Science and Technology: Rural Knowledge Center and Business Process Outsourcing-BPO

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इंटरनेट से संबंधित विभिन्न अवधारणाएँ तथा तकनीकें और उनके अनुप्रयोग (Various Concepts and Techniques of Internet and Its Applications)

संविधा (Samvidha)

कम कीमत पर पूरे देश के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की इंटरनेट आधारित सूचना तक पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मीडिया लैब एशिया दव्ारा आई. आई. टी. खड़गपुर के सहयोग से संविधा परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को अनुपूरक शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा स्वास्थ्य देखभाल और स्व-परीक्षा समर्थन कार्यों के लिए प्रौढ़ व्यक्तियों की साक्षरता तथा शिक्षा के लिए व्यक्तिगत अंतर्वस्तु पहुँच तथा प्रदर्शन को शामिल किया जाता है। इन कार्यों के लिए संविधा परियोजना में व्यक्तिगत सूचना परिशोधन, इंटरनेट तक पहुँच सुनिश्चित करने के साथ -साथ बहुभाषी खोज अंतराफलक (Interface) तथा स्थानीय खोज की विशेषताएँ विद्यमान हैं।

अश्विनी परियोजना (Project Ashwini)

  • मुख्यत: शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य देखभाल, ई-शासन और आजीविका प्रशिक्षण जैसी गुणवत्तायुक्त सेवाओं की ग्रामीण इलाकों तक पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यान्वित की जा रही अश्विनी परियोजना का क्रियान्वयन आंध्र प्रदेश के कुछ जिलों में किया जा रहा है। इस परियोजना के माध्यम से 802.11 बीजी तकनीक पर आधारित एक ब्रॉडबैंड बेतार नेटवर्क की स्थापना की जा रही है।
  • इस परियोजना के अंतर्गत मल्टीमीडिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग भी किया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल और कृषि कार्यो के लिये संबंधित विशेषज्ञों से संपर्क स्थापित किया जा सके। परियोजना के माध्यम से एक ओर जहाँ आजीविका निर्माण के लिए प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के लिए साक्षरता तथा अंग्रेजी भाषा कार्यक्रमों का संचालन एवं छात्रों को उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।

ग्रामीण ज्ञान केन्द्र (GGK) (Rural Knowledge Center)

ग्रामीण ज्ञान केन्द्र परियोजना की शुरूआत आजीविका सुरक्षा और रोजगार निर्माण के उद्देश्य से उभर रहे ज्ञान आधारित समाज तथा एकीकृत ग्रामीण विकास के लिए सामाजिक अवसंरचना और अंतर्क्रिया को सुधारने हेतु आई. सी. टी. (Information & Communication Technology) के उपयोग के लिये प्रतिरूपो का विकास करने की दृष्टि से की गई है। ग्रामीण ज्ञान केन्द्रों के अंतर्गत ग्रामीण विकास के विभिन्न क्षेत्रों जैसे- प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, शिल्प, बागवानी, आयुर्वेदिक व परंपरागत चिकित्सा, हथकरघा, लोक साहित्य व स्थानीय संस्कृति एवं अन्य कार्यों हेतु मल्टीमीडिया कार्यक्रमों को विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत वीडियो अंतर्वस्तु तथा टेवस्ट आधारित सामग्री सम्मिलित की जा रही है। वीडियो अंतर्वस्तु तथा टेवस्ट में कच्चे माल तकनीकी ज्ञान, संभावित बाजार और लागत घटक जैसे आयाम शामिल होंगे।

बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (Business Process Outsourcing-BPO)

बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) का तात्पर्य ऐसी प्रक्रियाओं का परीक्षण करने से है, जो व्यापार तथा उससे संबंद्ध क्रियाओं को व्यवस्थित करने के पश्चात्‌ इन क्रियाओं के अभियंत्रण और आउटसोर्सिंग के लिए सेवा प्रदाताओं पर ध्यान केन्द्रित करती हैं। इसके पश्चात्‌ आउटसोर्सिंग प्रदाता ट्रांजेक्शन, प्रोसेसिंग, पॉलिसी सर्विसिंग, ह्‌यूमन रिसोर्स, क्लेम मैनेजमेंट सरीखे कार्यों को पूर्णत: हस्तांतरित करके उन्हें अपनी प्रणालियों के माध्यम से प्रशासित करता है।

बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन आउटसोर्सिंग (Business Transformation Outsourcing-BTO)

बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन आउटसोर्सिंग बी. पी. ओ प्रारूप का विस्तार है जिसके अंतर्गत व्यापार परिवर्तन प्रबंध प्रक्रियाओं के साथ-साथ संपूर्ण बैंकिंग कार्यों का उत्तरदायित्व भी हस्तांतरित किया जाता है, ताकि बी. पी. ओ. से प्राप्त लाभों को दीर्घावधिक बनाने के उद्देश्य से एक वृहत व्यापार रूपांतरण को संभव बनाया जाये।

माइक्रोचिप (Microchip)

माइक्रोचिप, सिलिकॉन से बनी इंटीग्रेड सर्किट की एक चिप होती है जिसका उपयोग प्रोग्राम लॉजिक और कम्प्यूटर मेमोरी के लिए किया जाता है। वर्तमान प्रौद्योगिकी युग में इसका उपयोग कम्प्यूटर, मोबाइल, माइक्रोचिप ओवन, घड़ी आदि से लेकर अंतरिक्ष यान तक के व्यापक रूप से हो रहा है। हृदय रोगियों के लिए प्रयुक्त होने वाले पेसमेकर में भी माइक्रोचिप का प्रयोग किया जाता है।

टेलीटैवस्ट तथा वीडियोटैवस्ट (Teletex and Videotext)

  • टेलीविजन संदेशों के साथ आँकड़ों का प्रसारण टेलीटैवस्ट कहलाता है। इस तकनीक में टेलीविजन प्रसारण केन्द्र पर सूचनाओं को एक कम्प्यूटर में संचित कर प्रसारित किया जाता है, जिसे डाटाबेस कहते हैं। यहाँ से सूचना का प्रत्येक पृष्ठ लगभग 15 सेकंड के अंतराल पर प्रसारित होता रहा है।
  • टेलीफोन नेटवर्क पर आँकड़ों का प्रसारण वीडियोटैवस्ट कहलाता है। इस तकनीक में सूचनाओं को कम्प्यूटर की मेमोरी में संचित कर लिया जाता है तथा संदेशों को टेलीफोन दव्ारा भेजा जाता है। टेलीफोन दव्ारा प्रसारित सूचना डिकोड होकर टेलीविजन स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है।
  • मौसम संबंधी सूचनाओं, रेलगाड़ियों एवं वायुयानों के आने जाने का समय, खेल और आम समाचार आदि के प्रसारण में टेलीटैवस्ट और वीडियोटैवस्ट दोनों का प्रयोग किया जाता है।

लेखिका 2007 (Writer 2007)

‘लेखिका 2007’ एक सॉफ्टवेयर है जिसे अंग्रेजी भाषा में कमजोर लोगों की सहायता प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। इसका विकास पुणे स्थित सी-डैक और इजरायली कंपनी एफटीके टेक्नोलॉजी ने संयुक्त रूप से किया है। इस सॉफ्टवेयर का विंडोज, मैक और लाइनक्स पर चलाया जा सकता है। इस सॉफ्टवेयर की सहायता से भारत की लगभग सभी आधिकारिक भाषाओं में कार्य किया जा सकता है।

साइबर अपराध (Cyber Crimes)

  • कम्प्यूटर और इंटरनेट प्रौद्योगिकी के माध्यम से सूचना एवं संचार जगत में अप्रतिम विकास हुआ है। इनके माध्यम से जहाँ मानव समाज के विकास को बहुआयामी पृष्ठभूमि प्राप्त हुई है वहीं इसने विकास के नये शिखरों को भी छुआ है। यद्यपि मानव सुविधा एवं विकास के लिए निर्मित कम्प्यूटर एवं इंटरनेट का उपयोग अनैतिक प्रकृति के कार्यों तथा विदव्ेषपूर्ण उद्देश्य के हित साधन में भी किया जाने लगा है, जैसे अश्लील सामग्री का प्रसारण, ऑनलाइन बैंकिंग सेवा प्रणाली से छेड़छाड़ करके धन निकासी का प्रयास, अराजकता तथा आतंकवादी गतिविधियों का संचालन तथा ऐसी ही अन्य कृत्य, जिन्हें संयुक्त रूप में साइबर अपराध की संज्ञा दी गई है। इस प्रकार साइबर अपराध (Cyber Crime) के अंतर्गत ऐसे गैर-कानूनी कार्यों को सम्मिलित किया जाता है जिनमें कम्प्यूटर प्रणाली को हथियार के रूप में इस्तेमाल करके अन्य कम्प्यूटरों को निशाना बनाया जाता है।
  • आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (Organisation for Economic Co-operation and Development-OECD) के अनुसार साईबर अपराधों की श्रेणी में गैर-कानूनी अनैतिक और अनाधिकृत प्रकृति के ऐसे कार्यो को शामिल किया जाता है जिनके माध्यम से पूर्व अनुमति के बगैर आँकड़ों का संसाधन तथा प्रसारण किया जाता है।

साइबर अपराध व्यावहारिक तौर पर एक व्यापक अवधारणा है, जिसके अंतर्गत कई तरह के अवांछित एवं अनाधिकृतकृत्यों को शामिल किया जाता है, उनमें से कुछ संक्षेप में इस प्रकार हैं-

  • फिशिंग (Fishing) : एक ऐसी अवांछित गतिविधि जिसके माध्यम से अपराधी प्रकृति के व्यक्ति दव्ारा कम्प्यूटर इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को अत्यधिक संख्या में ई-मेल भेजकर उन्हें अपने जाल में फँसाने का प्रयास किया जाता है और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को बहकावा देकर उनसे उनके बैंक एकाउंट, पिन नंबर तथा पासवर्ड आदि प्राप्त करने के प्रयास किये जाते हैं। यदि अपराधी अपने मकसद में कामयाब रहता है तो वह उक्त व्यक्ति के बैंक अकाउंट से धन निकासी कर सकता है तथा उसे ब्लैकमल भी कर सकता है।
  • साइबर स्टॉकिंग (Cyber Stalking) : यह एक ऐसी गतिविधि है, जिसके दव्ारा साइबर अपराधी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से चैटिंग के दौरान तथा किसी अन्य इंटरनेट माध्यम दव्ारा उनके नाम, पता, फोन नंबर तथा अन्य जानकारियाँ हासिल कर लेते हैं ताकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके। इसके लिए साइबर अपराधी उक्त व्यक्ति को अपने जाल में फँसाकर उससे अश्लील बातें करते हैं तथा इन सभी बातों को रिकॉर्ड कर लेते हैं और उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं।
  • साइबर पोर्नोग्राफी (Cyber Pornography) : इसके अंतर्गत इंटरनेट पार्नोग्राफी तथा अश्लील वेबसाइटों को शामिल किया जाता है। इसके तहत अश्लील सामग्रियों का प्रसारण जैसे-अश्लील चित्र भेजना, अश्लीन साहित्य लिखना तथा डाउनलोड करना आदि शामिल हैं।
  • हैकिंग (Hacking) : किसी कम्प्यूटर प्रणाली में जानबूझकर अनाधिकृत प्रवेश करना हैकिंग कहलाता है। इसके अंतर्गत हैकर दव्ारा कम्प्यूटर सुरक्षा से संबंधित कमियों का पता लगाने, सूचनाओं में हेराफेरी करने अथवा उन्हें नष्ट करने के उद्देश्य से कम्प्यूटर नेटवर्क तथा कम्प्यूटर सिस्टम में अनाधिकत प्रवेश करना शामिल है।
  • सलामी हमला (Salami Techniques) : इसके माध्यम से साइबर अपराधी दव्ारा बैंकों के खाता धारकों के (Account Holders) खाते से धन निकासी (प्राय: बहुत ही मामूली रकम) के उद्देश्य से बैंक की कम्प्यूटर प्रणाली से एक ऐसे अवांछित प्रोग्राम को डाल दिया जाता है जिससे खाता धारकों के खाते से कुछ रकम उक्त अपराधी के खाते में हस्तांरित हो जाती है तथा खाता धारक को इसके संबंध में पता ही नहीं चल पाता है। सलामी हमला एक प्रकार का आर्थिक अपराध है।
  • डाटा डिडलिंग (Data Didding) : यह एक ऐसी गतिविधि है जिसके माध्यम से पहले तो डाटा को कम्प्यूटर पर प्रोसेस होने से पूर्व ही परिवर्तित कर दिया जाता है और और तत्पश्चात्‌ कम्प्यूटर प्रोसेस होने के बाद डाटा को वास्तविक रूप में परिवर्तित कर दिया जाता है।
  • ई-मेल स्पूफिंग (Email Spoofing) : इसे चकमा देना भी कहा जा सकता है क्योंकि इसके अंतर्गत होता यह है कि किसी कम्प्यूटर-इंटरनेट उपयोगकर्ता से बदला लेने या उसे परेशान करने के उद्देश्य से किसी अन्य व्यक्ति के पते से उक्त व्यक्ति (जिसे परेशान करना है) को ई-मेल भेजा जाता है।
  • स्पैम या ई-मेल बॉम्बिंग (Spam or E-mail Bombing) : इसके माध्यम से किसी व्यक्ति के ईमेल एकाउंट अथवा सर्वर को नष्ट करने के उद्देश्य से अत्यधिक संख्या में ईमेल भेजे जाते हैं।

इसके अतिरिक्त ऑनलाइन गेम्बलिंग (जुआ) , जालसाजी, क्रेडिट कार्ड सूचनाओं की चोरी और सेवाएँ बाधित करना आदि को साइबर अपराधों की श्रेणी में ही शामिल किया जाता है।

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