ब्रिटिश प्रशासक एवं उनकी नीतियाँ (British Administrators and Their Policies) Part 6 for Bank Clerical

Doorsteptutor material for UGC is prepared by world's top subject experts: Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 148K)

प्रमुख विचार

  • मैं केवल इतना ही कहूंगा कि स्वेच्छाचारी शासन, भ्रांति घुसखोरी, भ्रष्टाचार और जबरन धन खसोटने का ऐसा दृश्य बंगाल के अलावा किसी भी अन्य देश में कभी देखा सुना नहीं गया।

-क्लाइव

  • उसके थोड़े से दोष जहां तक वे वास्तव में दोष थे, उस राजनीतिज्ञ के दोष थे जिस पर सहसा ही संकट आ पड़ा हो तथा जिस पर इतनी कठिन उलझने आ पड़ी हो कि कभी-कभी मानवीय समझ में भूल चुक हो जानी आवश्यक ही थी।

-वी.ए. स्मीथ (हेंस्टिंग्स के बारे में)

  • हमने अपने शत्रु को प्रभावशाली ढंग से पंगु बना दिया है तथा अपने साथियों को भी शक्तिशाली नहीं बनने दिया।

-कार्नवालिस (मेंसूर युद्ध के बारे में)

  • भारत हमारे साम्राज्य का केन्द्र है। यदि साम्राज्य अपने कोई अन्य भाग खो बैठता है तो हम जीवित रह सकते हैं परन्तु यदि हम भारत खो बैठे तो हमारे देश के साम्राज्य का सूर्य अस्त हो जाएगा।

-कर्जन

  • इसी प्रकार केन्द्रीयकरण, वही व्यक्तिगत राज, वही दृढ़ निश्चिय, वही कर्तव्यपरायणता, वहीं कार्यशक्ति और कार्यक्षमता, वही अकेले पन की भावना, वहीं अविश्वास और दमनकारी नीतियां जिसके फलस्वरूप चारों ओर निराशा की भावना।

-गोखले (कर्जन के बारे में)

  • अब समय आ गया है और हमें अपनी योजना कार्यान्वित करने का कार्यक्रम निश्चित करना चाहिए, न केवल कि हमारे सुधार क्या होंगे अपितु यह भी है कि ये कब और इन्हें कैसे लागू करना होगा।

-मिन्टो

  • मैं समझता हूं कि हमारी नीति में कहीं भी यह बात नहीं कि भारतीयों को निमंत्रण सौंपने की गति को अनावश्यक रूप से उस गति की तुलना में बढ़ाया जाए, जिसे हम, दीर्घकालीन दृष्टि से, भारत को साम्राज्य से जोड़े रखने के लिए सर्वोत्तम समझते हैं।

-लिननिथगो

Developed by: