उप राष्ट्रपति की उत्तर अफ्रीकी देशों की यात्रा (Vice Presidential Visit to North African Countries – International Relations: India and the World)

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उप राष्ट्रपति ने उत्तर अफ्रीकी देशों मोरक्को और टयूनीशिया की आधिकारिक यात्रा की।

भारत-मोरक्को

भारत और मोरक्को ने संस्कृति और कूटनीति पर दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

• स्बांंधित क्षेत्रों में विशेषज्ञता और सूचना के आदान-प्रदान के माध्यम से संगीत, कला और अभिलेखागार, सांस्कृतिक विरासत, सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना।

• राजनयिकों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी आदन-प्रदान करने के लिए, संचार और विशेषज्ञों के आदन-प्रदान को बढ़ाना।

व्यापारिक संबंध

• उपराष्ट्रपति और मोरक्को के प्रधानमंत्री अब्देलिलाह बेन्किराने दव्ारा इंडिया- मोरक्को चैंबर ऑफ कॉमर्स (वाणिज्य मंडल) इंडस्ट्री (और उद्योग) (आईएमसीसीआई) का उदघाटन किया गया।

• दोनों देशों के बीच दव्पक्षीय व्यापार 1.26 अरब डॉलर तक पहुँच गया जिसमें लगभग 25 प्रतिशत हिस्सेदारी भारतीय निर्यात की है।

भारत-टयूनीशिया

यात्रा के मुख्य बिन्दु

• हस्तशिल्प, आईटी एवं संचार तथा डिजिटल (अंँगुली संबंधी) अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए दो सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गए।

• भारत अगले पांच साल में 350 टयूनीशियाई छात्रों को प्रशिक्षित करेगा और दोनों पक्ष समझौते के अनुसार एक दूसरे की पारंपरिक हस्तकला को बढ़ावा देंगे।

• पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार 340 मिलियन (अत्यधिक विशाल मात्रा) अमरीकी डालर से थोड़ा अधिक था। भारत टयूनीशिया के वैश्विक फॉस्फोरिक एसिड (तेजाब) निर्यात का लगभग 50 प्रतिशत आयात करता है।

• टयूनीशिया विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के दावे का समर्थन करता है।

टयूनीशिया ‘अरब स्प्रिंग का उद्म’ है जो प्रसिद्ध बगावतों की श्रृंखला में बदला और जिसने 2011 में पूरे अरब जगत को बदलकर रख दिया। टयूनीशिया की जैस्मीन क्रांति अरब स्प्रिंग (उत्पन्न होने के लिए/विकास करना) के लिए ट्रिगर (किसी प्रतिक्रिया का कारण) थी।

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