Science and Technology: Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV)

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स्चाांर, नौवहन/नौसंचालन तथा मौसमविज्ञानीय उपग्रह प्रणाली (Communication and Meteorological Satellite System)

प्रमुख उपलब्धियाँ (Major Achievements)

ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान (पीएसएलवी) (Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV) )

  • इसरो के वर्कहॉर्स प्रमोचक या पीएसएलवी ने वर्ष 2011 में पीएसएलवी सी-16, सी-17 और सी-18 के तीन सफल प्रमोचनों से अपनी विश्वसनीयता और सर्वतोमुखी उपयोगिता सिद्ध की है। यह प्रमोचन तीन रूपांतरों में किए गए-छह एस9 ठोस स्ट्रेप ऑन मोटर युक्त सामान्य संस्करण, क्रोड मात्रसंस्करण और 6 विस्तारित लंबाई वाली एस 12 ठोस स्ट्रेप ऑन मोटर युक्त एक्सएल संस्करण। इनमें से सी17 संचार उपग्रह जीसैट-12 को अभिप्रेत कक्षा में स्थापित करने के लिए उप भू-तुल्यकाली अंतरण कक्ष मिशन था। पीएसएलवी एकांतर ठोस और तरल नोदन प्रणाली युक्तचार चरण वाला यान है।
  • पीएसएलवी 16/रिसोर्ससैट-2 मिशन में सामान्य संरूप वाले पीएसएलवी यान का प्रयोग किया गया और अप्रैल 20,2011 को इसका सफल प्रमोचन किया गया। इसने, रिसोर्ससैट-2 (1206 किग्रा) के साथ दो सहायक उपग्रह यूथसैट (92 किग्रा) और नान्यांग टेक्नीकल यूनिवर्सिटी, सिंगापुर का एक्ससैट (105 किग्रा) , जिसे 98.7 डिग्री नीति कोण पर 809x822 किमी सूर्यतुल्यकाली ध्रुवीय कक्षा में स्थापित किया गया-के साथ उड़ान भरी।
  • पीएसएलवी सी17/जीसैट-12 मिशन पीएसओएम-एक्सएल स्ट्रेप ऑन संरूप पीएसएलवी का दव्तीय मिशन था और जुलाई 15,2011 को इसका प्रमोचन किया गया। इस मिशन ने संचार उपग्रह जीसैट-12 को 17.98 डिग्री नति कोण पर 280 किमी उपभू और 21027 किमी अपभू की उप-जीटीओ कक्षा में स्थापित किया। इस मिशन में प्रमुख और अतिरिक्त ऑनबोर्ड उड़ान कम्प्यूटर इनहाउस विक्रम प्रोसेसर के साथ संरूपित किए गए थे। पीएसएलवी-सी18/मेघा-ट्रॉपिक्स मिशन अक्टूबर 12,2011 को सफलतापूर्वक प्रमोचित सातवी क्रोड मात्र उड़ान थी। इस मिशन में इंडो-फ्रेंच उपग्रह मेघा ट्रॉपिक्स के साथ कक्षा में तीन सहायक उपग्रह, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के जुगनू, एसआरएम विश्वविद्याल, चेन्नई के एमसआरएम-सैट और लग्जमबर्ग के वेसलसैट को स्थापित किया। इस मिशन ने कुल 1045 किग्रा पेलोड को 20.012 डिग्री नतिकोण पर 866.5 किमी की वृत्ताकार कक्षा में पहुंचाया। अपेक्षाकृत कम (820 किग्रा) नोदक युक्त परिशोधित पीएस 4 चरण इस मिशन में एक बड़ा परिवर्तन था, जिसके लिए आवश्यक व्यारोध परिशोधन किये गए। पेलोड, कक्षा, नतिकोण, पीएस3 प्रभाव और अन्य आवश्यकताआंे को देखते हुए सी18 मिशन हेतु मिशन प्रबंधन एक और बड़ी चुनौती थी। पीएसएलवी-सी19/रिसैट-1 मिशन के लिए सभी प्रमुख हार्डवेयर तैयार किए गए हैं और वर्ष 2012 की प्रथम तिमाही में इसे प्रमोचित करने का लक्ष्य रखा गया है।

भूतुल्यकाली उपग्रह प्रमोचक यान (जीएसएलवी) (Geosynchronous Satellite Launch Vehicle (GSLV) )

  • जीएसएलवी ठोस, तरल और निम्नतापीय नोदन प्रणाली युक्त-3 चरण वाला रॉकेट संचार उपग्रहों के लिए भारतीय प्रमोचक यान है। वर्ष 2010 के जीएसएलवी एफ06 और जीएसएलवी डी3 मिशन की असफलता के संबंध में वर्ष 2011 में सघन असफलता विश्लेषण अध्ययन एवं समीक्षाएं की गई। जीएसएलवी डी3 और जीएसएलवी एफ06 हेतु गठित असफलता विश्लेषण समिति की अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जीएसएलवी-डी3 एफएसी सिफारिशों के अनुसार निम्नतापीय चरण ईंधन अभिवर्धक टर्बों पंप (एफबीटीपी) को परिशोधित किया गया और अर्हता परीक्षण किया गया। परिशोधित आक्सीकारक परिवर्धक टर्बों पंप (ओबीटीपी) का उड़ान स्वीकार्यता परीक्षण किया गया। जीएसएलवी-एफ. 6 मिशन के असफल होने के कारण क्रायोचरण निम्न आवरण का अत्यधिक स्थैतिक विरूपण और उसके फलस्वरूप क्रायो चरण व उड़ान के 47.34 सेकेंड से 47.72 सेकेंड तक दव्तीय चरण के पृथक्करण समतल अंतरापृष्ठ पर वैद्युत अनुयोजकों का बेमेल हो जाना था। जिससे उपकरण खंड से प्रथम चरण नियंत्रण विद्युत संयंत्रों तक समादेश संकेत का प्रवाह अवरूद्ध हो गया और यान नियंत्रण खोकर आखिरकार खंडित हो गया। क्रायो चरण निम्न आवरण का पुन: डिजाइन किया जा चुका है और अर्हता परीक्षण चल रहा है। जीएसएलवी संरूपों हेतु वायुगर्तिक अभिलक्षण को एफएसी की सिफारिशों के अनुसार अद्यतन किया गया है।
  • आगामी दो जीएसएलवी मिशन विकासात्मक उड़ानों के रूप में करने की योजना है। वर्ष 2012 के मध्य में 3.4 मी. नीतभार व स्वदेशी क्रायो चरण के साथ जीएसएलवी-डी5 का उड़ान परीक्षण करने का लक्ष्य रखा गया है और अप्रैल 2013 में 4 मी. पीएलएफ व स्वदेशी क्रायो चरण के साथ जीएसएलवी-डी6 की योजना है।

भू तुल्यकाली उपग्रह प्रमोचक यान (जीएसएलवी एमके III) (Geosynchronous Satellite Launch Vehicle (GSLV MK III) )

  • जीएसएलवी एमके लक्ष्य यान, भारी उत्थापन प्रमोचक यान है जिसे इन्सैट4 वर्ग के 4.5 टन वजनी संचार उपग्रहों के प्रमोचक हेतु डिजाइन किया गया है, यह विकास के आखिरी चरणों में है। इस यान में तीन नोदन चरण हैं और यह 630 टन उत्थापन वजन के साथ 42.4 मी ऊंचा है। 200 टन वजनी ठोस नोदन युक्त दो एक जैसे बड़े ठोस स्ट्रेप ऑन अभिवर्धक 110 टन नोदनयुक्त क्रांड चरण के दोनों ओर जोड़े गए हैं। निम्नतापीय चरण आधारित सी25 एलओक्स/एलएच2 अगला चरण है। सीएफआरपी पेलोड ज्वालन का व्यास 5 मीटर मापा गया है। एस 200 मीटर (एसटी-02) का दव्तीय स्थैतिक परीक्षण, नोदन खण्ड उप सम्मुचय के साथ एल 110 का ध्याानिक परीक्षण तथा 5 मीटर व्यास समिश्र पेलोड फायरिंग की प्राप्ति में सफलता इस वर्ष की प्रमुख महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ है। सील स्तरीय प्रणोद कक्ष परीक्षण सुविधा को चालू किया गया है। सीई 20 प्रणोद कक्ष परीक्षण सामग्री तैयार, है और परीक्षण स्टैंड के साथ इंटरफेसिंग की गई है।
  • सितंबर 4,2011 को एसटी-02 सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। प्रक्षेपिक कार्यनष्पादन, प्रज्वालक विलंब और अंतरी प्रणोद विनिर्देश अधीन है। पश्च्‌ परीक्षण अवलोकन सभी उप प्रणालियों व अंतरापृष्ठों का नामीय कार्यनिष्पादन दर्शाते है।
  • क्रोड आधारित आवरण, तापीय आवरण, दो क्षेत्र अनुपात 31 इंजिन, नॉजल रोधी प्रणाली, दो इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक प्रवर्तक व दो इलेक्ट्रोमैकेनिकल प्रवर्तकों सहित एल 110 चरण नोदन खण्ड उप सम्मुचय का राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोंगशाला, बैंगलुरू में सफल ध्वानिक परोक्षण किया गया। सी 25 चरण हेतु, सी20 प्रणोद कक्ष परीक्षण सुवधा चालू की गई और मुख्य इंजिन परीक्षण सुविधा का संवर्धन पूर्ण किया गया। एल 110 पृथक्करण प्रणाली का द्रव नाइट्रोजन वातावरण में कार्यकलापी पृथक्करण परीक्षण किया गया।

पुनरुपयोगी प्रमोचक यान- प्रौद्योगिकी प्रदर्शक (आरएलवी-टीडी) (Reusable Launch Vehicle - Technology Demonstrator (RLV-TD) )

  • दो चरण में कक्षा वाले पूर्णत: पुनरुपयोगी प्रमोचक यान को विकसित करने के लिए प्रौद्योगिकी प्रदर्शक मिशनों की श्रृंखला पर विचार किया गया है। इसी उद्देश्य से पंखयुक्त पुनरुपयोगी प्रमोचक यान प्रोद्योगिकी प्रदर्शक (आरएलवी- टीडी) का संरूप तैयार किया गया है। आरएलवीटीडी विभिन्न तकनीकियों तथा- अतिध्वनिक उड़ान, स्वायत्त अवतरण, पावरयुक्त क्रूज उड़ान और वायु वसन नोदन का प्रयोग करते हुए अतिध्वनिक उड़ान के मूल्यांकन हेतु उड़ान परीक्षण आधार के रूप में कार्य करेगा।
  • इस अवधि के दौरान दव्तीय अंत: क्षेपण प्रणेद सदिश नियंत्रण प्रणाली के साथ एचएस 9 मोटर का दव्तीय स्थैतिक परीक्षण, एकीकरण सुविधा का शुभारंभ और सर्व पंख धड़ जोड़ों का ढांचा गत अर्हता परीक्षण आरएलवीटीडी की बड़ी उपलब्धि रही। चार राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति ने विभिन्न डिजाइनों, परीक्षण और युक्तिचालन पहलुओं की समीक्षा की। इसके अलावा, यान हेतु प्रतिक्रिया नियंत्रण प्रणाली जेट अंत: क्रिया अध्ययन और वायु अभिलक्षण पूर्व किया गया है। यान और मिशन हेतु इलेवान व पतवार विक्षेप अध्ययन किया गया। राष्ट्रीय समिति की सिफारिशों के आधार पर डिजिटल ऑटो पायलट एफआरडी हेतु ऑनबोर्ड साफ्टवेयर का अद्यतन संस्करण और डाटा सेट दस्तावेज जारी किये गए। समस्त नौवहन, मार्गदर्शन व नियंत्रण हार्डवेयर, सिरामिक सर्वों त्वरणमापी और एचडीएएस तैयार किए गए। लघु फ्लश वात डाटा प्रणाली (एफएडीएस) वैद्युतिकीय तैयार किया गया तथा उन्नत यान प्रतिबिंबन प्रणाली (एवीआईएस) प्रस्तुत की गई।

समानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम (एचएसपी) (Uniform Space Flight Program (HSP) )

सरकार ने पूर्व परियोजना गतिविधियों के निधि उपलब्ध कराया है। इस चरण के दौरान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए आवश्यक नई और क्रांतिक प्रौद्योगिकियों का विकास का प्रस्ताव है जिसमें दल माडयूल (सी. एम.) प्रणालियों पर्यावरणीय नियंत्रण व जीवन सहायता प्रणालियों, उड़ान सूट, दल पलायन तथा सेवा माडयूल प्रणालियांँ शामिल है।

वायु श्वसन प्रौद्योगिकी (Air Breathing Technology)

  • पुनरुपयोगी प्रमोचक यान तकनीकी के साथ वायु श्वसन प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष में किफायती पहुंच के लिए तकनीकी कुंजी है। आक्सीजन और ईंधन को ऑनबोर्ड साथ ले जाने वाले पारंपरिक रॉकेटों से भिन्न वायु वसन नोदन प्रणाली दहन हेतु वायुमंडल की आक्सीजन का उपयोग करता है, जिससे पेलोड प्रभाजन में पर्याप्त सुधार होता है और इस प्रकार समग्र लागत में कमी आती है।
  • वीएसएससी ने वायु वसन नोदन तकनीकी पर भूमि परीक्षण की श्रृंखला के माध्यम से स्थिर पराध्वनिक दहन के प्रदर्शन हेतु एक व्यवस्थित अनुसंधान व विकास कार्यक्रम शुरु किया है और उन्नत तकनीकी यान के साथ उड़ान प्रदर्शन की योजना बनाई है। एटीवी डी-02 के लिए सक्रिय स्क्रेमजेंट इंजिन और उच्च दाब गैसीय ईंधन भरण प्रणाली हेतु विकास गतिविधि सुचारू ढंग से प्रगतिशील है। स्क्रेमजेट अभिलक्षण उड़ान वर्ष 2012 के पूर्वार्ध में करने का लक्ष्य रखा गया। इंजिन माडयूल का वात-तापीय-ढांचा डिज़ाइन पूर्ण किया गया है। इंजिन संविरचना प्रगतिशील है। जटिल एबी नोदन परीक्षण (वायु ग्रहण व दहन तंत्र) और विश्लेषण (संगणकीय तरल गतिकीय व ताप संरचना) किये गये हैं। एफकेपीएन आईटीएसआरकेपी, रूस में एसआईसी विलेपित सी/सी अग्र छोर का उपयोग करते हुए 1950 के तक उच्च तापमान स्क्रेमजेट दहन तंत्र का सफलतापूर्वक भूमि परीक्षण किया गया। माप संख्या गवाक्ष 6.0 + 0.5 हेतु विस्तृत स्क्रेमजेट पूर्ण इंजिन सीएफडी अनुकरण पूरा किया गया और त्वरण व इंजन प्रवाह प्रवर्तन में विवेचन योग्य परिवर्तन की पुष्टि की। गैस बॉटल/माडयूल युक्त उच्च दाब गैसीय हाइड्रोजन ईंधन भरण प्रणाली तथा एए2014 संरचना की एकीकरण नकल एलपीएससी में पूर्ण की गईं। एनएएल, बेंगलुरू और एलपीएससी, महेन्द्रगिरि में एबी नोदन परीक्षण सुविधा चालू करने की दिशा में पर्याप्त प्रगति हुई है।

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