Regional Development and Planning Phase II-Sectoral Planning

Get unlimited access to the best preparation resource for UGC : Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 148K)

Phase II-Sectoral Planning

इसका अर्थ है किसी एक आर्थिक क्षेत्र पर विशेष बल। प्रथम पंचवर्षीय योजना की कार्ययोजना output में वृद्धि करना तथा खाद्यान्न संकट से मुक्ति। यह Harrod, daman, principle के आधार पर क्रियान्वित किया गया था। इस नियम के अनुसार पूँजी बचत का अधिकतम भाग पुर्नपूंजी निवेश में लगाना जिससे उत्पादन में पुन: वृद्धि हो तथा अधिकतम पूँजी संचय तथा पुननिवेश करना इस प्रकार एक चक्र के रूप में कृषि उत्पादकता में वृद्धि एवं पूँजी संचय करना।

  • प्रथम योजना में कृषि वृद्धि दर 5% को बेहतर मानसून के कारण भारतीय कृषि का performance अच्छा रहा।

  • ISI-Iron & steel ind. IInd Five Year Plan:-इसमें industrial development को विशिष्ट बल दिया गया जो Backward area development से प्रेरित था। ISI को विकास केन्द्र माना गया तथा Trickle down approach अपनाया गया 1956 की औद्योगिक नीति को भारत का आर्थिक संविधान कहते है।

  • इसके अंतर्गत 1959 में Bhilai, Rourkela, Durgapur की स्थापना की गई। औद्योगिक वृद्धि दर 3-5 प्रतिशत प्राप्त हुई जो लक्ष्य से कही कम था।

  • IIIrd fyp:- Harrod Domar strategy व sectoral planning जारी रखा गया नये industry example HMT, Board steel, heavy electrical Ranchi, heavy electrical Bhopal एवं fertilizer, pharma हरिदव्ार आदि की स्थापना की गई।

  • Socialistic pattern of economy PSU एवं private sector दोनों की भागीदारिता सुनिश्चि की गई। IIIrd fyp में हरित क्रांति की नींव रखी। IADP (1961), IAAP (1964)

  • 1961 व 65 के युद्ध के कारण आर्थिक राजस्व घाटे में वृद्धि हुई तथा आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं हुई। HYV program एवं हरित क्रांति 1967-68 में प्रारंभ किया गया।

  • Phase II:-IVth & Vth Five Year Plan -sectoral planning:-के स्थान पर नई कार्यनीति Targe area approach एवं coercive planning था जिसमें प्रादेशिक विषमता को दूर करना सामुदायिक विकास योजना लाए गये। command area dev. Prog. नहरी विकास के लिए एवं हरित क्रांति को उत्प्रेरित करने हेतु दिया गया। IRDP, Hill area development Program, tribal area development Program, Drought prone Area development Program जैसे लक्ष्य आधारित कार्यक्रम शुरू किये गये।

  • Phase III:- Agriculture based विकास कार्यक्रम को पुन: क्रियान्वयित किया गया जिसमें dry land agree तथा water shed management program को बल दिया गया।

  • VIIth Five Year Plan में export growth led strategy को अपनाया गया FERA से FEMA की ओर परिवर्तन एक महत्वपूर्ण कदम था। कृषि आधारित उद्योग पर विशिष्ट बल दिये गये। ग्रामीण विकास कार्यक्रम, जनसंख्या नियंत्रण संबंधी कार्यक्रम पर अतिरिक्त बल था।

  • Phase IV:-(1991-वर्तमान):-Export led growth strategy-1991 का New industrial-policy उदारीकरण की नीति निजीकरण इस strategy में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित किया।

Phase I HYV
Phase i HYV

Phase I HYV (हरित क्रांति)

Phase II

Phase III

Liberalization and Privatization

Sectoral plan

Plan I+II+

III+ AD

(Harrod-Domar)

Target area approach coercive

Planning+IV+V+ Rolling plan

Agriculture growth & export growth led VI+VII

1950-51

1967-68

1979-80

1990-91

  • निजीकरण की नीति में private sector के लिए equity को बढ़ाकर 50 प्रतिशत से अधिक कर दिया गया। disinvestment के अतिरिक्त विनियंत्रण विकेन्द्रीकरण Xth fyp में sustainable growth rainbow revolution, full current, account convertibility, partial capital convertibility जैसी रणनीतियाँ बनायी गई।

  • XIth plan में inclusive growth का अर्थ है सभी समुदायों का backward regions, आर्थिक क्षेत्रों का एक समान संपोषणीय विकास।

Developed by: