अनिवासी भारतीयों के धन विप्रेषण में गिरावट (NRI remittances in remittances-Economy)

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मुद्दा क्या है?

• भारत का साठ प्रतिशत धन विप्रेषण खाड़ी देशों से आता है।

• तेल की कीमतों में गिरावट से खाड़ी देश सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। अप्रैल में अनिवासी भारतीयों दव्ारा भेजे जाने वाले धन में 87 फीसदी की कमी आई है।

• सबसे बड़ी गिरावट अनिवासी (बाह्य) रूपया खाता वर्ग में देखी गयी है, जो अप्रैल में कम होकर सिर्फ 203 मिलियन (अत्यधिक विशाल मात्रा) डॉलर (फ्रांस आदि की प्रचिलित मुद्रा) रह गया। यह पिछले समान अवधि में 2200 मिलियन डॉलर था।

भारत पर प्रभाव

• स्वस्थ चालू खाता घाटा देश के बाह्य क्षेत्र के लिए जरूरी है और वित्तीय संकट को रोकता है।

• आयात बिल में भारी गिरावट ने भारतीय अर्थव्यस्था को सहारा दिया है।

• मूडीज के अनुसार, विभिन्न देशों में बसे भारतीय श्रमिकों दव्ारा प्रेषित धन से खाड़ी देशों से विप्रेषण में आई कमी संतुलित हो जायेगी।

• इसके अलावा वहाँ श्रमिकों के विविध व्यवसायों में संलग्न होने के कारण, तेल से संबंधित मंदी से धन विप्रेषण में आई कमी के खिलाफ सुरक्षा मिलेगी।

• नकरात्मक प्रभाव:

• देश में कुछ क्षेत्र (जैसे केरल) काफी प्रभावित हुए हैं।

• कई खाड़ी देशों में छंटनी से भारत में बेराजगारी में वृद्धि हुई हैं।

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