वन अधिकार अधिनियम कार्यान्वयन का मुद्दा (The Issue of Implementation of the Forest Rights Act)

Get unlimited access to the best preparation resource for competitive exams : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

Download PDF of This Page (Size: 142K)

सुर्खियों में क्यों?

ओडिशा के आदिवासी क्षेत्रों में ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन (नगरपालिका) दव्ारा वन अधिकार अधिनियम के कथित उल्लंघन का विवरण वन अधिकार अधिनियम का मुद्दा सुर्खियों में आया है।

वन अधिकार अधिनियम क्या है?

• ’अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पारंपरिक वनवासी अधिनियम’ या ’वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम; 2006 में अस्तित्व में आया तथा इस अधिनियम के लिए नोडल मंत्रालय जनजातीय मामलों का मंत्रालय है।

• इसके अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य परंपरागत वनवासियों जो पीढ़ियों से इन वनों में रह रहे हैं किन्तु जिनके अधिकारों को मान्यता नहीं दी जा सकी है, के वन अधिकारों और उपजीविका को मान्यता प्रदान करने का प्रावधान है।

• यह केवल ग्राम सभा की सिफाारिश पर वन भूमि के अन्य किसी कार्य के लिए उपयोग करने की अनुमति प्रदान करता है।

• इसके अलावा आजीविका के लिए स्वयं कृषि कार्य करने के अधिकार, लघु वनोपज पर अधिकार, ’निस्तार’ जैसे सामुदायिक अधिकारों को सम्मिलित किया गया है।

Developed by: