भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक व अन्य देशों की प्रतिक्रिया भाग-2 (Download PDF)

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बारामूला हमला:- सर्जिकल स्ट्राइक से बौखलाएं आतंकवादी और पाकिस्तानी सुरक्षाबल सेना के साथ अब गांवों में आम आबादी को भी निशाना बनाने लगे हैं। एलओसी से सटे जम्मू-कश्मीर के बारामूला में 2 अक्टूबर को रात 10.30 बजे 46 राष्ट्रीय रायफलस मुख्यालय पर दो तरफ से हमला हुआ। आतंकी हमला नाकाम होने के चंद घटे बाद 3 अक्टुबर को सुबह पुंछ में एलओसी के पास पाकिस्तान ने चार जगह भारी गोलाबारी की। 120 और 80 एमएम के मोर्टार बम दागने के साथ ही स्वचालित हथियारों से आगजनी की। पूरा इलाका दहशत में हैं। भारतीय सुरक्षा बलों ने भी पाकिस्तान को उसी के अंदाज में जवाब दिया। कार्रवाई में पाकिस्तान की त्वाईवेन 1 चौकी तबाह हो गईं। एवं दो आतंकियों को मार गिराया। हमारा भी एक जवान शहीद हो गया। देर रात 1.30 बजे तक सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी हैं। पूरे कश्मीर में हाई अलर्ट हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने पांच दिन में 10 बार तोड़ा संघर्ष विराम। एक कुलग्राम जिले में एक पुलिस चौकी में पुलिसकर्मी आराम कर रहे थे, रात को आतंकियों ने धावा बोल दिया और पुलिसकर्मियों को लाइन (रेखा) में खड़ा करके उनके हथियार छीन भाग गए।

आतंकियों ने सुरक्षा बलों के शिविर पर दो गुटो में हमला किया। आतंकियों ने सबसे पहले ग्रेनेड से हमला किया और फिर गोलीबारी शुरू कर दी। हमले में फिलहाल 4 से 5 आतंकी के शामिल होने की सूचना है।

इसके अलावा पीओके से सटे अचानूर सेक्टर को पाकिस्तान लगातार निशाना बना रहा है। और साथ में बीएसएफ शिविर को भी बनाया निशाना लेकिन इसके लिए हमारे सुरक्षा बल मुंहतोड़ कार्रवाई आतंकी को जवाब दे रहे हें।

उरी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। यह कश्मीर को अस्थिर करने के लिए छद्य युद्ध छेड़ रहा है। यह भारत के खिलाफ बड़ी साजिश है। इसका उद्देश्य कश्मीर में अलगावादियों और आतंककियो को सक्रिय करना हैं। हम ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे।

                                                                                                                          निर्भल सिंह, उपमुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर

अमरीका का भारत-पाक पर दबाव:-

  • एलओसी पार आतंकी शिविरों पर भारतीय सेना दव्ारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अमरीकी कूटनीति ने दोनों देशों पर मामले को आगे तूल न देने के लिए जबरदस्त दबाव बनाया था। अब अमरीकी सुरक्षा सलाहकार सुसैन राइस ने भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को फोन किया तब उन्होंने भारत दव्ारा पाकिस्तानी हिस्से में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन नहीं किया था। जानकारों के मुताबिक उसी दिन अमरीका ने पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान के साथ भी संपर्क किया। दोनों देशों को अमरीका का संदेश सीधा और साफ था, इस तनाव को आगे न बढ़ाया जाए। शायद इसी वजह से मोदी जी ने अपने दलों और समर्थकों को सलाह दी की वे ज्यादा बयानबाजी न करें। इसके चलते ही भारत इस हमले से जुड़ा कोई सबूत फिलहाल जारी नहीं कर रहा हैं।
  • इसी तरह शायद पाकिस्तान के दव्ारा सर्जिकल स्ट्राइक न होने की बात भी इसी कारण से कही गई हैं। दोनों देशों को समझाया गया कि सब्र से काम करें। ऐसा कुछ नहीं करे कि 8 नवंबर को होने वाले अमरीकी चुनाव पर कोई असर पड़े। अमरीका का मानना है कि यदि भारत-पाक में इस समय किसी तरह का तनाव बढ़ता है तो उसका अमरीका और ओबामा की विदेश नीति की विरासत पर नकारात्मक असर पड़ेगा, जो कि इस समय अपने अंतिम चरण में हैं।
  • हमारे एक रक्षा विशेषज्ञ का कहना है कि भले ही पाक अमरीकी दबाव में भारत के खिलाफ सैनिक तनाव न बढ़ाए पर यह सोचना असंभव है कि वह आतंकियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगा। जिनका इस्तेमाल वह भारत के खिलाफ छद्य युद्ध में करता आया है।
  • अगर पाकिस्तान यह दावा करता है कि एलओसी पर रोजमर्रा की ही तरह गोलीबारी हुई और भारत ने उसके इलाके में घुसकर कोई हमला नहीं किया तो इसके बाद किसी तरह से मामले को तूल देने की कोई वजह बचती नहीं है। यदि पाकिस्तानी सेना के भीतर किसी तरह की नारजगी है भी तो अमरीकी सलाह के बाद वह इस मामले को किसी तरह से आगे नहीं बढ़ाएगी।

                                                                                                                    भारत भूषण, कैच न्यूज से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार

  • पाक की विफलता:-भारतीय सेना की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक को पाक भले की नकार रहा हो लेकिन सेना व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच संबंधों में आ रही खटास की चर्चाओं के बीच पाक अब ऐसी स्थिति में आ गया है कि उसका हर कूटनीतिक कदम विफल होता जा रहा है।
  • ढाल:- परमाणु युद्ध की धमकी को पाकिस्तानी सेना, ढाल बनाती रही है। उस पर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को स्वीकार करने का मतलब यह साबित करना है कि भारत ने परमाणु युद्ध का खतरा उठाते हुए भी ऐसा किया।
  • निशाने पर संसद:- भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से बौखलाए पाकिस्तान का ’नापाक’ मंसूबा सामने आया है। बताया जा रहा है कि पाक के आतंकी संगठन जैश-ए मोहम्मद के आतंकी संसद पर फिर हमला कर सकते हैं। संचार माध्यम विवरण के अनुसार आईएसआई ने जैश आतंकियों को सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने लिए किसी भी हद तक जाने को कहा हैं। भारत का सबसे खतरनाक आतंकी और जैश सरगना मसूद अजहर इसकी साजिश रच रहा है। हमारी ख्ुाफिया कार्यकताओं ने जम्मू-कश्मीर की सीआईडी को आगाह किया है। जैश के आतंकियों ने ही अफजल गुरु की अगुवाई में 2001 में संसद पर हमले को अंजाम दिया था।
  • दिल्ली- हाल ही जैश-ए मोहम्मद के दो आतंकियों के कॉमर्शियल (मर्‌-शल्‌) वाहन में सवार होकर दिल्ली आने की जानकारी सामने आई थी। गाड़ी का ड्राइवर दक्षिण कश्मीर के कुलमाग से रवाना हुआ था।
  • सचिवालय निशाना:- खुफिया कार्यकताओं ने सुरक्षा बलों के हवाले से विवरण में कहा गया है कि अगर जैश संसद पर आत्मघाती हमला करने में विफल रहता है तो वह दिल्ली सचिवालय को निशाना बना सकता है। इसके साथ अक्षरधाम मंदिर, लोट्‌स (कमल) मंदिर पर भी हमले की आशंका है।
  • विवरण के अनुसार दिल्ली के लिए सबसे बड़ा खतरा मसूद अजहर और जैश-उल-हक तंजीम संगठन से है। इसी तंजीम ने आईसी-814 को हाईजैक मामले में भी बड़ी भूमिका निभाई थी। दिल्ली और मुंबई में अलटर् (चेतावनी) जारी किया गया है।
  • पंपोर:- जम्मू-कश्मीर के पंपोर में एक सरकारी इमारत में दो से तीन आतंकवादियों ने एक सरकारी इमारत पर हमला बोल दिया। आंत्रप्रन्योर डेवेलपमेंट इंस्टीट्‌युट (विकास संस्था) (ईडीआई) शिविर में ये आतंकी घुसे थे। आतंकवादी झेलम नदी से बोट में बैठकर आए।
  • मोदी की तैयारी:- भारत पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए मोदी सरकार ने हथियार बनाने वाली जनसमूहों से पूरी तरह से तैयार रहने को कहा है। शॉर्ट नोटिस (अपूर्ण सूचना) पर उन्हें कभी हथियारों की आपूर्ति करने के संकेत दिए हैं। मंत्रालय को गोला बारूद के साथ ही सुखोई और लड़ाकू विमान में लगने वाले स्पेयर पाट्‌र्स (रक्षा करना/अल्प व्यय करना वाले हिस्सा/विशेषता) प्राथमिकता में हैं।
  • चीन:- चीन ने फिर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र संघ दव्ारा आतंकी घोषित किए जाने से बचा लिया है। उसने भारत के प्रस्ताव पर फिर वीटों की मियाद बढ़ा दी है। अब चीन की यह रोक छह महीने बढ़ गई है।
  • प्रतिबंध- प्रतिबंध लगता तो 1,267 समिति की सूची में अजहर का नाम होने से उसकी संपत्तियां जब्त होगी। यात्रा पर रोक लगेगी। 31 मार्च, 16 को भी चीन ने मसूद को आतंकी घोषित कराने पर रोक लगा दी थी। 15 सदस्य देशों में चीन इकलौता था जिसने भारत के आवेदन का विरोध किया। 1,267 समिति ही आतंकियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला करती है। 1999 में सुरक्षा परिषद ने लादेन को आतंकी घोषिक कर उसे और अलकायता पर प्रतिबंध लगाया था।

अमरीका:-

  • अमरीका ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान दव्ारा दी गई परमाणु हमले की धमकियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। अमरीकी विदेश मंत्रालय के डिप्टी प्रवक्ता मार्क टोनर पाकिस्तान को अपनी नाखुशी के बारे में सूचित किया है। उन्होंने कहा कि पाक को परमाणु सक्षम देश के तौर पर उसे अपनी जिम्मेदारियां समझानी चाहिए।
  • पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने पिछले 15 दिनों में दो बार यह कहा है कि उनका देश भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। इस पर टोनर ने कहा, यह चिंताजनक है।
  • मंजर- 6 अगस्त, 1945 को अमरीकी बी-29 ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिरा। 580 मीटर की ऊंचाई पर विस्फोट। 10 वर्ग किमी. के क्षेत्र में गहरे गढे बन गए विस्फोट से। आग 03 दिनों तक जारी रही ये।

उपसंहार:- सर्जिकल स्ट्राइक के साथ ही ’धैर्य- की बहुत, बहुत ही लंबी रणनीति समाप्त हुई। देशवासियों के मन में जो चल रहा था, उसका राजनीति ने सम्मान किया। यह अभूतपूर्व था। स्ट्रेटेजी, डिप्लोमेसी और मिलिट्री (संकट की अवस्था, युद्ध संबंधी, कुटनीति ) तीनों मोर्चो पर पाकिस्तान दुनिया के सामने इस तरह कमजोर कभी नहीं दिखा जैसा की अभी हैं। इसलिए अगर आतंक को पूर्ण रूप से समाप्त करना हैं तो पूरे विश्व के वे देश जो आतंक से जुड़े नहीं हैं और आतंक का विरोध करते हैं तो उन्हें एक मत होकर निस्वार्थ भाव से ही समर्थन देना होगा।

- Published/Last Modified on: November 8, 2016

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