उच्च छ: समाचार भाग-2 (Top Six News Part - 2 in Hindi) (Download PDF)

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पाकिस्तान व अफगानिस्तान:- के आपसी संबंध अतीत में काफी मधुर रहे हैं। अफगानिस्तान में तालिबान का शासन के दौरान दोनों देशों के संबंध अत्यंत घनिष्ठ हो गए थे। इसकी एक वजह पाकिस्तान का तालिबान के उदय और सत्ता तक पहुंचाने में योगदान रहा है। तालिबान की स्थापना में ही पाकिस्तान की बहुत बड़ी भूमिका रही थी जिसकी वजह से पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा प्रभाव बना रहा। अमरीका पर 9 ⁄ 11 के हमले के बाद शुरू हुई आतंकवाद विरोधी मुहिम और तालिबान शासन के खात्मे का असर पाकिस्तान पर भी पड़ा। अफगानिस्तान में हार के बाद काफी संख्या में अफगान तालिबान के लड़ाकू भाग कर पाकिस्तान में आ गए। बाद में इन लड़ाकों ने पाकिस्तान के सरहदी इलाकों से गतिविधियां संचालित करनी शुरू कर दी। तालिबान के जाने के बाद पाकिस्तान का प्रभाव अफगानिस्तान पर कम हो गया। अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक सरकार अस्तित्व में आई जिससे पाकिस्तान के संबंध ज्यादा मधुर नहीं रहे। अफगान सरकार अक्सर पाक पर आरोप लगाती रही है कि वह अफगानिस्तान में तालिबान को बढ़ावा देकर आतंक फैला रहा है।

घटना- हाल ही में तोरखाम सीमा पर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सैनिको के बीच हुई गोलाबारी में पाकिस्तान सेना का एक अधिकारी मारा गया और दो सैनिक घायल हो गए। पाकिस्तान का कहना है कि वह अपने सीमा क्षेत्र में निर्माण कार्य कर रहे थे कि अफगानिस्तान के सैनिकों ने गोलाबारी शुरू कर दी। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच फिर तनाव पैदा गया हैं।

भारत-नेपाल:- के रिश्ते लंबे से मधुर रहे हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच अच्छे संबंध रहे हैं। तथा एक दूसरे देश में लोगों के नाते रिश्तेदार रहते हैं। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के संबंधों में कुछ खटास आई है। इसका कारण नेपाल का नया संविधान है। नए संविधान को लेकर वहां के मधेशी राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं। नेपाल का मानना है कि मधेशियों को भारत उकसा रहा है। दोनों देशों के बीच खटास रिश्तों को सुधारने के प्रयास भी हुए हैं। लेकिन संबंध पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ पाए हैं। इन संबंधों को वापस पटरी पर लाने का जिम्मा अब दोनों देशों के प्रमुख लोगों ने उठाया है। दोनों देशों के संबंधें में सुधार सहित सभी मुद्दों पर बातचीत करने के लिए दोनों देशों के प्रमुख लोगों की बैठक काठमांडु में 4 व 5 जुलाई को हो गई। इसका उद्घाटन नेपाल के उपप्रधामंत्री एवं विदेश मंत्री कमल थापा ने किया हैं। बाद में दोनों देशों की तरफ से चार-चार सदस्य बंद दरवाजे में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाए की। नेपाल की तरफ से बहादुर थापा, सूर्य नाथ उपाध्याय, निलांबर आचार्य और रंजन भट्‌टाराई तथा भारत की तरफ से भगत सिंह कोश्यारी, महेन्द्र लामा, जयंत प्रसाद और बी. सी. उप्रेती भाग लेंगे। बैठक में राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, व्यापार एवं आवामगन, सीमा प्रबंधन और जल संरक्षण सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी। नेपाल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह वार्ता होना बहुत ही सकरात्मक खबर है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच प्रमुख नागरिक समूह का गठन 2014 में किया गया था।

पाकिस्तान:- में सेना का शासन व्यवस्था में प्रभावी दखल रहा है। पाकिस्तान की आजादी के कुछ समय बाद ही सेना ने तख्ता पलट करके शासन की कमान अपने हाथ में ले ली थी। इसके बाद कभी सेना तो कभी चुनी हुई सरकार शासन करती रही। कई दशकों तक पाकिस्तान की सेना के जनरलों ने तानाशाह के रूप में शासन किया। सेना जब भी शासन से हटी तब भी उसका शासन में प्रभावी भूमिका बनी रही है। अभी पाकिस्तान में चुनी हुई सरकार ने शासन व्यवस्था संभाल रखी है। लेकिन सेना की प्रभावी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता हैं। सेना आतंकवाद बिगड़ी कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला कर प्रभावी भूमिका निभा रही है। कराची की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति और शहर को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार 20,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती करेगी। इस भर्ती का सारा जिम्मा सेना को सौंपा गया। सेना मेरिट के आधार पर भर्ती करने और उनको प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसमें भर्ती होने वाले पुलिसकर्मियों को हल्के हथियार चलाने और कराची में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिहाज से प्रशिक्षित किया जाएगा। इन पुलिसकर्मियों के साथ ही दो हजार पूर्व सैनिकों की भर्ती की जाएगी। पाकिस्तान के गृह मंत्री का मानना है कि सेना देशभर में पुलिस के साथ-साथ अन्य कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली कार्यकर्ताओं की मदद करती रही है और उन्हें प्रशिक्षण देती रही है। इसलिए कराची में पुलिस की भर्ती सेना के लिए नई बात नहीं हैं।

अगस्ता हेलीकॉप्टर:- इस मामले का विस्तार हम पूर्व में कर चुके है अब आगे इस घोटाले की जांच होती जा रही है जिससे इस मामले में ओर बाते उजागर हुई हैं, जिसमें सीबीआई ने कुछ बड़े मामलों की जांच तेजी से करने के एक खास जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया हे। यह जांच दल शुरू में अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले और विजय माल्या से जुड़े कर्ज धोखााधड़ी जैसे महत्वपूर्ण मामलों की जांच करेगी। एसआईटी का नेतृत्व अतिरिक्त निर्देशक राकेश अस्थाना करेंगे। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है।

एसआईटी- उन्होंने बताया कि इटली की एक न्यायालय द्वारा फिनमैकेनिका और अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व प्रमुखें को दोषी कराए दिए जाने के बाद 3,600 करोड़ रुपए की हेलीकाप्टर व्यापारीक समझौते को लेकर जांच कार्यकर्ता की ‘समझ’ बदली हैं। यह सौदा कुछ भारतीयों को कथित रूप से रिश्वत देने के बाद किया गया। सूत्रों ने बताया कि मिलान की अपीलीय अदालत ने यह साफ किया है कि ब्रिटेन की जनसमूह अगस्ता वेस्टलैंड ने ये रिश्वत दी जो कि इतावली जनसमूह फिनमैकेनिका की सहायक जनसमूह है। एसआईटी अब इस बात की जांच करेगी कि किन लोगों को रिश्वत दी गई और वह पैसो के लेनदेन की चेन का भी पता लगाएगी।

राकेश अस्थाना- 1984 बैंच के गुजरात कैंडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वे अपनी जांच में किसी तरह की कमजोर कड़ी या बचने की गुंजाइश तक नहीं छोड़ते हैं। फरवरी 2002 में हुए गोधरा कांड मामले की जांच करने वाली राज्य एसआईटी का नेतृत्व कर चुके हैं। लालू प्रसाद यादव के चारा घोटाले, आसाराम-नारायण सांई दुष्कर्म मामले जैसे कई बड़ें मामलों की जांच से किसी न किसी स्तर पर राकेश जुड़े रहे हैं।

राकेश के पूरे हुए निम्न मामले हैं इस प्रकार हैं-

  • अहमदाबाद बम कांड-जुलाई-2008 अहमदाबाद में सीरियल बम ब्लास्ट हुए। 59 लोग मारे गए। सूरत में बम फटे नहीं। अस्थाना तब बड़ोदरा पुलिस आयुक्त थे। सुराग मिला के हालोल में कोई संदिग्ध गतिविधि हुई। केवल इस सुराग के आधार पर 22 दिन में बम कांड के षडयंत्र का पर्दाफाश किया।
  • सांप्रदायिक हिंसा- गुजरात के अहमदाबाद 1990 और बिहार के पाटण 1991 में हिंसा भड़क गई। हिंसा पर काबू पाने के लिए अस्थाना को भेजा गया। सफल रहे। 1992 में सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए। 1997 में बिहार के तत्कालीन सीएम लालू प्रसाद यादव को चारा घाटाले में गिरफ्तार कर लिया। अस्थाना खुद कार्रवाई करने वाली दल की अगुवाई कर रहे थे।
  • गोधरा कांड- में साबरमती एक्सप्रेस में हुई आगजनी के बाद गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी। 2008 में सुप्रमी न्यायालय ने इससे जुड़े 9 मामलों की जांच के लिए एसआईटी बनाया। गोधरा कांड की जांच अस्थाना को सौंपी गई। फरवरी-2012 में जब गोधरा कांड का फैसला आया तो 21 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई।
  • आसाराम मामला- जोधुपर दुष्कर्म आसाराम की गिरफ्तारी के बाद सूरत में नारायण सांई के खिलाफ दो बहनों ने दुष्कर्म की शिकायत की। तब सूरत के पुलिस आयुक्त अस्थाना ने 50 दिन बाद नारायण को हरियाणा दिल्ली सीमा से गिफ्तार किया।

अगस्ता घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद में करीब 10 व जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान तीनों शहरों से ईडी ने दुबई, मॉरीशस और सिंगापुर की जनसमूहों के 86.07 करोड़ रुपए के शेयर जब्त किए। आरोप है कि 53 करोड़ डॉलर का ठेका पाने के लिए वेस्टलैंड जनसमूह ने भारतीय अधिकारियों को 125 करोड़ रुपए तक की रिश्वत दी थी।

विजय माल्या:- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ रुपए के ऋण भुगतान में चूक के मामले में शराब कारोबारी विजय माल्या की 1,411 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है।

  • माल्या की संपत्ति-निदेशालय के एक अधिकारी के अनुसार रुपए की धोखाधड़ी मामले में यह कार्रवाई की हैं। इसमें माल्या और यूबी लिमिटेड की संपत्ति शामिल है। अटैच की संपत्ति में माल्या की 34 करोड़ का बैंक बैंलेस, बेंगलुरु और मुंबई स्थित दो फ्लैट्‌स (2.291 और 1,300 वर्गफूट) , 4.5 एकड़ का चेन्नई स्थित औद्योगिक भूखंड, कुर्ग में 28.75 एकड़ के कॉफी बागान की जमीन तथा 8.4 लाख वर्ग फुट में फैला यूबी सिटी और बेंगलुरु स्थित किंगफिशर टॉवर का आवासीय और कामर्शियल एरिया शामिल है।
  • माल्या दो मार्च को भारत छोड़ चुके थे। उनकी खस्ताहाल किंगफिशर एयरलाइंस पर कई बैंको का 9000 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल सीबीआई की ओर से एफआईआर दायर किए जाने के बाद उनके खिलाफ पैसे धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।
  • जांच- निदेशालय किंगफिशर एयरलाइंस के वित्तीय ढांचे और कर्ज लेने के लिए घूस देने जैसे मामले की भी जांच कर रहा है। ईडी ने मुंबई की विशेष अदालत में अर्जी देकर माल्या को भगोड़ा घोषित करने की गुहार लगाई है। अधिकारियों के अनुसार कार्यकर्ता ने अदालत से सीआरपीसी की धारा 82 के तहत एक आदेश जारी करने का आग्रह किया है। पैसे धोखाधड़ी अधिनियिम (पीएमएलए) के तहत गैर जमानती वारंट लंबित हैं। ईडी की अर्जी पर अदालत 13 जून को आदेश दे सकती हैं। गौरतलब है कि कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद माल्या न्यायालय में पेश नहीं हुए है। माना जा रहा है कि ईडी के इस कदम से माल्या के खिलाफ चल रहे केस को मजबूती मिलेगी।
  • प्रत्यर्पण- केंद्र सरकार ब्रिटेन से माल्या के प्रत्यर्पण के प्रयास में जुटी हैं। हाल ही केन्द्र वित्त राज्य मंत्री सिन्हा ने भी कहा था कि इस बारे में सरकार जरूरी कानूनी प्रक्रिया पर काम कर रही है। उनका कहना था कि हमने माल्या को जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वाला घोषित किया है। लेकिन हमें ब्रिटेन के साथ कानून प्रक्रिया के द्वारा यह सारा काम करना है। जैसा कि विदित है ब्रिटेन के साथ प्रत्यर्पण प्रक्रिया बेहद जटिल हैं।

पनामा पेपर्स:- इस कांड के बारे में पहले विस्तार से बता चुके है आगे क्या कार्रवाई हुई है जो इस प्रकार है। पनामा पेपर्स लीक कोड में अब राजस्थान के लोगों के नाम सामने आये हैं।

पनामा पेपर्स लीक (उजागर) मामले से जुड़े सिर्फ राजसथान जयपुर ही नहीं, प्रदेशभर में नाम सामने आ रहे हैं। अब तक 16 बड़े व्यवसायियों के नाम सामने आ चुके हें। पनामा के अनुसार इन नामों से जुड़ी 15 जनसमूह अंतरराष्ट्रीय कर चोरी घोटाले में शामिल हैं। हैैरानी इस बात की है कि जिन जनसमूहों के नाम सामने आए हैं उन जनसमूहों का वाणिज्य मंत्रालय के पास कोई प्रमाण ही नहीं हैं। यानी ये जनसमूह देश में कहीं भी पंजीकृत ही नहीं कराई गई है।

राजस्थान-भीलवाड़ा के झुनझुनवाला परिवार का नाम होने का भी खुलासा हुआ है। यह परिवार भीलवाड़ा ग्रुप ऑफ कम्पनीज (समूह का जनसमूह) का मालिक है। संचार माध्यम विवरण के अनुसार इस परिवार ने वर्ष 2004 में ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड में क्रिस्टहोल्ड इनवेस्टमेन्ट लिमिटेड इनकॉरपोरेटेड कराई। भीलवाड़ा समूह सूत एवं कपड़े निर्माण और निर्यात क्षेत्र में अग्रणी जनसमूह है। यह समूह ताकत जेनरेशन (उत्पत्ति) और इनफोटेक्नालॉजी (तकनीकी) के क्षेत्र में भी काम कर रहा है। उल्लेखनीय है कि कर हैवन देश कहे जाने वाले पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के खुफिया दस्तावेज लीक होने से दुनियाभर के कारोबारी, कई दिग्गज नेता और महान हस्तियों इसके लपेटे में आ गए हैं।

गफलत- राजस्थान की दर्ज जनसमूहों में मुख्य रूप से तीन तरह की गफलत हैं।

  • इनमें पहली एक ही पते पर कई जनसमूह पंजीकृत हैंं लेकिन उनके बनने की तारीख अलग-अलग है।
  • दूसरी अलग -अलग जनसमूह के बनने की तारीख एक और पता भी एक ही है।
  • तीसरा, एक ही जनसमूह कई पतों पर पंजीकृत हैं। इन जनसमूहों का संपर्क तीन देश हांगकांग, सिंगापुर और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड से हैं। जानिए जनसमूह का संबंध किस देश से है।

जोधपुर:-

  • जेजे ग्रुप इंटरनेशनल (समूह अंतरराष्ट्रीय) , हांगकांग। जो जनसमूह जितेन्द्र खियाणी के नाम पंजीकरण है।

किसके न्याय अधीन- ब्रिटिश वर्जिन, आइलैंड, स्थापित 15 जून 2011 पता-60, सिंघी कॉलोनी (बस्ती) , मेडिकल (दवाई) महाविद्यालय के पीछे, जोधपुर।

  • पार्कसन इंटरनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) लिमिटेड, हांगकांग, जो जनसमूह जितेन्द्र खियाणी के नाम पंजीकरण है।

किसके न्याय अधीन -सेकैलस, स्थापित 13 फरवरी 2012, पता -60, सिंघी कॉलोनी, मेडिकल (दवाई) महाविद्यालय के पीछे, जोधपुर।

  • टिफिन इंटरनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) लिमिटेड, सिंगापुर जो मेहता राहुल राजेन्द्र कुमार के नाम पर दिखाई गई है।

किसके न्याय अधीन- ब्रिटिश वर्जिन, आइलैंड, स्थापित -8 जुलाई 2004 पता- 567 वायु जीवन, 9सी रोड (सड़क) सरदारपुरा जोधपुर।

  • कांटेक्टा मैनेजमेंट लिमिटेड, सिंगापुर, जो मेहता राहुल राजेन्द्र कुमार के नाम पर दिखाई गई है।

किसके न्याय अधीन- ब्रिटिश वर्जिन, आइलैंड, , स्थापित-23 मार्च 2005 - पता- 567 वायु जीवन, 9सी रोड (सड़क) सरदारपुरा जोधपुर।

  • गोल्ड लाइंस होल्डिंगस लिमिटेड सिंगापुर, स्थापित-28 अक्टुबर 2005, पता पता- 567 वायु जीवन, 9सी रोड (सड़क) सरदारपुरा जोधपुर। जो मेहता राहुल राजेन्द्र कुमार के नाम पर दिखाई गई है।

स्थापना की तारीख और पता एक ही, जनसमूह एक लेकिन पैसा उन 25 फर्मों का जो पंजीकृत ही नहीं है।

  • वैभव जैम्स, जिनोआ ज्वैलर्स, हांगकांग, इसके निर्देशक सुरेश पंजाबी है

किसके न्यायअधीन नहीं बताया, स्थापित- 2 जुन 2004 पता- 6/एफ, पोयूई यक बिल्डिंग (ईमारत) , 61, रॉबिनसन रोड (सड़क) मिड-लेवल्स

  • एबकेडा को. लिमिटेड, एग्रीट्रेड कॉर्पों, हांगकांग व पद्या इंपैक्स लिमिटेड जनसमूह जो सुमित जैन व शांतिलाल के नाम पर दिखाई गई है।

अधीन-साईचैलिस, स्थापित 16 अप्रैल 2009 पता-मारवाड़,

एक ही जनसमूह दो पतो पर पंजीकृत

  • इंडो सिंतरा इंटरनेशनल पीटीई लिमिटेड, सिंगापुर

किसके अधीन, बीएल के 877, टांपीनेस स्ट्रीट (गली) , सिंगापुर। दूसरा पता -1 - 2 ⁄ 4, पटेल मार्ग, मानसरोवर, जयपुर। निर्देशक अंजली, नितेश चंद्र कंसल, शेयर होल्डर-राघव चंद्र, अखिलेश, पता-102/4 पटेल मार्ग, मानसरोवर।

1994 में भाइयों के साथ सिंगापुर में इंडो सिंतारा जनसमूह बनाया था। 1998 में जयपुर आ गया था। फिर 2013 में जब बैंक में बेटे की पढ़ाई को लोन लेने के सबंध में आयकर विभाग गया। आयकर विभाग से आईसीआईजे के पेपर्स के बारे में पता चला था। इस पर आयकर विभाग ने सभी दस्तावेज लिए और 2015 में जांच से छृट्‌टी मिल गई।

राजस्थान की अन्य जनसमूह

  • दयान्यी न्यू सिंथेटिक फेब्रिक लिमिटेड आईलैंड, स्थापित- 2 दिसम्बर 2004, पता-कंवरराम कॉलोनी, फोय सागर रोड़, अजमेर। जो बुआरत हरवाणी के नाम पर दिखाई गई हैं।

जयपुर- के 11 व्यापारियों के नाम 6 जनसमूह जिसमें जिनोआ व लिंडफिल्ड के नामों का खुलासा हुआ है। देश दुनिया में हलचल मचाने वाले पनामा पेपर्स की नई सूची जारी हो गई। इस सूची में करीब दो लाख लोगों के नाम, पते या फिर जनसमूह के नाम उजागर किए गए हैं। सूची में जयपुर के 11 व्यापारियों के नाम है। इन्होंने सिंगापुर, हांगकांग, और ब्रिटेन में जनसमूह बनाई और खुद ही उनमें निर्देशक भी रहे।

जयपुर-

  • कोपेनहगन कार्पोरेशन आईलैडं, स्थापित -10 फरवरी 2006, पता- ए-650, कान्हा कुटीर, मालवीय नगर, जयपुर। निर्देशक-शारदा सोगानी, रमा शंकर सोगानी, संजय सोगानी, शीतल सोगानी। पिता रमा शंकर सोगानी बिरला ब्रदर्स में नौकरी के चलते केनसा और नाइजीरिया तैनात रहे। मैं सालों से विदेश ही नहीं गया। न ही जनसमूह बनाया। फिर मुझे कोपेनहगन जनसमूहों का निर्देशक कैसे बनाया।
  • प्राइमों इंवेस्टमेंट (निवेश) होल्डिंग लिमिटेड आईलैंड, स्थापित- 5 अकटूबर 2007, पता-5 अचरोल एस्टेट, सिविल लाइंस, जयपुर। निर्देशक वीरेंद्र सिंह राठौड़ पता- 5, अचरोल इस्टेट, सिविल लाइंस, इस पते पर कोई नहीं मिला। पड़ोसियों ने बताया कि राठोड़ परिवार के साथ काफी पहले ब्रिटेन स्थनांनतरित हो गए हैं।
  • लिंडफिल्ड इंटरनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) लिमिटेड हांगकांग, स्थापित- 2 जून 2004, पता- के 6बी, फतेब टीबा, आदर्श नगर, जयपुर। इस फर्म में सरेश पंजाबी शेयर होल्डर हैं। यह जनसमूह जयपुर में पंजीकृत बताई गई है। जबकि ऐसी फर्म देश में पंजीकृत है नहीं।
  • जिनेवा ज्वैलर्स लि. पता- के-6 बी फतेह टीबी आदर्शनगर, निर्देशक-सुरेश पंजाबी, सुनील अग्रवाल, शेयर होल्डर-वैभव जैम्स लिमिटेड। इन दोनों का वैभव जेम्स से भी जुड़ा है। इनके अलावा सुनील अग्रवाल, संजय सोमानी, शीतल सोमानी, रमाशंकर, सोमानी (कोपहेगन) , वीरेन्द्र सिंह राठौड़ (प्राइमों इन्वेस्टमेंट) , अखिलेश कोंसुल, अंजलि कोंसुल, राघव चंद्रा कोंसुल, निशिथ चंद्र कोंसुल (इंडो सिंतरा) नाम सामने आ चुके हे।

विभाग-पेपर्स लीक मामले पर भारत ने एक बहु-कार्यर्ताओं समूह (एमएजी) गठित किया हैं, जिसमें आयकर विभाग, एफआईयू, आरबीआई और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर मंडल के तहत आने वाले विदेशी कर एवं कर अनुसंधान (एफटी और टीआर) शामिल हैं।

पाकिस्तान- में पनामा पेपर्स को लेकर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ संकट में घिरते दिखाई दे रहे हैं। सेना अध्यक्ष जनरल रहील शरीफ ने प्रधानमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उनसे जल्द से जल्द मामले में जांच शुरू करवाने को कहा गया हैं। उच्चस्तरीय सुत्रों ने बताया जनरल शरीफ का कहना है कि पनामा पेपर्स लीक जांच में फेले विवाद से शासन प्रणाली और राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो रही हैं। इसलिए मामले को जल्द निपटाए जाने की जरूरत है।

पाकिस्तान में पेपर्स खुलासे से राजनीति में भूचाल आ गया था। पनामा पेपर्स में पाकिस्तान के वर्तमान और पूर्व प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं , बड़े-बड़े उद्योगपतियों के नाम सामने आए है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग पाकिस्तान के राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों के द्वारा की जाती रही है। सरकार ने पनामा मामले में जांच समिति बैठाने का प्रसताव किया है।

  • तहरीक-ए-इंसाफ दल के पमुख इमरान-विपक्षी नौ राजनीतिक दलों में से मुख्य दल पाकिस्तान लोग दल और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ दल अपने-अपने तरीके से सरकार को इस मुद्दे से घेरने की तैयारी कर रही है। तहरीक-ए-इंसाफ दल प्रमुख ने कहा कि सरकार अगर पनामा मामले की जांच से आनाकानी करती है तो वह इस मामले को लेकर सड़कों पर लड़ाई लड़ेंगे। इमरान ने कहा कि वह पहले से भी कह रहे है कि शरीफ परिवार का विदेशों में पैसा जमा है। पनामा मामले में इसकी पुष्टि हो गई हैं। इमरान इस मामले को शुरू से ही जोर-शेर से उठाते रहे हैं वह इस मुद्दे को हाथ में नहीं जाने देना चाहते और इसे निर्णायक स्तर ले जाना चाहते हैं। वहीं पीपीपी ने भी इस मुद्दे को भुनाना चाहती है ओर शरीफ परिवार की विदेश मे स्थित ऑफशोर जनसमूह की जांच की लगातार मांग कर रही है। पीपीपी की मुश्किल यह भी है कि इसके नेता बेनजीर भुट्‌टों और उनके पिता आसिफ अली जरदारी का नाम भी सामने पनामा पेपर्स में आया है। इसी कारण से पीपीपी का रुख पीटीआई की अपेक्षा नरम है।

देश- दुनियाभर के लोगों के गुप्त विदेशो खातों और जनसमूहों की जानकारी वाले पनामा के नए खुलासे में भारत के करीब 2,000 लोग जनसमूह और पते जुड़े हैंं। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, और चेन्नई जैसे मेट्रों शहरों से लेकर हरियाणा के सिरसा, बिहार के मुजफ्फरनगर, मध्यप्रदेश के मंदसौर, राजधानी भोपाल और पूर्वोत्तर राज्यों तक के पते शामिल हैं हाल में लीक हुए पनामा पेपर्स से दो लाख से अधिक गुप्त विदेशी जनसमूहों के बारे में ऑनलाइन खुलासा हुआ हैैं।

रूसी- राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने माना है कि पेपर्स के लॉ (कानून) फर्म से लीक कुछ दस्तावेज सही है। इसके साथ ही उन्होंने इस लीक के लिए अमरीका को जिम्मेदार ठहराया है। लीक हुए दस्तावेजों में पुतिन के एक करीबी सहयोगी का नाम है। आरोपों के अनुसार, वह फर्जी जनसमूहों और बैंको के द्वारा दो अरब डॉलर से अधिक पैसा देश से बाहर ले गए। पुतिन ने इन दस्तावेजों को सही बताते हुए कहा है कि पैसे का इस्तेमाल म्यूजिकल इंस्ट्‌मेंट (संगीत यंत्र) खरीदने में किया गया और उनके करीबी भ्रष्ट नहीं है। पुतिन ने लीक की गई सूचना के बारे में कहा, इस विवरण को पत्रकार ने तैयार नहीं किया है, बल्कि ज्यादा संभव है कि वकीलों ने तैयार किया हैं।

मेघालय - पनामा पेपर्स से जुड़ा मामला मेघालय भी पहुंच गया है। आयकर विभाग ने राज्य की राजधानी शिलांग स्थित सीएमजे ब्रेवरीज के कार्यालय पर छापे मारे। छापों में कुछ सनसनीखेज दस्तावेज मिले है। इन दसतावेजों से खुलासा हुआ है कि ब्रेवरीज के मालिक के सबंध एक्सटर्नल एंटरप्राइजेज ग्लोबल लिमिटेड और एज्योर एंटरप्राइजेज ग्लोबल इंक नाम दो जनसमूहों से हैं। ये जनसमूह ब्रिटिश वर्जिन आयलैंड (बीवीआई) स्थित है, जहां से पनामा पेपर्स का पूरा मामला सामने आया है। बीवीआई स्थित इन जनसमूहों का जिक्र सीएमजे ब्रेवरीज या उसके मालिको ने अपने कर वापसी में नहीं किया हैं। इस जनसमूह के मालिक मुंबई स्थित एक परिवार है। इस परिवार के मुख्य सदस्यों में रोहित चांदमल जैन, रेशमी रोहित जैन और उनके बच्चे करण जैन, कृष्णा जैन शामिल हैं।

उपसंहार:- इस प्रकार हम देखते है दुनिया भर हर पल कितना कुछ होता रहता हैं चाहे भ्रष्टाचार को मिटाने के क्षेत्र में हो, व्यापार के क्षेत्र में लेकिन जो भी हो दुनिया के विकास के लिए सही है और आगे भी ऐसे ही प्रयत्न विश्व की प्रगति के लिए होने ही चाहिए।

- Published/Last Modified on: August 17, 2016

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