चीन का भूगोल (Geography of China) Part 6 for Bank Clerical

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अपवाह तंत्र-

  • ह्यांगहो नदी- यह कुतलुन पर्वत की सारिंग नौर तथा औरिंग नौर झीलों से निकलकर कान्शु प्रांत में बहती हुई शेन्सी, शान्सी होपे से बहती हुई चीन सागर की चिहला खाड़ी में गिरती है। वीहो इसकी सबसे बड़ी सहायक नदी है। (4845 कि.मी. होवांग हो)

  • यांगटिसीक्यांग नदी- यह तिब्बत के पठार की तंगला श्रेणी से निकलकर सेचवान, यूनान, हुये, आहवेई प्रातों में बहती हुई चीन सागर में गिरती है। हैंकाऊ से मुहाने तक नौगम्य है। (5557 कि.मी.)

  • सीक्यांग नदी- यह नदी बेसिन चावल की कृषि हेतु प्रसिद्ध है। मुहाने से वुयाऊ तक नोंगम्य है। (2655 कि.मी.)

  • तारिम नदी-2400 कि.मी.

  • आमूर नदी- चीन और रुस के बीच सीमा बनाती है।

  • यालू नदी- चीन और उ. कोरिया के बीच सीमा बनाती है।

  • बेलियम नदी- वियतनाम के साथ सीमा बनाती है।

  • टेसनगपो (tasongpo) नदी- ब्रह्यपुत्र नदी है।

जलवायु-

चीन की जलवायु पर समुद्र तथा महादव्ीपीय दोनों का प्रभाव हैं। यहाँ की जलवायु पर मानसूनी जलवायु तथा तिब्बत तुल्य जलवायु देखने को मिलती है। यहाँ की जलवायु में मुख्यत: दो ऋतुएँ शीत ऋतु तथा ग्रीष्म ऋतु मिलती हैं-

  • ग्रीष्म ऋतु- ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लंब रूप में पड़ती हैं। चीन में भी इस ऋतु में भीषण गर्मी पड़ती है। औसत तापमान 290 c रहता है। यह ऋतु अप्रैल से सितंबर तक रहती है। अधिकतम तापमान जुलाई के महीने में तुरफान नगर में मिलता है जहां यह 460 c तक पहुँच जाता है। इस ऋतु में तेज गर्म हवाएँ तथा लू चलती हैं। पेकिंग का तापमान 270 c के लगभग रहता है।

  • शीत ऋतु-शीत ऋतु में मध्य एशिया के गोबी के मरुस्थल पर उच्च भार का केन्द्र स्थापित हो जाता है, जिसके फलस्वरूप शुष्क एवं ठंडी हवाएँ स्थल से समुद्र की ओर चलती है। इस ऋतु में उत्तरी चीन में औसत तापमान -120 c मिलता है। मध्य चीन में औसत तापमान 240 c मिलता है। समस्त उत्तरी तथा मध्य चीन में बर्फ जम जाती है। तुरफान में -100 c पीकिंग में-4 c ., मंचूरिया के हार्विन में -220 c तापमान मिलता है। दक्षिणी चीन में औसत तापमान 80 c मिलता है।

वर्षा-

चीन में होने वाली वर्षा का 93 प्रतिशत भाग ग्रीष्म ऋतु में प्राप्त होता है। ग्रीष्म ऋतु में हवाएँ चीन में समुद्र से स्थल की ओर चलती है, जिससे वर्षा होती है। चीन में वर्षा का वार्षिक औसत 10 से.मी-200 से.मी तक है। सबसे अधिक वर्षा ग्रीष्मकालीन मानसून से दक्षिणी -पूर्वी चीन में होती है। सीक्यांग नदी घाटी तथा यून्नान पठार का ढाल भी अधिक वर्षा प्राप्त करता है। यहाँ वर्षा का औसत 200 से.मी है। मध्य चीन में वर्षा का औसत 75 से.मी. है और उत्तरी-चीन में वर्षा का औसत केवल 55 से.मी है।

चीन के दक्षिणी-पूर्वी तटीय भागों में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाले चक्रवात सबसे अधिक वर्षा करते हैं। ये चक्रवात ’टाइफ्रून’ (तूफान) के नाम से विख्यात है। इनके चलने की गति 250 कि.मी/H तक होती है। ये इन तटीय भागों में घनघोर वर्षा करते हैं और यही कारण है कि चीन का दक्षिणी-पूर्वी भाग सबसे अधिक वर्षा प्राप्त करता है। शीत ऋतु में मध्य एशिया से चलने वाले प्रति चक्रवात उत्तरी तथा मध्य चीन में कहीं-कहीं बर्फ के रूप में वर्षा करते है।

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