फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव 2017(Presidential Election in France 2017 ) (Download PDF)

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रस्तावना: - फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में सत्ताधारी सोशलिस्ट (समाजवादी) पार्टी (जनसमूह/राजनीतिक दल) को सबसे करारी हार मिली है। उसे महज 6 प्रतिशत मत मिले हैं। मध्यमार्गी इमानुएल या इमैलुअल मैक्रान को सबसे ज्यादा 24.1 प्रतिशत और धुर दक्षिणपंथी नेता ली पेन को 21.30 प्रतिशत मत मिले हैं। ली पेन दूसरे नंबर पर रहीं। फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए 50 प्रतिशत से ज्यादा मत पाना जरूरी है।

अब फ्रांस में मध्यमार्गी इमैनुअल मैक्रॉन या धुर दक्षिण पंथी मारी ली में से कोई एक राष्ट्रपति बनेगा। चुनाव के पहले चरण में यही दो उम्मीदवार सबसे आगे रहे और अब उनके बीच मुकाबला होगा। इसलिए अब दोनों उम्मीदवारों के बीच 7 मई को दूसरे चरण का आमना-सामने का मुकाबला होगा। यानी इस चुनाव से राष्ट्रपति तय हो जाएगा। पहले राउंड (चरण) में 11 उम्मीदवार मैदान में थे। 79 प्रतिशत मतगणना हुई थी। करीब छह दशक के बाद यह पहला मौका है जब दूसरे चरण के चुनाव में मुख्यधारा की कोई राजनीति पार्टी (राजनीतिक दल) हिस्सा नहीं लेगी।

इमैलुअल मैक्रान -

  • मैंक्रो मौजूदा ओलांद सरकार में आर्थिक मामलों के मंत्री थे। सरकार की नीतियों से खफा होकर उन्होंने 2016 में पार्टी और मंत्रिपद दोनों से ही इस्तीफा दे दिया था। आं मार्श यानी आगे बढ़ो मूवमेंट (चाल) शुरू किया। इसी नाम से पार्टी का गठन किया और इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी (राजनीतिक दल) के नेता बनकर उभरे हैं। पहले चरण में हारने वाले सोशलिस्ट (समाजवादी) उम्मीदवार बेनोआं आमों और रूढ़िवादी फियों ने मैक्रों को समर्थन दिया है। वो यूरोपीय यूनियन (ईयू) विरोधी ली पेन को जीतने से रोकना चाहते हैं। इन दोनों दलों को 25 प्रतिशत मत मिले हैं।
  • पेशे से बैंकर रहे मैक्रॉन को चुनाव कैम्पेन चलाने का पहले को काई तजुर्बा भी नहीं है। अप्रैल, 2016 मेंं नई सियासी मुहिम शुरू की। चार महीने बाद सरकार से इस्तीफा देकर राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने फिलॉसफी (दर्शन) से ग्रेजुएशन (स्नातक स्तर की पढ़ाई) किया है। मैक्रो के पिता न्यूरोसाइंस (तंत्रिका विज्ञान) के प्रोफेसर (आचार्य) और मां डॉक्टर (चिकित्सक) हैं। स्कूल (विद्यालय) के दिनों में वे उपन्यास लेखक बनना चाहते थे, उन्हें राजनीति में फांस्वा ओलांद लेकर आए थे। कोई झंडा नहीं, कोई टीवी (टीवी सेट पर प्रसारित कार्यक्रम) कैमरा (छायाचित्र उतारने का यंत्र) नहीं, कैम्पेन के लिए कोई पर्चा नहीं, लेकिन राष्ट्रपति पद की रेस (दौड़) में सबसे आगे निकल गए। 16 साल की उम्र में अपनी शादीशुदा ड्रामा टीचर ब्रिगिट ट्रॉगन्वेस्क को प्रपोज (प्रस्ताव) किया। ब्रिजिट उनसे उम्र में 24 साल बड़ी हैं। अब 64 साल की ब्रिजिट पहली महिला बन सकती हैं। वे 7 बच्चों की दादी हैं। अगर मैक्रों (39) राष्ट्रपति बनते हैं तो फ्रांस के सबसे युवा राष्ट्रपति में एक होंगे । पांचवे ऐसे राष्ट्रपति होंगे जो देश की मुख्य पार्टी से संबंध नहीं रखते हैं और ब्रिगिट (63) सबसे उम्रदराज फर्स्ट लेडी (पहली महिला) होंगी। पहले चरण में 23.9 प्रतिशत वोट मिल।

वादे-

  • कॉर्पोरेट (संयुक्त संस्था) टैक्स (कर) में 40 अरब की कटौती करेंगे। बेरोजगारी दर को 9.7 प्रतिशत से 7 प्रतिशत पर लाएंगे। स्कूलों (विद्यालय) में मोबाइल (चलनशील) फोन (दूरभाष से बात करना) के इस्तेमाल पर रोक लगाएंगे।
  • यह फ्रांस के इतिहास में अदभुत पल है। हमारी पार्टी ने देश की सियासत का चेहरा ही बदल दिया है।

मैक्रों, आं मार्श पार्टी के प्रमुख

मारी ली पेन: -

  • की नेशनल (राष्ट्रीय) फ्रंट (सामने) पार्टी (राजनीतिक दल) को 69 लाख मत मिले है। यह उसका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। ली पेन ने जनवरी 2011 में अपने पिता को पार्टी से हटा कर कब्जा कर लिया था।
  • पेन (48) ली पेन महज 8 साल की थी तब उनके पैतृक निवास को बम से उड़ा दिया था। परिवार के सदस्यों को चोटें आईं। घर तबाह हो गया। कुछ लोगों का मानना है कि वामपंथी दलों ने यह हमला कराया था। ली पेन की दो शादियां हुईं। दोनों ही सफल नहीं हुई उनके तीन बच्चे हैं। राजनीति में फ्रांस नेशनल फ्रंट का नेतृत्व उन्हें पिता ज्यां मारी ली पेन से विरासत में मिला है। फ्रांस के एक छोटे से शहर के एक कम्यूनिटी हॉल (सामुदायिक भवन) में उन्होंने अपने चुनाव कैम्पेन की शुरूआत 144 प्वॉइंटस (अंक) के एजेंडे (कार्यसूची) के साथ की। वे सालों से फ्रांस की राजनीति में सक्रिय रही हैं। ली पेन 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में तीसरे स्थान पर रही थीं। अगर वो दूसरा राउंड (चरण) जीतने में सफल रहती हैं तो देश की पहली महिला राष्ट्रपति होगी।

वादे-

  • मस्जिदों पर ताले, हफ्ते में 35 घंटे का वर्क (कार्य) कल्चर (संस्कृति) मस्जिदें बंद होगी। ईयू में फ्रांस के बने रहने पर जनमत संग्रह। 60 साल होगी सेवानिवृत्ति की आयु।
  • मैं सभी राष्ट्रवादियों से अपिल करती हूं कि फ्रांस को बचाने के लिए मुझे मत दें।

ली पेन, नेशन फ्रंट पार्टी

भारत: -

  • मैक्रो और ली पेन ने अभी भारत को लेकर कुछ नहीं कहा हैं। भारत फ्रांस से बड़े स्तर पर हथियार खरीदता है। भारत ने 36 रफाल विमानों के लिए 59 हजार करोड़ की डील (सौदा) की है। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है नया राष्ट्रपति भारत के साथ किस तरह आगे बढ़ेगा।
  • मैंक्रो यूरोपियन यूनियन से अच्छे रिश्तों के हिमायती हैं। उनके बनने पर फ्रांस और ईयू के संबंध पहले जैसे मधुर रहेंगे। जबकि ली पेन चाहती है कि फ्रांस ईयू से बाहर निकल आए। वादा किया है राष्ट्रपति बनने पर ईयू से हटने पर ब्रिटेन की तर्ज पर जनमत सग्रह कराएगी।
  • नए राष्ट्रपति: - फ्रांस के नए राष्ट्रपति मैक्रोन अपने कार्यालय में पहले पूर्ण कार्यदिवस पर प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा के लिए तैयार हैं, इस दिन वह जर्मन चासंलर एंजेला मर्केल से भी मिलने जाएंगे। सत्ता संभालने वाले 39 वर्षीय मध्यमार्गी नेता ने फ्रांस के लिए अपनी महत्वाकांक्षी योजनाएं तैयार की है। उन्होंने फ्रांस के चरमराए हुए आत्मविशस को बहाल करने और लड़खड़ाते यूरोपीय संघ के पुननिर्माण में मदद करने का वादा किया हैं।

अहम: -

  • प्रधानमंत्री का चयन उनके लिए पहला अहम काम होगा, ऐसा माना जा रहा है कि रिपब्लिकन (गणतंत्रवादी) पार्टी (दल) के 46 वर्षीय मध्य-दक्षिण मार्गी एडवर्ड फिलिप उनके पंसदीदा उम्मीदवार हैं उन्हें चुने जाने से यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि मैक्रोन अपनी नई मध्यमार्गी पार्टी (दल) रिपब्लिक (गणराज्य) ऑन द मूव (चिरण करना) में रिपब्लिकनो (गणतंत्रवादी) में से अन्य आधुनिक युवाओं को आकर्षित करना चाहते हैं, यह पार्टी जून में संसदीय चुनाव लड़ेगी।

नई दिल्ली: -

  • प्रधानमंत्री मोदी जी ने फ्रांस के इमन्युअल मैकरॉन को राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी और कहा कि वह दव्पक्षीय संबंधों को अधिक सुदृढ़ बनाने की खातिर उनके साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं। मोदी ने सोशल (सामाजिक) मीडिया (साधन) साइट (स्थिति) ट्‌विटर पर लिखा, ”इमन्युएल मैकरॉन को फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत पर बधाई।” उल्लेखनीय है कि 39 वर्षीय इमन्युएल मैकरॉन ने 7 मई को मैरीन ली पेन को हराकर इतिहास रच दिया और फ्रेंच फिफ्थ रिपब्लिक के 59 वर्ष के इतिहास में अब के सबसे युवा राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं।

यूरोप: -

  • समर्थक मध्यमार्गी इमन्युएल मैकरॉन ने आज आए अनुमान के मुताबिक फ्रांस के राष्ट्रपति का चुनाव जीत लिया है। चुनाव जीतने के बाद मैकरान का कहना है कि फ्रांस के लिए नए उम्मीदों और विश्वास से भरे अध्याय की शुरूआत है। इस जीत ने 39 वर्षीय निवेश बैंकर (महाजन) के राजनीतिक करियर (पेशा) को बहुत बड़ा बना दिया है। बेहद कम राजनीतिक अनुभव रखने वाले मैकरॉन फ्रांस के सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति होंगे।
  • प्राथमिक अनुमान के मुताबिक मैकरॉन 65.5 से 66.1 प्रतिशत के बीच मतों के साथ जीत रहे हैं जबकि ली पेन को 33.9 और 34.5 प्रतिशत के बीच मत मिले हैं। मैकरान ने कहा, ”आज रात हमारी लंबे इतिहास के एक नये अध्याय की शुरूआत हो रही है। मैं चाहता हूं कि यह आशा और नए विश्वास का अध्याय हो” चुनाव में मिली हार स्वीकार करते हुए ली पेन ने इसे ”ऐतिहासिक परिणाम” बताया और मैकरॉन को जीत पर बधाई दीं।
  • एक बयान में पेन ने कहा कि उन्होंने मैकरॉन को जीत पर बधाई देने के लिए लिए फोन किया था। उन्होंने मैकरान के समक्ष मौजूद ”बड़ी चुनोतियों” से निपटने में उनकी सफलता की कामना की। गौरतलब है कि राजनीति की दुनिया के लिए तीन साल पहले तक बेहद अनजान चेहरा आज की चुनावी जीत के बाद यूरोप का सबसे शक्तिशाली नेता बनकर उभरा है। इस जीत के साथ ही मैकरान के समक्ष फ्रांस और यूरोपीय संघ के राजनीतिक और आर्थिक सुधार का बेहद महत्वकांक्षी और महत्वपूर्ण एजेंडा (कार्यसूची) है।
  • इस चुनाव परिणाम का पूरी दुनिया पर असर होगा। विशेष रूप से ब्रसेल्स और बर्लिन ने आज रात राहत की सांस ली क्योंकि ली पेन की हार के साथ ही उनके यूरोपीय संघ विरोधी और वैश्वीकरण विरोधी अभियानों की हार हो गई हैं।

बधाई: -

  • दुनियाभर से नेताओं ने मैकरान को बधाई दी-
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्‌वीट में कहा, ”फ्रांस के अगले राष्ट्रपति के रूप में आज मिली बड़ी जीत पर मैकरान को बधाई। मैं उनके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हूं।”
  • मैकरान को बधाई देने वाले पहले कुछ नेताओं में शामिल ब्रिटेन की प्रधनमंत्री टेरीजा में की ओर डाउनिंग स्ट्रीट (पथ) के प्रवक्ता ने कहा ”प्रधानमंत्री निर्वाचित राष्ट्रपति मैकरान को उनकी चुनावी जीत पर बधाई देती है।” उन्होंन कहा, ”फ्रांस हमारा करीबी सहयोगी है और हम नये राष्ट्रपति के साथ काम करने को बहुत उत्सुक है।”

मैक्रॉन केबिनेट (मंत्रिमंडल): -

  • फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन ने अपने वादे को निभाते हुए केबिनेट मेे आधे पदों पर महिलाओं को जगह दी है। इसमें 22 में से 11 पदों पर महिलाएं है। हालांकि सबसे बड़े माने जाने वाले 5 शीर्ष पदों में से केवल एक रक्षा मंत्रालय का प्रभार ही महिला को मिला है। वहीं राजनीति की अलग-अलग धाराओं से कई हस्तियों को केबिनेट में शामिल कर मैक्रॉन ने फ्रांस के दक्षिण पंथियों को हैरत में डाल दिया है। मैक्रॉन ने मध्यम रूढ़िवादी विचारधार के ब्रुनो ले मेयर को आर्थिक मामलों का वहीं सोशलिस्ट (समाजवादी) मेयर (महापौर) कोलोम्ब को गृह और मध्यमार्गी फ्रांस्वां बायरू को न्याय मंत्री बनाया है।
  • फ्रांस के नए राष्ट्रपति को उम्मीद है कि अगले माह होने वाले संसदीय चुनाव में उनकी टीम (दल) बेहतर प्रदर्शन करेगी और दोबारा राष्ट्रपति बनने की उनकी संभावानाएं मजबूत होंगी। जिन महिलाओं को केबिनेट में शामिल किया गया है, वे निम्न है-

    • सिल्वी गोलार्ड (52) को रक्षाव तलवारबाजी में।
    • ओलपिंक चैंपियंन लॉरा प्लेसेल (45) को खेल मंत्री बनाया गया है।
    • वहीं मुरियल पेनीकॉड (62) को श्रम।
    • एग्नेस बुजेन (54) को स्वास्थ्य।
    • एनिक गिरार्डिन (52) को विदेशी क्षेत्र
    • फ्रांस्वा नेसेन (65) संस्कृति मंत्रालय का प्रभार मिला है।
    • मामन वर्क्स नाम से सफल ब्लॉग (चिट्‌ठा) चलाने वाली मार्लीन स्किआपा (34) को महिलाओं और पुरुषों में समानता के लिए जूनियर (कनिष्ठ) मिनिस्टर (मंत्री) बनाया गया है।

अन्य देश में केबिनेट (मंत्रिमंडल) में महिला मंत्री: -

भारत- भारत की केंद्रीय केबिनेट में 74 में से सिर्फ 9 महिला मंत्री (सुखमा स्वराज, उमा भारती, मेनका गांधी, हरसिमरत, स्मृति ईरानी, अनुप्रिया पटेल, निर्मला, सीमारमण, साध्वी निरंजना ज्योति और कृषण राज) हैं।

रंवाडा- 63.8 प्रतिशत सबसे ज्यादा महिला मंत्री रंवाडा में है।

बोलीविया- 53.1 प्रतिशत महिला मंत्री बोलीविया में हैं।

उपसंहार: -

  • फ्रांस में नये राष्ट्रपति की घोषणा के बाद अब देखना होगा की नये राष्ट्रपति जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी कैसे संभालते हैं उनके विकास व उज्जवल भविष्य के लिए क्या-क्या करते हैं?

- Published/Last Modified on: June 11, 2017

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