विश्व व्यापार संगठन डब्ल्यू टी ओ में ौर ऊर्जा को लेकर मतभेद (Differences in solar energy in the WTO Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

· विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यू.टी.ओ) के पैनल (तालिका) ने देश के सौर ई३र्जा कार्यक्रम पर अमेरिका दव्ारा उठाए विवाद में भारत के खिलाफ फैसला दिया है।

· पैनल ने भारत सरकार के प्रोत्साहन नीतियों, खासकर सौर सेल और सौर मॉड्‌यूल (मापदंड) निर्माण के लिए घरेलू सौर कंपनियों को प्रदान की जाने वाली सब्सिडी (सरकार दव्ारा आर्थिक सहायता) बंद करने को कहा है।

कारण

· भारत सरकार दव्ारा लगाया गया सौर कोशिकाओं और सौर मोड्‌युल्स के लिए स्थानीय सामग्री की आवश्यकता-यह घरेलू उत्पाद निर्माताओं से उत्पाद खरीदकर बड़े सौर क्षमता स्थापित करने के लिए कार्यान्वयन एजेंसी (प्रतिनिधि) को प्रति मेगावाट 1 करोड़े रुपये की विऊयीय सहायता की पेशकश करता है।

· विश्व व्यापार संगठन के सदस्य राश्ट्रीय सामग्री आवश्यकताओं को विदेशी उत्पादों के खिलाफ भेदभाव करने पर जोर नहीं दे रहे है। अन्तराश्ट्रीयई उपचार के तहत आयातित एवं घरेलू स्तर पर निर्मित उत्पादों के साथ एक सामान व्यवहार किया जाना चाहिए।

विश्व व्यापार संगठन क्या है?

· विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) वैश्विक स्तर पर देशों के बीच व्यापार के नियमों को बनाने से संबंधित है। विश्व व्यापार संगठन को देखने के कई तरीके हैं। यह व्यापार को उदार बनाने के लिए एक संगठन है। यह व्यापार विवादों को निपटाने वाली संस्था है। यह व्यापार नियमों आदि को संचालित करने वाला एक तंत्र है।

· डब्ल्यूटीओ के वर्तमान समग्र कार्य 1986-1994 के बीच होने वाली वार्ता जिसे उरुग्वे दौर की वार्ता कहा जाता है और पहले जनरल (साधारण) अग्रीमेंट (समझौता) ओन (पर) टैरिफ (कीमत) एंड (और) ट्रेड (व्यापार) (जीएटीटी) वार्ता से आया है। डब्ल्यूटीओं वर्तमान में 2001 के पश्चात ’दोहा विकास एजेंडा’ (कार्यसूची) के तहत नयी वार्ता की मेजवानी कर रहा है।

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