स्टार्ट-अप (उद्धाटन) इंडिया (भारत) कार्यक्र (Startup India Program Economy)

Glide to success with Doorsteptutor material for CTET-Hindi/Paper-1 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-1.

सुर्ख़ियों में क्यों?

· इस योजना के तहत उद्यमियों को भारत में उद्यम शुरू करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन दिए जाने का प्रस्ताव है।

· स्टार्ट-अप कार्य योजना के अंतर्गत 19 सूत्रीय कार्रवाई की सूची जारी की गई है, जिसमें इनक्यूबेशन (संचयन काल) केंद्रो की स्थापना किये जाने, आसान पेटेंट (एकस्व) आवेदन प्रक्रिया, विभिन्न लाभों पर कर में छूट शामिल है। इसके अतिरिक्त, 10,000 करोड़ रुपये की कॉर्पस (संग्रह) निधि की स्थापना, व्यवसाय की शुरूआत करने में आसानी, सरल निकासी प्रणाली आदि की भी घोशणा की गई है।

इंडियन (भारतीय) स्टार्ट-अप (उद्धाटन) इकोसिस्टम (परिस्थिति विज्ञान)

Startup India
Basis of Startup Economy

स्टार्ट-अप इंडिया कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रावधान हैं

· सीड (बीज) -कैपिटल (पूंजी) इन्वेस्टमेंट (निवेश) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने स्टार्ट-अप में इन्क्यूबेटर (अण्डा सेने का यंत्र) (विशे ″ ा रूप से सहयोगी स्टाफ और उपकरणों के साथ, नए छोटे व्यवसायों के लिए कम किराए पर उपलब्ध एक जगह) के लिए बाजार में प्रचलित मूल्यों के ई३पर कर में छूट प्रदान की है।

· स्टार्ट-अप पर नियामकीय बोझ को कम करने के उई०ेश्य से, उन्हें तीन साल की अवधि के लिए छह श्रम कानूनों और तीन पर्यावरण कानूनों के अनुपालन से छूट दी गई है।

· स्टार्ट-अप को बौद्धिक संपदा अधिकार (आई. पी. आर.) से संबंधित आवेदनों के संदर्भ में मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी।

· स्टार्ट-अप दव्ारा दायर पेटेंट (एकस्व) आवेदन कम कीमत पर शीघ्रता से निपटाए जाएंगे।

· गुणवऊया मानकों या तकनीकी मानकों में कोई छूट प्रदान किए बगैर, सरकारी खरीद में स्टार्ट-अप के लिए एक समान मंच उपलब्ध कराने के लिए, इन्हें पूर्व अनुभव या टर्नओवर (हेर फेर) (कारोबार) के मानदंडों से मुक्त रखा जाएगा।

· सरकार, सार्वजनिक निजी भागीदारी के अंतर्गत देश भर में इन्क्यूबेटरों (अण्डे सेने का यंत्र) की स्थापना के लिए नीतिगत ढांचा का निर्माण करेगी। इसके अतिरिक्त राश्ट्रीय संस्थानों में नवाचार केंद्रो की स्थापना के साथ-साथ सात नए शोध पार्कों की स्थापना भी की जाएगी।

· अगले चार व ″ ााेर् के लिए 10,000 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

· सरकार एक स्टार्ट-अप इंडिया (भारत) हब (धुरा) स्थापित करेगी जो स्टार्ट-अप के लिए संपर्क करने का एकल-बिन्दु केंद्र होगा।

· इन्क्यूबेशन (अण्डे सेने का यंत्र) तथा अनुसंधान एवं विकास के प्रयासों को सवंर्धित करने के लिए राश्ट्रीय संस्थानों में 1,200 से अधिक स्टार्ट-अप के लिए सुविधाए उपलब्ध कराने हेतु नवाचार और उद्यमिता के 31 केन्द्रों की स्थापना की जाएगी अथवा ऐसे केंद्रो को उन्नत किया जाएगा।

· 7 नए शोध पार्कों (प्रत्येक शोध पार्क में 100 करोड़ रुपये का एक आंरभिक निवेश) की स्थापना की जाएगी। ये पार्क अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने वाली कंपनियों को एक आधार प्रदान करेंगे तथा उन्हें शैक्षणिक/अनुसंधान संस्थानों की विशोज्ञता का लाभ उठाने के लिए सक्षम बनाएगी।

स्टार्ट-अप कार्यक्रम के लाभ

· इससे देश के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।

· इससे भारत में और अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

· इससे भारत में उद्यमशीलता की संस्कृति के विकास में मदद मिलेगी।

स्टार्ट-अप के लिए मानदंड

· शामिल फर्म पांच वर्श से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।

· फर्म का कुल वार्शिक राजस्व 25 करोड़ रुपये से कम हो।

· कर छूट संबंधी लाभ के लिए पात्र होने के लिए अंतर-मंत्रालयी बोर्ड (मंडल) से मंजूरी लेने की आवश्यकता

· कोई फर्म ‘स्टार्ट-अप’ की कोटि में तभी आएगी जबकि वह सरकार दव्ारा मान्यता प्राप्त किसी इनक्यूबेटर (अंण्डे सेने का यंत्र) से अनुसंशित हो अथवा घरेलू वेंचर (उपक्रम) फंड (धन) आधारित हो। यदि कंपनी (संघ) भारतीय पेटेंट (एकस्व) आधारित हो तो भी उसे स्टार्ट-अप की कोटि में शामिल किया जाएगा।

Developed by: