नस्लीय असहिष्णुता (Racial Intolerance)

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सुर्खियों में क्यों?

• बैंगलोर में एक नाराज भीड़ ने तंजानिया की एक महिला और उसके मित्रों पर हमला किया तथा उनकी कार को आग के हवाले कर दिया। ये छात्र एक दुर्घटना स्थल से गुज़र रहे थे जहाँ एक सूडानी छात्र की कार से एक स्थानीय महिला की हत्या हो गयी थी।

मुद्दे

• एक धीमी और असंवदेनशील राजनीतिक प्रतिक्रिया तथा पुलिस कार्रवाई की वजह से इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।

• 2014 में हमलों और धमकियों की घटनाओं के बाद बैंगलोर से पूर्वोत्तर भारत के लोगों का पलायन हुआ था।

• नस्लीय हमलों ने भारत तथा व्यापार और शिक्षा के गंतव्य शहर-बैंगलोर की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।

• इस तरह की घटनाओं से भारत-अफ्रीका के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में बाधा उत्पन्न हो सकती है, इस क्षेत्र में पहले भी हमें चीनी प्रतिदव्ंदव्ता का सामना करना पड़ रहा है।

आगे की राह

• इन मामलों में पुलिस को ना केवल संवदेनशील होना चाहिए बल्कि इस प्रकार के हमलों को रोकने के लिए तत्परता से कार्यवाही भी करनी चाहिए।

• एक संवदेनशील पुलिस और कानुनी तंत्र, महिलाओं, दलितों, पूर्वोत्तर या अफ्रीका के नागरिकों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

• विश्वास बहाली के उपायों के माध्यम से अफ्रीकी छात्रों को उनकी सुरक्षा के बारे में आश्वस्त किया जाना चाहिए।

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