र में अल्पानून भूसंचलन का प्रभाव है, जिससे रॉकीज पर्वत श्रृंखला का निर्माण हुआ हैं। कनाडा में चार प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएँ हैं-

  • ब्रूक्स रेंज (क्षेत्र)

  • अलास्का रेंज

  • ऐंडीकॉट

  • मैकेन्जी रेंज

कनाडा का सर्वोच्च शिखर है- माउन्ट (पर्वत) लोगेन जो मैकेन्जी श्रृंखला में अव्यस्थित है।

देश के प्रमुख झीलों का उत्तर से दशिण में क्रम हैं-

  • ग्रेट बीयर (सप्तऋषि)

  • ग्रेट सोल्व-इसमें मैकेनजी नदी निकलती है। Peace R. गिरती है।

  • अल्थाबेस्का-इसके उत्तर में यूरेनियम मिलता है।

  • रेनडियर-

  • एल. वेनीपिग-इसमेें सस्केचवान नदी गिरती है।

  • एल. मोनीतोबा-

Developed by: