वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) का सेबी के साथ विलय (Futures Market Commission Merged With SEBI – Economy)

Get unlimited access to the best preparation resource for competitive exams : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

Download PDF of This Page (Size: 132K)

• विश्वभर में नये नियामक प्राधिकरण बनाने के अपेक्षाकृत प्रचलित चलन के विपरीत, यह दो नियामक निकायों, वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के पूंजी बाजार प्रहरी सेबी के साथ विलय का प्रथम मामला है।

• भारत में जिंस (कमोडिटी) वायदा बाजार की निगरानी अब सेबी दव्ारा की जाएगी। इससे भारत में प्रतिभूति तथा कमोडिटी के लिए एक एकीकृत नियामक व्यवस्था स्थापित होगी।

लाभ

• एक एकीकृत नियामक वित्तीय बाज़ार की विश्वसनीयता में वृद्धि करेगा।

• यह तरलता को भी बढ़ाएगा और मूल्य-खोज प्रक्रिया में भी सुधार लाएगा।

• एक एकीकृत नियामक का स्पॉट (स्थान) कमोडिटी (उपयोगी वस्तु) मार्केट (बाजार) पर लाभकरी प्रभाव हो सकता है। क्योंकि एक एकीकृत नियामक प्रतिभूति बाज़ार में पादरर्शी प्रणाली स्थापित करके स्पॉट कमोडिटी मार्केट को मजबूत बना सकता है।

Developed by: