Recording Term, Hot Events, Dada Saheb Phalke Award, IRNSS ID, Indian Regional Navigational Satellite System

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रिकरिंग टर्म (Recording Term)

सेबी मुनि बांड

  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने 22 मार्च 2015 को म्यूनिसिपल बांडस श्रेणी के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए, जिससे केन्द्र सरकार की ’स्मार्ट -सिटी’ योजना को मदद मिलेगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने म्यूनिसिपल ब्रांडस या मूनी बांडो के बारे में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए। इन ब्रांडो को देश की नगरपालिकाओं दव्ारा जारी किया जा सकेगा तथा इन्हें अन्य प्रतिभूतियों की तरह से शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जा सकेगा।

  • माना जा रहा है इससे ’स्मार्ट -सिटी’ योजना को काफी प्रोत्साहन मिलेगा क्योंकि स्मार्ट सिटी बनाने के इच्छुक नगर इन ब्रांड्‌स के माध्यम से अपने लिए अपेक्षित वित्तीय संसाधन जुटा सकेंगे। लेकिन ऐसे ब्रांडों को जारी करने के लिए नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने म्यूनिसिपल ब्रांडस के संबंध में अपना मसौदा-पत्र दिसंबर 2014 में जारी किया था और इस संबंध में संबद्ध पक्षों की टिप्पणियाँ 30 जनवरी 2015 तक स्वीकार की थी। इसके बाद अब इन दिशानिर्देशों को जारी किया गया।

  • म्यूनिसिपल ब्रांड्‌स अमेरिका जैसे विकसित देशों में निवेशकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में लगभग 500 अरब डॉलर धन ऐसे बांडों के निर्गम से प्राप्त किया गया है तथा खुदरा निवेशक इनके प्रति बेहद आकर्षित रहते हैं।

गरीबों को सहारा दे रहा “JAM Number”:

  • सरकार की ओर से शुरू किया गया जेम नंबर गरीब परिवारों को सहारा देने में कारगर उपाय साबित हो रहा है। सीधे गरीबों तक उनका हक पहुँचाने में कामयाब हो रहा JAM Number ये भविष्य का समृद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

  • ऐसा ही कुछ आशय है आर्थिक सर्वे 2014-15 का। सर्वे में तीन चीजों को मिलाकर जेम नंबर का नाम दिया गया है। इसमें शामिल ये तीन चीजें हैं-जन धन योजना, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर्स।

  • सर्वे में कहा गया है कि हाल ही में केश ट्रांसफर को लेकर किए गए अध्ययन में पाया गया कि अगर केश ट्रांसफर को सही तरीके से टार्गेट किया जाए, तो इससे परिवारों का उपभोग और संपत्ति स्वामित्व बढ़ेगा और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी परेशानियांँ और लीकेज खत्म होगा।

आधार कार्ड

दिसंबर 2013 तक 720 मिलियन नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जा चुका है। दिसंबर 2015 तक यह संख्या 1 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। इनकम को ट्रांसफर करने में आधार कार्ड नंबर को बैंक से जोड़ना एक मुख्य कड़ी का काम करेगा।

जन धन योजना

मोदी सरकार की जन धन योजना के शुरू होने से बैंक खातों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है और इसके बढ़ने की संभावनाएँ अभी और हैं। गरीब लोग को सब्सिडी सीधे उनके पास पहुँचाने में जन धन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।

मोबाइल फोन

देश में 900 मिलियन से ज्यादा मोबाइल फोन यूजर्स और 600 मिलियन से ज्यादा यूनिक यूजर्स के चलते मोबाइल फोन भी मनी ट्रांसफर का एक अहम जरिया उभरा है। सर्वे के अनुसार देश की बड़ी जनसंख्या तक सीधे लाभ पहुँचाने में मोबाइल फोन्स ने भी बड़ी भूमिका निभाई है और यह संख्या 2.82 मिलियन प्रति माह की दर से बढ़ रही है।

टाटा संस के सेवानिवृत्त अध्यक्ष एवं उद्योगपति रतन टाटा भारतीय रेल के नवाचार परिषद ’कायाकल्प’ के अध्यक्ष नियुक्त किये गये।

भारत सरकार के रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने भारतीय रेले के नवाचार परिषद ’कायाकल्प’ परिषद का 19 मार्च 2015 को गठन किया।

’कायाकल्प’ परिषद का उद्देश्य

इस परिषद का उद्देश्य भारतीय रेलवे में सुधार, व्यापक बदलाव और उसकी बेहतरी के लिए अनूठे तरीके एवं प्रक्रियाएंँ सुझाना एवं भारतीय रेलवे में आधुनिकीकरण करने के लिये सुझाव देना है।

’कायाकल्प’ परिषद का गठन

यह परिषद सथायी निकाय होगी। अध्यक्ष के अलावा इस परिषद में अखिल भारतीय रेलकर्मी संघ (ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन, एआईआरएफ) के महासचिव गोपाल मिश्रा और राष्ट्रीय भारतीय रेलकर्मी संघ (नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे, एनएफआईआर) के महासचिव डॉ. एम. राघावैय्या भी आरंभ में इसके सदस्य के तौर पर रहेंगे।

’कायाकल्प’ परिषद का कार्य

  • ’कायाकल्प’ परिषद सभी हितधारकों एवं अन्य इच्छुक पक्षों से सलाह -मशविरा करेगी। यह रेलवे में निवेश आकर्षित करने के लिए आवश्यक बदलावों की रूपरेखा तैयार करेगी और इसे एक नया चेहरा प्रदान करने के लिए सुझाव देगी।

  • विदित हो इस परिषद के गठन के संदर्भ में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 26 फरवरी 2015 को संसद में रेल बजट 2015-16 पेश करते हुए घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, ”हर गतिशील संगठन को अनूठे उपाय करके अपने कामकाज के तौर-तरीकों में व्यापक बदलाव लाने चाहिए। नवाचार, तकनीकी विकास एवं विनिर्माण के लिए माननीय प्रधानमंत्री के विजन को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ’कायाकल्प’ के नाम से एक नवाचार परिषद के गठन का इरादा व्यक्त करती है, ताकि उसके कामकाज में नए सिरे से बदलाव आए और रेलवे में अनूठे उपाय अपनाने की भावना पैदा हो।”

लॉन्च हुआ ’ट्‌विटर संवाद’, SMS से मिलेंगे बड़े नेताओं और सरकार के ट्‌वीट

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के ट्‌वीट के साथ साथ कुछ सरकारी विभागों के ट्‌विटर पर जारी संदेश अब एसएमएस के जरिए मोबाइल उपभोक्ताओं को नि:शुल्क उपलब्ध होंगे। यह काम नई सेवा ’ट्‌विटर संवाद’ के शुरू होने से संभव हो सका है। यह पहल सरकार के डिजिटिल इंडिया अभियान के तहत की गई है।

  • ट्‌विटर के वैश्विक सीईओ डिक कॉस्टोलो ने इस सेवा की शुरूआत की। कॉस्टोलो भारत की अपनी पहली यात्रा पर थे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की जिसमें उन्होंने आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में चर्चा की।

  • ’ट्‌विटर संवाद’ सेवा के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्‌वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्‌वीट कर कहा ”आओ अपना संपर्क और मजबूत करें। 011 3006 3006 पर मिस्ड कॉल करें और मेरे ट्‌वीट एमएमएस के जरिए अपने मोबाइल पर पाएं”। इस माइको-ब्लॉगिग नेटवर्क ने कहा है कि यह नई सेवा पहले ही 16-ट्‌विटर हैंडल में आ गई है। इसमें मोदी के अलावा विदेश मंत्रालय, बेंगलुरु सिटी पुलिस और गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों के ट्‌वीट शामिल हैं।

चर्चित घटनाक्रम (Hot Events)

प्रधानमंत्री ने बहुउद्देशीय और मल्टी प्लेटफार्म ’प्रगति’ पोर्टल लॉन्च किया

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बहुउद्देशीय और मल्टी मॉडल प्लेटफार्म ’प्रगति’ (प्रो एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन) का 25 मार्च 2015 को शुभारंभ किया। प्रो एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (PRAGATI or Pro-Active Governance and Timely Implementation प्रगति) पोर्टल ने प्रधानमंत्री कार्यालय के मौजूदा पब्लिक वेब इंटरफेस का स्थान लिया।

  • इससे लोगों की शिकायतों के समाधान तथा केन्द्र और राज्यों की प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं की निगरानी तथा समीक्षा हो सकेगी। इस अवसर पर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा विश्व भारत की तरफ उत्सुकता से देख रहा है इसलिए प्रशासन को अधिक दक्ष और जिम्मेदार बनाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने प्रगति पर पहले संवाद में बेमौसम बारिश और किसानों को राहत, जन शिकायत और स्वच्छ भारत जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

  • परियोजनाओं के कार्यान्वयन तथा निगरानी और शिकायतों के तेजी से निपटान के लिए राज्य के मुख्य सचिवों और केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ की जाने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह पहली मासिक कांफ्रेस है।

उद्देश्य

इसका उद्देश्य आम जन की शिकायतों का समाधान करना और साथ-साथ भारत सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम और परियोजनाओं तथा राज्य सरकार के परियोजनाओं की निगरानी और समीक्षा करना है।

प्रगति क्या है?

  • प्रगति प्लेटफॉर्म अनूठे तरीके से तीन नवीनतम टेक्नोलोजी को जोड़ता है। यह डिजिटल डाटा मैनेजमेंट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा भू- आकाशीय टेक्नोलोजी है। यह प्लेटफॉर्म सरकारी संघवाद दिशा में काम करते हुए भारत सरकार के सचिवों तथा राज्यों के मुख्य सचिवों को एक स्थान पर लाता है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसी विषय पर संबंध केंद्रीय तथा राज्य के अधिकारियों से पूरी सूचना ले सकते है। ग्राउंड स्तर पर स्थिति का विजुअल भी मिलेगा। भारत में इस तरह का प्रयास कभी नही किया गया। यह ई- गवर्नेंस तथा सुशासन में अभिनवकारी परियोजना है।

  • प्रगति की एक अंतर्निहित विशेषता यह है कि सभी निर्देश सिस्टम में मौजूद रहेंगे, ताकी आगे की कार्यवाही हो सके। अंतिम रूप से सुलझाए जाने तक मामले सिस्टम में मौजूद रहेंगे।

प्रगति एप्लीकेशन की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:-

  • यह तीन स्तरीय (पीएमओ, केन्द्र सरकार के सचिवों तथा राज्यों के मुख्य सचिवों) प्रणाली हैं।

  • प्रधानमंत्री मासिक कार्यक्रम में डाटा तथा भू-सूचना विज्ञान विजूअल संपन्न वीडियो कॉफ्रेंसिग के जरिए भारत सरकार के सचिवों तथा राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ संवाद करेंगे।

  • ऐसा पहला कार्यक्रम 25 मार्च 2015 बुधवार को अपराह्न 3:30 बजे हुआ।

  • आगे से यह कार्यक्रम प्रत्येक महीने के चौथे बुधवार को अपराह्न 3:30 बजे होगा। इसे प्रगति दिवस कहा जाएगा।

  • प्रधानमंत्री के समक्ष लोक शिकायत, चालू कार्यक्रम तथा लंबित परियोजनाओं से संबंधित मामले उपलब्ध डाटाबेस से आएंगे।

  • यह प्रणाली शिकायतों, परियोजना निगरानी ग्रुप (पीएमजी) तथा सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के लिए सीपीजीआरएएमएस डाटाबेस को मजबूती देगी।

  • प्रगति इन सभी तीन पक्षों को मंच प्रदान करती है।

  • उठाए जाने वाले मामले प्रगति दिवस यानी प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार से सात दिन पहले अपलोड किए जाते है।

  • ऐप्लीकेशन के उपयोग के साथ ही केन्द्र सरकार के विभिन्न सचिव तथा राज्यों के मुख्य सचिव मामलों को देख सकते है।

  • केन्द्र सरकार के प्रत्येक सचिव तथा राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए यूजर आईडी तथा पासवर्ड बना दिए गए हैं तथा उपलब्ध भी करा दिए गए हैं।

  • केन्द्र सरकार के सचिव तथा राज्यों के मुख्य सचिव अपने विभाग/राज्य से संबधित विषय को देख सकेंगे।

  • केन्द्र सरकार के विभिन्न सचिवों तथा राज्यों के मुख्य सचिवों को मामला समक्ष आने के तीन दिन के अंदर यानी अगले सोमवार को मामले पर अपनी राय और ताजा कार्रवाई की जानकारी देनी होगी।

  • एक दिन पूर्व यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए उपलब्ध होगा ताकि केन्द्र सरकार के सचिवों तथा राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों दव्ारा भरे गए डाटा की समीक्षा की जा सके।

इसरो ने देश के नेवीगेशनल उपग्रह समूह के चौथे उपग्रह आईआरएनएसएस 1 डी को श्रीहरिकोट से प्रक्षेपित किया।

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने नेवीगेशनल उपग्रह समूह के चौथे उपग्रह आईआरएनएसएस 1 डी (IRNSS ID, Indian Regional navigational satellite System) को आंध्र प्रदेश में स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी 27 (Polar Satellite Vehicle C 27 PSLV-C 27) के दव्ारा 28 मार्च 2015 को प्रक्षेपित किया।

  • आईआरएनएसएस 1 डी को पीएसएलवी-सी 27 एसएचएआर रेंज के पहले लांच पैड से 5 बजकर 19 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया और प्रक्षेपण के 21 मिनट बाद प्रक्षेपण यान ने सफलतापूर्वक उपग्रह को पृथ्वी की लक्षित कक्षा में स्थापित कर दिया।

  • इस उपग्रह का वजन 1425 किलोग्राम है और इसका कार्यकाल 10 वर्ष है। आईआरएनएसएस 1 डी दक्षिण एशिया पर लक्षिति होगा और इसे देश के साथ ही उसकी सीमा से 1500 किलोमीटर तक के उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थिति की सूचना मुहैया कराने के लिए डिजाइन किया गया। इसके जरिये स्थलीय और समुद्री नेविगेशन, आपदा प्रबंधन, वाहन ट्रैकिंग और बेड़ा प्रबंधन, पर्वतारोहियों और यात्रियों के लिए दिशा सूचक सहायता तथा गोताखारों के लिए दृश्य एवं वोइस नेविगेशन सुविधा मुहैया करायी जाएगी।

  • आईआरएनएसएस सिस्टम में अंतत: सात उपग्रह शामिल होंगे। यह उपग्रह आईआरएनएसएस श्रृखला के सात उपग्रहों में से चौथा है। एक बार सभी उपग्रह प्रक्षेपित होने के बाद आईआरएनएसएस अमेरिकी जीपीएस नेवीगेशनल प्रणाली के समकक्ष होगा।

  • आईआरएनएसएस सिस्टम में अंतत: सात उपग्रह शामिल होंगे और इसे 1420 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2015 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • इस मिशन में पीएसएलवी के एक्सएल संस्करण का इस्तेमाल किया गया जो कि इस रॉकेट का 28वां सफल प्रक्षेपण था। आईआरएनएसएस श्रृंखला के पहले तीन उपग्रहों का प्रक्षेपण क्रमश: 1 जुलाई 2013, 4 अप्रैल 2014 और 16 अक्टूबर 2014 को किया गया था। चंद्रयान 1, जीसैट 12, रिसैट 1 आईआरएनएसएस 1ए, मार्स आर्बिटर अंतरिक्षयान, आईआरएनएसएस 1बी और आईआरएनएसएस 1 सी के बाद यह आठवीं बार था जब एक्सएल संस्करण का इस्तेमाल किया गया। नेवीगेशनल सिस्टम से दो प्रकार की सेवाएंँ प्राप्त होगी। प्रथम स्टैंडर्ड पोजिशनिंग सर्विस जो सभी उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध करायी जाती है और दूसरी रिसट्रिक्टिड सर्विस जो केवल अधिकृत उपयोगकर्ताओं को ही प्रदान की जाती है।

एशियन इंफ्राक्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक

  • चीन ने अपने नेतृत्व में एशियन इंफ्राक्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) को लॉन्च किया है। यह बैंक अगले साल से काम करना शुरू कर देगा। खास बात यह है कि इसे भारत सहित 20 एशियाई देशों का समर्थन प्राप्त है। इसमें कुल 100 अरब डॉलर का फंड रहेगा। इसमें चीन के बाद भारत की सबसे अधिक हिस्सेदारी होगी। चीन की हिस्सेदारी 50 अरब डॉलर की होगी जबकि भारत की हिस्सेदारी 15 से 20 अरब डॉलर रह सकती है। जानकारों के मुताबिक एशियाई इकॉनामी में चीन के साथ भारत का भी कद बढ़ेगा। जैसा कि आशंका थी अमेरिका समेत अन्य यूरोपीय देशों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। इसके कारण इस बैंक की लॉन्चिंग में ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और साउथ कोरिया नहीं पहुंचे। अमेरिका व यूरोपीय देशों में विरोध एशियन इंफ्राक्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक के इनऑगरेशन होते ही अमेरिका और यूरोपीय देशों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। अमेरिकी दबाव के चलते ऑस्ट्रेेलिया, इंडानेशिया और साउथ कोरिया जैसे देशों ने बैंक की इनऑगरेशन इवेंट में आने से इंकार कर दिया।

  • दरअसल इस बैंक के शुरू होने से वर्ल्ड बैंक पर लोगों की निर्भरता कम होगी। एशियन देश अपनी योजनाओं के लिए इस बैंक का सहारा लेना शुरू करेंगे। इससे विश्व के वित्तीय बाजार में अमेरिका और यूरोपीय देशों का वर्चस्व कम होगा। इसके साथ ही अर्थशास्त्रियों का मत है कि इस बैंक के खुलने से एशियन इकॉनोमी में भारत और चीन का कद बढ़ेगा। अभी साफ नही है कि कैसे काम करेगा बैंक इस बैंक के इनऑगरेशन के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि इस बैंक का कामकाज किस आधार पर होगा। दरअसल बैंक की बागडोर चीन के वाइस फाइनेंस मिनिस्टर को दी गई है। इसके साथ भारत की भूमिका को लेकर अभी तक कोई स्थिति साफ नहीं है।

  • इसलिए एडीबी की तरफ से कहा गया है कि यह देखने लायक बात होगी कि एआईआईबी की स्थिति कितनी साफ होगी। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर भारत लिए यह अच्छी बात है कि एआईआईबी का सर्वाधिक जोर इन्फ्रा प्रोग्राम के लिए ज्यादा से ज्यादा कर्ज देने का होगा। सूत्रों के अनुसार इस बारे में अभी तक जो ड्राफ्ट तैयार हुआ है उसमें कहा गया है कि चीन और भारत को मिलाकर इसके 22 को-फाउंडर देश इस बात पर सहमत है कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को वित्तीय सहायता देने पर ही जोर दिया जाए।

भारतीय रेलवे वे रूपे प्रीपेड कार्ड लॉन्च किया-

  • भारतीय रेलवे ने 24 मार्च 2015 को रूपे प्रीपेड कार्ड का शुभारंभ किया। इस कार्ड का उपयोग रेल यात्रियों दव्ारा टिकट को बुक करने और खरीददारी करने में किया जा सकेगा। यह कार्ड यूनियन बैंक या आईआरसीटीसी से प्राप्त किया जा सकता है। यह रूपे प्री-पेड कार्ड भारतीय रेलवे की पर्यटन और भुगतान शाखा आईआरसीटीसी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से शुरू किया गया है।

  • रूपे भारत का अपना भुगतान गेटवे नेटवर्क है जो बैंकों के डेबिट कार्ड को सेवा प्रदान करने का एक विकल्प प्रदान करता हैं। प्रत्येक टिकट की बुकिंग पर 10 रूपये अतिरिक्त शुल्क लगेगा। हालांकि यह अतिरिक्त शुल्क कटौती का प्रावधान 6 महीनों तक नहीं लागू होगा। कार्ड का प्रारंभिक मूल्य 10,000 निर्धारित किया गया है।

दादा साहब फाल्के पुरस्कार (Dada Saheb Phalke Award)

  • दादा साहब फाल्के पुरस्कार (Dadasaheb Phalke Award) इस पुरस्कार का आरंभ दादा साहब फाल्के के जन्म शताब्दी वर्ष 1969 से हुआ। ’लाइफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड’ के रूप में दिया जाने वाला ’दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ भारत के फिल्म क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक समिति की सिफारिशों पर यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

  • स्थापना : दादा साहब फाल्के पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1969 में भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहब फाल्के की 100वीं जयंती के अवसर पर की गई थी। भारत सरकार दव्ारा यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के संवर्धन और विकास में उल्लेखनीय योगदान करने के लिए दिया जाता है।

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