भारत व पाकिस्तान हथियार (India and Pakistan Arms) (Download PDF)

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प्रस्तावना:- पाकिस्तान ने चीन, अमरीका व उत्तर कोरिया का पिछलग्गू बन चोरी-छिपे तकनीक का जुगाड़ कर परमाणु बम बनाया। उरी हमले के बाद परमाणु शक्ति संपन्न भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। हम जहां ’नो फर्स्ट यूज’ यानी पहले प्रयोग नहीं करेंगे, की नीति पर कायम हैं वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी नेता और फौजी अफसर एटम बम के इस्तेमाल के गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। लेकिन भारत का मजबूत सुरक्षा चक्र पाकिस्तान के एटमी मंसूबे की जमींदोज करने में सक्षम है। इसलिए एटम बम दागने की हिमाकत की तो नक्शे से मिट जाएगा पाकिस्तान फिर भूगोल ही बदल जाएगा।

  • परमाणु हथियार:- परमाणु हथियार रखना अलग बात है और उनका इस्तेमाल करना एकदम अलग बात है। पाकिस्तान खुद के परमाणु हथियार संपन्न होने और उनके भारत के खिलाफ इस्तेमान की जो बयानबाजी करता है, वह दिखावा तो ही बल्कि उसे बढ़कर वह एक कोरी बात है। उसे यह बात भलीभांति मालूम है कि अगर वह परमाणु हथियार से एक बार हमला करेगा तो भारत उसे नक्शे से अलग कर देगा। इसलिए हम पर पाकिस्तान से हमला होता है तो हम बड़ा हमला करेंगे। जाहिर जी बात है हमारे कुछ शहर प्रभावित होंगे पर पाकिस्तान छोटा-सा देश है वह तो खत्म ही हो जाएगा। वैसे परमाणु हथियार के इस्तेमाल की बात बार-बार कहकर पाकिस्तान खुद को परेशानी में डाल चुका है। दुनिया में सभी देशों को मालूम है कि वह परमाणु हथियार को लेकर जिम्मेदार नहीं है। उसे एनएसजी (परमाणु आपूर्ति समूह) सदस्य बनाने में चीन के अलावा कोई और मददगार नहीं होंगे।
  • असुरक्षित हथियार व निर्भरता:-यह जानकारी भी सभी को हैं कि पाकिस्तान के पास मौजूद परमाणु हथियार असुरक्षित हैं और वे वहां आतंककारी संगठनों के हाथ भी लग सकते हैं। वहां सरकार की अस्थिरता को देखते हुए हम कह सकते है कि उनके परमाणु हथियार चोरी हो सकते हैं या सरकार अपनी मर्जी से आतंककारियों के दे सकती हैं। हमने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में करारा जवाब दे दिया है। पाकिस्तान भारत से कभी मुकाबला नहीं कर सकता। उसकी सेनाओं के पास अपनी क्षमताएं भी नहीं है। वे अपने बूते खड़ी नहीं हो सकती है। उन्हें चीन और अमरीका पर निर्भर रहना होता है। हमने अपनी सैन्य क्षमताएं खुद विकसित की है। भारत की सेना विश्व में शीर्ष सेनाओं में शुमार है।
  • जवाब:-हमें पाकिस्तान को सामरिक, कूटनीति और राजनीतिक, त्रिस्तरीय दबाव बनाकर अलग कर देना चाहिए। जब हम पर कोई भी हमला सीमापार से हो तो उसका जवाब फौरन दुगनी तीव्रता से देना चाहिए। अभी हम जवाबी हमले के पहले बातचीत में समय गुजारते है। उसकी जरूरत नहीं है। इस परिस्थिति के लिए अब हमारी एक स्पष्ट नीति बन जानी चाहिए। यदि भारत पर हमला होता भी है तो सरकार की ओर से हरी झंडी मिलते ही पाक का सफाया तय हैं।
  • आधुनिक हथियार:- हमारे पास एक दक्ष नेवी है। उसके पास उच्च तकनीक वाले आधुनिक हथियार है। ब्रहृमोस जैसी लॉन्ग रेंज मिसाइल (लंबी दूरी यंत्र) है। लंबी दूरी तक जाने में सक्षम जहाज हैं। जहाजों की तादाद बढ़नी चाहिए सबमरीन में हमें और तरक्की करनी होगी।

पाकिस्तान और भारत के विमान:-

Table showing the india fighter plane

the india fighter plane

Table showing the India plane

the fighter India plane

Table showing the Pakistan and India plane

Pakistan and India plane

भारत के फाइटर (लड़ाकू) विमान

विमान

गिनती

सू-30 एमकेआई

240

मिग-29

70

जगुआर

120

मिग-21

200

मिराज-2000

50

भारत के हेलिकॉप्टर

हेलिकॉप्टर

गिनती

एमआई-17 वी-5

120

एमआई-25 लड़ाकू

36

02 लाइट कॉम्बट एयरक्राफ्ट

Table showing the The plane will be presented in future in India

The plane will be presented in future in India

भविष्य में प्रस्तुत विमान भारत में आएंगे

विमान

गिनती

राफेल

36

चिनूक (हेलिकॉप्टर उठाने की क्षमता)

15

अपाची (लड़ाकू हेलिकॉप्टर)

22

रक्षा बजट का 35 प्रतिशत हिस्सा भारतीय वायुसेना विमान की खरीद पर खर्च करती हैं।

क्षमता:-पाकिस्तान की ओर से किसी भी परमाणु हमले से निपटने में भारत थल, जल, नभ से सक्षम है। मिसाइल इंटरसेप्टर तकनीकी तुरुप का इक्का हैं। कुछ प्रमुख क्षमताएं निम्न हैं-

  • उन्न्त राडारों से चौकस नजर
  • कंट्रोल स्टेशन (नियंत्रण स्थान) से तुरंत सूचना
  • हवा में दुश्मन मिसाइल (फेंककर मारने को अस्त्र, यंत्र) खत्म

वायु सेना:-

भारत-

भारत के पास एयरक्राफ्ट 2086 हैं, लड़ाकू विमान 679 हैं एवं हेलीकॉप्टर 646 हैं। इसके अतिरिक्त रैंक 04, 809 फिक्स्ड विंग अटैक एयरक्राफ्ट (दृढ़ रक्षा हमला हवाई जहाज), 318 ट्रेनर एयरक्राफ्ट, 19 अटैक हेलीकॉप्टर्स, 857 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (ढुलाई हवाईजहाज) हैं।

पाकिस्तान-

  • पाकिस्तान में लड़ाकू विमान:- स्वदेशी तकनीक से निर्मित तेजस भारतीय वायुसेना का सपना लड़ाकू विमान हैं। उन्नत तकनीक से युक्त तेजस विमान वायुसेना में मिग का स्थान लेंगे।
  • अपग्रेड मिराज-2000- वायुसेना की ताकत। मिका मिसाइल दागने में सफल।
  • आईएनएस अरिहंत-परमाणु शक्ति चालित, दुश्मन के हमले का जवाब देने में सक्षम।
  • आईएनएस विक्रांत- उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर (हवाई जहाज, चरित्र), समुद्री ताकत का र्प्याय।
  • पाकिस्तान के पास एयरक्राफ्ट 923 हैं, लड़ाकू विमान 304 हैं एवं हेलीकॉप्टर 306 हैं।

थल सेना में:-

  • भारत में रैंक 02 सैनिक 13.25 लाख हैं, टैंक 6,464 हैं, एएफवी 6,704 हैं।
  • पाकिस्तान में रैंक 13 है जिसे सैनिक 6.20 लाख है। टैंक 2,924 है। और एएफवी 2,828 है। दोनों के पास 58.5 टन वजनी का एमबीटी है।

जल सेना:-

  • भारत में रैंक 07 हैं नेवल स्ट्रेंथ 295, युद्धपोत 02, पनडुब्बी 14 हैं। 10 डेस्ट्रॉयर (नष्ट करना), 02 एयरक्राफ्ट कैरियर, 26 लड़कू जलपोत।
  • पाकिस्तन में टॉप (उच्च) 20 में भी नहीं। नेवन स्ट्रेंथ 197, युद्धपोत 00, पनडुब्बी 05 हैं। एक भी डेस्ट्रॉयर (नष्ट), एयरक्राफ्ट कैरियर व लड़ाकू जलपोत नहीं।

नोट:- (आंकड़े विश्व एटॉमिक रिसर्च (खोज), विकिपीडीया व अन्य वेबसाइट्‌स से )

9 देश जिनके पास परमाणु हथियार हैं-

Table showing the 9 countries with nuclear weapons

The 9 countries with nuclear weapons

देेश

गिनती

रूस

7,500

अमरीका

7,200

फ्रांस

300

चीन

250

यूके

215

पाकिस्तान

120

भारत

110

इजरायल

80

उ. कोरिया

10

दुनिया भर में 15,500 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं।

आधी दुनिया है मिसाइलों की जद में:-

  • अग्नि उगलेगी आग- हमारे पास अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जो 5200 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तक हमला करने में सक्षम हैं।
  • आयरन डोम (लौहा गुम्बददार) - मिसाइल इंटरसेप्टर की राडार युक्त उन्नत रक्षा प्रणाली को आयरन डोम कहा जाता है। अमरीका, रूस, इजरायल व भारत के पास ही है ये तकनीक। भारत इसे और विकसित करने में जुटा है।
  • शाहीन आधी मारक क्षमता- पाक के पास शहीन-3 श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल हैं, जो अग्नि से आधी 2700 किमी, तक ही हमला करती है।

Table showing the pakistan fighter plane

the pakistan fighter plane

पाकिस्तान के लड़ाकू विमान

विमान

गिनती

एफ-16 (अमरीकी विमान)

75

जेएफ-17

100

मिराज-03 (फ्रेंच विमान)

160

चेंगडू एफ-7 (चीनी विमान)

190

एमआई-17 हेलिकॉप्टर

45

भविष्य में प्रस्तुत विमान पाकिस्तान आएंगे

एफ-16 के नए वर्जन जेएफ-17 थंडर के अपडेट विमान चेंगडू जे’10 विमान

  • भारत के मुख्य हथियार:- केएच 39, केएच 59, केएच 35, आर 77 केएबी-500-लेजर रोशनी से हमला करने वाले बम। हवा से हवा में हमला करने वाली मिसाइलें। हवा से जमीन पर हमला करने वाली मिसाइलें।
  • कारण:- पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को मूर्त रूप प्रदान करने वाले वैज्ञानिक ए. क्यू. खान को ये बदगुमानी है कि क्वेटा से दागी गई एटमी मिसाइल पांच मिनट में नई दिल्ली की चौखट पर पहुंच सकती है। लेकिन परमाणु हमले की सूरत में एटमी क्षमता होना और इसे दागना दो बिल्कुल अलग तथ्य है। सैन्य भाषा में इसे ’न्यूक्लियर वेपंस डिलीवरी’ (बम हथियार आपूर्ति) कहते हैं। भले ही पाकिस्तान के पास भारत से अधिक पर परमाणु हथियार हों, भारत के पास डिलीवरी और डिफेंस के मामले में बेहतर और उन्नत तकनीक है।

भारत की मजबूती के तीन बड़े कारण निम्न हैं-

  • पहला न्यूक्लियर ट्रायड तीनों में आगे एटमी क्षमता होना और दागना अलग बात हैं:- से अभिप्राय एटमी हथियारों को हवा, जमीन और पानी से दागने की क्षमता है। परमाणु शक्ति संपन्न देश के पास सामरिक बम वर्षक विमान, इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) व बैलेस्टिक सबमरीन (पनडुब्बी) होना जरूरी होता है।

पाकिस्तान के पास बैलेस्टिक सबमरीन नहीं हैं खरीदने के लिए पर्याप्त धन व तकनीकी विशेषज्ञता नहीं है। सिद्धांत रूप से पाकिस्तान अपने वॉरहैंड्‌स (हमला हाथ) से कन्याकुमारी तक दाग सकता है। लेकिन भारत से काउंटर फोर्स (विरोध फौजी) के रूप में पाकिस्तान के पास कोई माकूल जवाब नहीं है।

भारत के पास आधुनिक मिराज, जैगुआर व सुखोई जैसे दमदार और भरोसे मंद लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन (जहाजी बेड़ा) हैं। अग्नि मिसाइल की पूरी रेंज (पकड़) हैं जो कि उसे पाक के मुकाबले अपरहैंड देती है। पाकिस्तान के पास वेपंन डिलीवरी व्यवस्था भारत के मुकाबले में काफी कमजोर है। आईएनएस अरिहंत से 3500 किलोमीटर रेंज वाली के-15 और के-4 एटमी मिसाइलें दाग सकते हैं। आईएनएस अरिदमन पनडुब्बी की फिलहाल निर्माण प्रक्रिया जारी हैं।

  • दूसरा सेकंड स्ट्राइक केेपेबिलिटी (दूसरी हड़ताल योग्यता) से पहले हमले की गलती पाक को बड़ी भारी पड़ेगी-भारत परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल नहीं करने (नो फर्स्ट यूज) की नीति का पालन करता है। जबकि पाकिस्तान नो फर्स्ट यूज (पहला प्रयोग) की नीति का खुलेआम विरोध करता है। ऐसे में माना जाता है कि वह परमाणु विकल्प का पहले इस्तेमाल करेगा, लेकिन पाकिस्तान के लिए परमाणु बटन को दबाना खुद के लिए तबाही का सबब ज्यादा होगा। भारत की प्राथमिकता पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइलों के ठिकानों को नष्ट करने की होगी। ऐसे में पाकिस्तान के पास छोटी दूरी की मिसाइलें ही बचेंगी जो कि भारत के लिए बड़ा सिरदर्द नहीं होगी। पाकिस्तान के पास मिसाइलों की डिलीवरी के सीमित विकल्प हैं। कमजोर नौसेना और भारत की हिंद महासागर में मजबूत मौजदूगी भी उसके लिए बड़ा खतरा है।
  • तीसरा मिसाइल डिफेंस सिस्टम-आसमानी निगहबानों से मजबूत है हमारी सरहदें- परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच एटमी युद्ध का मतलब होता है ’नुकसान करो और नुकसान झेलो’ पाकिस्तान की परमाणु मिसाइलों से मुकाबला करने में इंटरसेप्शंन मिसाइल सिस्टम (अवरोध यंत्र व्यवस्था) भारत ने विकसित कर लिया है। स्टेट ऑफ द आर्ट (राज्य की यह कला) इस तकनीक पर भारत पिछले लगभग 10 साल से गंभीरता से काम कर रहा है। इसके सकारात्मक नतीजे भी सामने आ रहे हैं। मिसाइल डिफेंस तकनीक अभी तक चुनिंदा देश ही विकसित कर पाए हैं। वर्तमान में मिसाइल डिफेंस तकनीक अमरीका, रूस और इजरायल के पास में ही है। भारत इस तकनीक को विकसित करने वाला दुनिया का चौथा ही देश है। हमारे प्रमुख शहर पाकिस्तान दव्ारा दागी जाने वाली किसी भी परमाणु मिसाइलों से सुरक्षित हैं। सोर्डफिश राडार तकनीकी भारत का तुरूप का इक्का साबित होगी। इस तकनीक में उन्नत राडार और सैटेलाइट (उपग्रह) का इस्तेमाल होता है। हमारा मिसाइल डिफेंस व्यवस्था पूरी तरह से कारगर है। पिछले दिनों इस व्यवस्था का सफलतापर्वूक परीक्षण भी हो चुका है। जबकि पाकिस्तान के पास ऐसी कोई भी उन्नत तकनीक नहीं है जो कि उसे भारतीय हमले से बचा सके।

अश्विन:-

  • एपीजे अब्दुल कलाम दव्ीप (आडिशा का व्हीलर दव्ीप) में 15 मई, 2016 की गर्म दोपहर में। मोबाइल लांचर से दागी सुपरसोनिक अश्विन मिसाइल ने भारतवासियों को सुरक्षा का अटूट चक्र प्रदान किया। अश्विन मिसाइल का सफलतापूर्ण परीक्षण पाकिस्तान की नापाक मंसूबों वाली मिसाइलों को माकूल और पुख्ता जवाब है।
  • अश्वि मिसाइल भारत की एंटी बैलिस्टिक न्यूक्लियर डिफेंस शील्ड का अहम हिस्सा है। इसके सफल परीक्षण से ’पड़ोस’ में खलबली मच गई। पाकिस्तानी सरकार के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने फौरन प्रतिक्रिया दी, ’भारत के इस कदम से क्षेत्र शक्ति संतुलन डगमगा गया हैं। हम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मसले को उठाएंगे।’ इस बयान से स्पष्ट है कि दक्षिण एशिया में अब शक्ति का संतुलन भारत के पक्ष में है। अश्विन के जवाब में चीन से मदद मांगने तक की नसीहत तक दी है।
  • इंटरसेप्टर मिसाइल अश्विन हमारे लिए एक कारगर रक्षात्मक हथियार है। इसके सफल परीक्षण के कारण पाकिस्तान बौखला गया है। पाक को अब अपने एटमी जखीरे के कुछ होने का खतरा पैदा हो गया है।

                                                             नितिन गोखले, रक्षा विशेषज्ञ, भारत शक्ति के संस्थापक

  • खेल:- परमाणु शक्ति संपन्न भारत की ओर से कभी इस प्रकार के गैरजिम्मेदारी बयान आपको कभी सुनाई नहीं देगे। हमारा लोकतंत्र काफी परिपक्व है। भारतीय सेना भी गौरवशाली परंपरा का पालन करती है। बम कोई बच्चों का खेल नहीं कि जब जी में आया तो फोड़ दिया। दुनिया में अब तक एक बार ही दव्तीय विश्व युद्ध के समय अमरीका ने इसे जापान पर गिराया था। इसके दुष्परिणाम अब तक देखे जा सकते हैं। पाकिस्तान ने अपना परमाणु कार्यक्रम चोरी से शुरू किया और इसे अंजाम भी इसी प्रकार के तरीकों से दिया है।

                   जयप्रकाश नेहरा, पूर्व आर्मी डिप्टी चीफ (प्रतिनिधि मुखिया), पीवीएसएम,एवीएसएम

मुश्किल:-

  • अमरीकी विदेश मंत्रालय की हालिया विवरण के अनुसार पाकिस्तान के पास लगभग 120 एटमी हथियारों का जखीरा है। बड़ा खतरा है कि ये हथियार पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के सरगनाओं की पहुंच में है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हाल में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में कहा था कि ’उनका देश हथियारों की दौड़ में लिप्त नहीं होगा, लेकिन रक्षात्मक प्रतिरोध के लिए वह सभी प्रकार के उपाय उठाएगा।’ इस बयान के संदर्भ में एक भारतीय रणनीतिकार का कहना है कि पाकिस्तानी एटमी जखीरे के कुछ बम भी यदि वहां के आतंककियों के हाथ लग गए तो बड़ी परेशानी पैदा हो सकती है। इसके घातक परिणाम हो सकते हैं। अमरकी थिंकटैंक भी इस आशंका को पूर्व में कई बार दोहरा चुके हैं। पाकिस्तान ने हाल में हत्फ-9 मिसाइल का परीक्षण किया है। ये छोटी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल परमाणु वॉरहैंडस को ले जाने में सक्षम है। भारत की परंपरागत सैन्य क्षमता को कुंद करने की नीयत से ही पाकिस्तान ने इस मिसाइल को विकसित किया है। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले की बहुत कम आशंका है। भारतीय परमाणु क्षमता को देख ऐसा नहीं लगता है कि पाकिस्तान हमला करेगा।
  • पाकिस्तान आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर और बीमार राष्ट्र है। पाकिस्तान परमाणु हमले को लेकर बयान देकर एक प्रकार का खौफ पैदा करने की नीयत में रहता है।

                                                                                                                          सादिक नकवी

  • परमाणु कार्यक्रम व सुरक्षा:- पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के सुत्रधार रहे एक्यू खान को तो वैज्ञानिकों की अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में बकायदा बेदखल कर रखा है। कोई सनकी हुकमरान ही परमाणु हमले का आदेश दे सकता हैं। क्योंकि इससे होने वाली तबाही का मंजर वो स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। साथ ही हमारी सेकंड स्ट्राइक क्षमता के बारे में पाकिस्तान को अच्छी तरह से पता है। पाकिस्तान भारत पर परमाणु हमले की हिमाकत नहीं करेगा, लेकिन यदि वो ऐसा करता है। तो हमारे पास उस हमले को विफल करने की पूरी क्षमता है। पाकिस्तान की ओर से किसी भी परमाणु हमले को बेअसर करने की हमारी मिसाइल डिफेंस (यंत्र रक्षा) तकनीक भी कारगर साबित होगी। दुनिया के कुछ देशों में इस प्रकार की मिसाइल डिफेंस तकनीक काफी हद तक कारगर साबित हुई। हमे इस दिशा में ओर आगे बढ़ना होगा। जिससे कि हमारे शहरों को संभावित परमाणु हमले से सुरक्षित रखा जाए।
  • चीन:- पाकिस्तान अपनी सैन्य जरूरतों के लिए चीन पर निर्भर है। पाक को चीन मदद भी देता है। लेकिन परमाणु हमले की सूरत में चीन भी पाकिस्तान को सहायता देने वाला नहीं है। क्योंकि दक्षिण एशिया में पाकिस्तान से पहले चीन अपने हित पहले देखेगा वह एटमी झंझट से दूर होगा। पाकिस्तान और चीन के बीच परमाणु सांठगांठ से ज्यादा खतरा वैश्विक शांति को है। पाकिस्तान की ओर से भारत पर परमाणु हमले की आशंका इस सांठगांठ से कम ही है। सिब्बल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक हालात को देखकर लगता है कि अमरीका और रूस जरूर अपने परमाणु विकल्पों को एक-दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते हैं। अमरीकी रक्षा विशेषज्ञ जॉर्ज पर्कोचिव के अनुसार परंपरागत युद्ध में भारतीय श्रेष्ठता के मद्देनजर ऐसी आशंका है कि पाकिस्तान छोटे परमाणु हमले की ओर उन्मुख हो सकता है। ये अतिश्योक्तिपूर्ण भी हो सकता हैं। लेकिन भारत को इस आशंका पर गौर जरूर करना पड़ेगा। एक वरिष्ठ भारतीय सैन्य अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले की चेतावनी देना मनोवैज्ञानिक बयानबाजी ज्यादा है। क्योंकि यदि ऐसा होता भी है तो भारत पाकिस्तान को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है। साथ ही अमरीका और चीन के दक्षिण एशिया में व्यापारिक हित भी पाकिस्तान को ऐसी कोई भी हरकत करने से निश्चय ही रोकेंगे।
  • विरोध:- चीनी वस्तुओं की खरीदारी के पीछे हम भारत में बनी वस्तुओं का व्यापार होने से देश को नुकसान हो रहा है। चीन हमारा मित्र राष्ट्र नहीं हैं। भारत के साथ व्यापार से हो रहे आर्थिक लाभ से चीन हथियारों की खरीदारी बड़े पैमाने पर कर रहा है और उसकी पूरी संभावना हैं चीन उन हथियारों की आपूर्ति हमारे दुश्मन देश को कर रहा हो। यही वजह है कि हमें मेंक इन इंडिया (भारत में बनी वस्तुओं की खरीददारी) के सिद्धांत के सहारे खुद को मजबूत करना चाहिए।

उपसंहार:-प्रस्तुत बातों से कुल मिलाकर साफ है कि पाकिस्तान भारत के क्षमता व हथियार के विषय में सब कुछ जान गया होगा इसलिए अब वह भारत पर हमला करने से पहले कई बार विचार करेगा फिर आगे पाकिस्तान की क्या प्रतिक्रिया होती है यह तो बाद में पता पड़ेगा।

- Published/Last Modified on: November 8, 2016

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