यू एस ए का भूगोल (Geography of USA) Part 3 for Bank Clerical

Get unlimited access to the best preparation resource for UGC : Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 190K)

फिजिकिल ऐसपेक्ट (भौतिक स्वरूप)-

इसका मानचित्र बोन प्रक्षेप पर अच्छा बनता है। संरचना और स्थलाकृतिक विशेषताओं की दृष्टि से हम इसे चार भागों में बांटते हैं-

अप्लेशियन प्रदेश- कैनेडियन शील्ड के बाद उत्तरी अमेरिका का सबसे प्राचीन भू-भाग अप्लेशियन ही है। यह पश्चिमी कला का बना अत्यंत प्राचीन मोड़दार पर्वत है, जो आज कट घिसकर बहुत कम ऊँचा रह गया है। इसका विस्तार महादेश के पूर्वी भाग में न्यूफाउंडलैंड से लेकर अलाबामा राज्य तक है। यह बहुचक्रीय अपरदन का क्षेत्र है।

अप्लेशियन पर्वत की एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि यहाँ सुनिश्चित विकास पाया जाता है और इसके मोड़ एकनत है। इसकी लंबाई 3200 कि.मी. और चौड़ाई 80 से 200 कि.मी. तक हैं।

हउसन मोहावक मार्ग दव्ारा यह संपूर्ण क्षेत्र दो भागों में विभक्त है-

  • उत्तरी अप्लेशियन-यह मुख्यत पठारी भाग है। इसे प्राय: ’न्यू इंग्लैंड की पहाड़ियाँ’ या वर्कशायर की पहाड़ियाँ कहकर पुकारते है। ये पहाड़ियां कनाडा के न्यू ब्रांसलिक ओर नोवा स्कोशिया से लेकर न्यू फाउंडलैंड तक एकाकी पहाड़ियों के रूप में मिलती है जिन्हे मोनैडनॉक कहते हैं। नदियां दव्ारा ये एक-दूसरे से अलग और श्रृंखलाबद्ध नहीं है। इनमें प्रमुख पहाड़ियां है-

  • शिकशॉक मिन्स (तात्पर्य)

  • नॉटरडेम मिन्स

  • कैलिडोनिया मिन्स

  • लौंग (लंबा) रेंज (क्षेत्र) ऑफ (के) न्यू फाउंडलैंड

  • वाइट (सफेद) मिन्स ऑफ (का) हेमस्पेयर (गोलार्द्ध)

  • ग्रीन (हरा) मिन्स ऑफ (का) वेरमाउंट

  • टैकोनिक रेंज

  • एडिरॉनडैक मिन्स ऑफ नार्थन (उत्तरी) न्यूयॉर्क

ये सभी पहाड़़ों के अवशेष रिलिक्ट (अवशेष) माउन्टेन (पर्वत) हैं।

  • दक्षिणी अप्लेशियन- इसका विस्तार हडसन घाटी से लेकर दक्षिण में अलाबामा राज्य तक है। पश्चिम से पूर्व तक इसमें चार प्रकार की भूआकृतियाँ दिखाई पड़ती हैं-

  • अप्लेशियन पठार- पश्चिम में यह पठार धीरे-धीरे मिसीसीपी के मैदान में मिल जाता है। अलगेनी पठार और कंबरलैंड पठार जो क्रमश: उत्तर और दक्षिण में स्थित हैं, इसके अलग-अलग नाम हैं। अलगेनी नदी इसके बीच से गुजरती है। अलगेनी के उत्तर में कटस्कील्स है।

  • नवीन अप्लेशियन क्षेत्र- इस क्षेत्र में कई रिज तथा वृहत घाटियांँ मिलती हैं। इन घाटियों में उपजाऊ मिटिवित रुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्र्‌ुरुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्रुरू टयाँ मिलती है। इसमें कपास, मकई और तंबाकू की उपज ली जाती है।

  • प्राचीन अप्लेशिय क्षेत्र- इसकी पश्चिमी सीमा पर ब्लू रिज श्रेणी है, जिसमें ग्रेट स्मोकी पर्वत है। अप्लेशियन का सर्वोच्च शिखर ’माइकेल’ 2047 मीटर इसी में है। यह पर्वत गुम्बदाकार है। पूर्व की ओर यह क्षेत्र क्रमश: अपरदित होकर ढालू होता गया है और इसे पीडमौंट कहते हैं।

  • प्रपात रेखा- पीडमौंट जहां पूर्वी तटीय मैदान से मिलता हैं, ढाल में अचनाक परिवर्तन आ जाता है और नदियां वहां प्रपात बनाती है। उत्तर पूर्व से दक्षिण पश्चिम तक प्रपात बनाने वाले ऐसे स्थान एक सीध में आते है और यह प्रपात रेखा के नाम से जाना जाता है।

different types of appalachian

Profile of Appalachian

Developed by: