Cultural Regions of the World, Population Theory, Aborted Culture, Oxidental Classification Part 16

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विश्व के सांस्कृतिक प्रदेश: (Cultural regions of the world)

  • संस्कृति:-संस्कृति किसी मानव समूह के विश्वास, नैतिक मूल्य, आस्था, रीति-रिवाज, धार्मिक उपालक्ष्य (मान्यता) एवं जीवन शैली, रहन-सहन, खान-पान पर्यावरणीय चिंतन तथा प्रौद्योगिकी का समेकित स्वरूप है संस्कृतियों के ऐतिहासिक निरंतरता होती है। सभ्यता खत्म हो जाती हैं परन्तु संस्कृति जीवित रहती है क्योंकि संस्कृति एक गतिकीय संकल्पना है।

  • संस्कृतियों के तत्व हजारों वर्षों बाद भी किसी न किसी रूप में व्याप्त रहते है।

  • संस्कृति में शब्द के दव्ारा सिर्फ सामाजिक एवं धार्मिक तत्वों का ही ज्ञान नहीं होता बल्कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भी संस्कृतियों को निर्धारित करती है

    • जैसे- पुरापाषाण काल, ताम्र युग, प्रौद्योगिकी युग

  • संस्कृति शब्द के अंतर्गत जीवन स्तर मानव पर्यावरण संबंध एवं विज्ञान के प्रयोगों को भी अंर्तनिहित किया जाता है।

संस्कृति के क्षेत्रीय विश्लेषण

  • संस्कृति गर्भगृह (Hearth) cultural hearth है।

  • संस्कृति केन्द्र (core)

  • सांस्कृतिक प्रदेश (region)

  • सांस्कृतिक परिमंडल (realm)

विश्व के सांस्कृतिक प्रदेशों का सामान्य वर्गीकरण Toyamber ने किया

Anthropo geographical वर्गीकरण Brock & Webb ने प्रस्तुत किया-

1 Oxidental classification:- उपवर्ग

Chiristian domino's

ब्पीतपेजपंद कवउपदवश्े

2. Oriental culture:-

  • dry realm (Islamic realm) N. Africa, west Asia, Afghanistan

  • Indic (Hindu realm) जीने की पद्धति-south Asia, maldiv, Pakistan

  • Transitional culture/ culture cross road/ south east Asian culture

  • East & far east culture-china, Japan, Korea

3. Meso African:-मध्य अफ्रीकी भाग-Christianity, Islam, tribalism सभी प्राप्त होते है।

4 Minor culture:-

Minor culture

डपदवत बनसजनतम

5 Aborted culture:--

Aborted culture

Aborted Culture

Population theory

  • Malthus का जनसंख्या संबंधी सिद्धांत:-ये नीतिवादी आदर्शवादी अभिमत है जो यूरोप में ओद्योगिकी क्रांति के परिपेक्ष्य में उत्पन्न मॉडल है।

  • यह एक predictive (पूर्वघोषणाकारी) मॉडल है। इसमें जनसंख्या वृद्धि एवं खाद्यान्न उत्पत्ति के अंर्तसंबंधों को स्थापित किया गया है। Malthus की संकल्पना अर्थशास्त्रीय दृष्टिकोण से असिद्ध है। परन्तु कल्याण वाद की भावना से ओत-प्रोत है अत: Malthus के असिद्धियों में सिद्धता है।

  • Malthus का उद्देश्य में जनसंख्या विस्फोट को देखकर भविष्य के आर्थिक संकट की घोषणा करना है। वास्तव में कल्याणवाद से प्रेरित यह भावना यूरोप के लिए चेतावनी है।

  • Malthus ने अपने अभिमत में मानव के दो मूल प्रवृत्तियों को दर्शाया-

    • Passion for food

    • Passion for sex

  • प्रथम प्रवृत्ति के कारण भौतिक विकास आर्थिक तंत्र का निर्माण, पूँजीवाद का उदय परन्तु panssion for sex को जनसंख्या विस्फोट का कारण मानते है।

  • इन्होंने जनसंख्या वृद्धि दर को Geometric mean से दर्शाया है।

........................

जबकि खाद्यान्न वृद्धि दर को Arithmetic mean से बतलाया है।

जनसंख्या अपने आप को 25 वर्षों में दुगुनी करती है।

  • इस प्रकार 200 वर्षों के पश्चात देश की जनसंख्या एवं खाद्यान्न का ratio 256:9 होता है जो क्रांतिक बिन्दु अथवा threshold है। जिसके बाद आर्थिक संकट एवं विभीषिकायें उत्पन्न होगी तथा पूर्व औद्योगिक काल जैसी दशायें पुन: कायम हो जाएगी तथा समाज पुन: निम्न स्तरीय जीवन प्रणाली में प्रवेश करेगा।

  • Malthus ने इससे बचने/अथवा जनसंख्या नियंत्रण करने के दो उपागम बतलायें:

    • Positive checks (सकारात्मक अवरोधक):-इसके अंतर्गत इन्होंने भूकंप, महामारी, गृहयुद्ध, विभत्स्य सामाजिक नियम बतलाये।

    • Preventive checks:-

    • नैतिक:-ब्रह्मचर्य विवाह में विलंब ध्यान, self-control

    • अनैतिक: -

    • वरस्त्रीगमन (Adultery)

    • वेश्यावृत्ति (prostitution)

  • Malthus पूँजीवाद के समर्थक है क्योंकि पूँजीवादी व्यवस्था में ही ंसंचयित धन का पुर्ननिवेश होता है। नये उद्योग क्रियाशील होते है अत: रोजगार सृजन, आर्थिक वृद्धि होती है।

  • इन्होंने जनसंख्या वृद्धि का कारण पूँजीवादी व्यवस्था माना है जिसमें श्रमिक वर्ग जनसंख्या विस्फोट करते है जो अधिक मजदूरी के उपार्जन के उद्देश्य से होता है Malthus ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए wage rate में वृद्धि को भी माना है।

आलोचना:-

  • संतानोत्पत्ति मानव का जैविक प्रवृत्ति नही है बल्कि सामाजिक प्रवृत्ति है तथा passion for sex का संतानोत्पत्ति से कोई संबंध नहीं है।

  • Malthus ने positive check पर अधिक बल दिया जो उचित नहीं है। भूकंप एवं प्राकृतिक आपदा का जनसंख्या वृद्धि से कोई संबंध नहीं होता।

  • AP एवं GP जैसी कल्पनाशील विचार अवैज्ञानिक है। Maithus ने मानव के प्रौद्योगिकी की अवहेलना की है।

  • 25 वर्ष में जनसंख्या दोगुनी नहीं होती। बांग्लादेश में जनसंख्या 17 वर्ष में ही दोगुनी हो जाती है। भारत-30 वर्ष, कुछ देशों की जनसंख्या घट रही है जैसे -जापान, रसिया, ऑस्ट्रिया, जर्मनी

  • 200 वर्षों के बाद critical point की प्राप्ति भी एक काल्पनिक विचार है। इसके बाद अचानक विश्व संकट उत्पन्न होगा।

  • मार्क्स का विचार:-मार्क्स ने अपनी पुस्तक ‘Das capital’ में जनसंख्या संबंधी अभिमत प्रस्तुत किये है। इन्होंने जनसंख्या संबंधी कोई स्वतंत्र सिद्धांत स्थापित नहीं किया है।

  • Marx ने जनसंख्या वृद्धि का कारण पूँजीवादी अर्थव्यवस्था को माना है। पूँजीवादी व्यवस्था ऐतिहासिक भौतिकतावाद पर संकल्पित है। समाज में दो वर्ग पूँजीपति एवं सर्वहारा Historical materialism के कारण उत्पन्न होते है तथा जनसंख्या विस्फोट सर्वहारा वर्ग में होता है क्योंकि पूँजीपति में धन संचय की प्रवृत्तियाँ होती है तथा वह विलासितापूर्ण जीवन के लिए संतानोत्पत्ति की कामना नहीं करता। पूँजी का विकास एवं पुर्ननिवेश उसकी मूल प्रवृत्ति होती है तथा सर्वहारा वर्ग में यह सचेतना होती है कि संतान ही उनकी पूँजी है। क्योंकि जितने अधिक हाथ होगे उतनी अधिक मजदूरी आएगी। परन्तु इस सोच से श्रम का विशाल अधिशेष बनता है wage rate जिससे कम हो जाती है एवं पुन संतानोत्पत्ति एवं जनसंख्या वृद्धि का चक्र उत्पन्न होता है एवं wage rate पुन: गिरती है। इस प्रकार जनसंख्या विस्फोट निरंतर जारी रहता है तथा वर्ग विभेद बढ़ते है। मार्क्स ने जनसंख्या नियंत्रण का उपाय पूँजीवाद का अंत बतलाया है।

  • मार्क्स ने संसाधनों के दोहन के लिए पूँजीवादी व्यवस्था को ही दोषी माना है क्योंकि धन लालच में ये संसाधनों को अधिक दोहन करते है।

Malthus and Marx
Malthus and Marx

Malthus

Marx

पूँजीवाद के समर्थक

विरोधी

जनसंख्या वृद्धि का कारण श्रमिक वर्ग है।

कारण पूँजीवादी अर्थव्यवस्था है जो सर्वहारा वर्ग का दोहन करता है तथा आर्थिक संकट के कारण यह वर्ग संतानोत्पत्ति करता है।

समाधान –preventive check positive check

समाधान-पूँजीवाद का अंत।

जनसंख्या वृद्धि को High wage rate से नियंत्रित किया जा सकता है।

पूँजीवाद के अंत से

Malthus ने जनसंख्या से उत्पन्न crisis की उद्घोषणा की है।

आर्थिक संकट, गृहयुद्ध, क्रांतिकारी परिवर्तन, पूँजीवाद के कारण होगा। जनसंख्या वृद्धि के कारण नहीं।

Malthus ने Arithmetic एवं Geometric rate पर आधारित मॉडल दिया है।

ये जनसंख्या एवं खाद्यान्न में अंर्तसंबंध स्थापित नहीं करते है। खाद्यान्न संकट का कारण धन संचय मानते है।

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