मत्स्यन (Fisheries) for GIC Part 1 for GIC

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मत्स्यपालन का एकीकृत विकास और प्रबंधन

  • इस योजना का उद्देश्य एक्वाकल्चर (मत्स्यपालन) तथा अंतर्देशीय तथा गहरे समुद्र में मछली पकड़ने सहित समुद्री मत्स्य पालन क्षेत्रों के संसाधनों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन और मत्स्य उत्पादकता दोनों में वृद्धि करना है।

  • भारत मछली का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, हालाँकि यह चीन से एक बहुत बड़े अंतर से पीछे है। भारत झींगा मछली का सबसे बड़ा निर्यातक है।

  • नीली क्रांति की परिकल्पना मत्स्य पालन क्षेत्र के परिवर्तन, निवेश बढ़ाकर, बेहरत प्रशिक्षण और बुनियादी सुविधाओं के विकास दव्ारा की गयी है।

  • नीली क्रांति मछली पकड़ने के नए तटो, मछली पकड़ने की नौकाओं के आधुनिकरण, मछुआरों को प्रशिक्षण देने के लिए थी तथा साथ ही यह इन गतिविधियों के माध्यम से मत्स्यन को एक स्वनियोजित वैश्विक गतिविधि के रूप में प्रोत्साहित करने पर भी केन्द्रित थी।

मुख्य बिन्दु

  • इसका लक्ष्य मत्स्य उत्पादन के वर्तमान स्तर 107.95 लाख टन (2015-16) से 2019-20 के अंत में 150 लाख टन तक पहुंचने का है।

  • इसका उद्देश्य मछुआरों और मत्स्य उत्पादकों के बढ़े हुए लाभ प्रवाह के माध्यम से उनकी आय को दोगुना करना है ताकि इस क्षेत्र से निर्यात से होने वाली आय को बढ़ाया जा सके।

  • इस योजना के निम्नलिखित घटक है:-

राष्ट्रीय मत्स्य पालन विकास बोर्ड (परिषद) (एनएफबीडी) और इसकी गतिविधियां

  • मत्स्य पालन और अंतर्देशीय मत्स्य पालन का विकास

  • समुद्री मत्स्य पालन, अवसरंचना तथा पोस्ट (स्थान) हार्वेस्ट (फसल) ऑपरेशंस (संचालन) का विकास

  • मत्स्य पालन क्षेत्र के डेटाबेस (सूचना का समूह) और भौगोलिक सूचना प्रणाली का सुदृढ़ीकरण

  • मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए संस्थागत व्यवस्था

  • निगरानी, नियंत्रण और किसी (एमसीएस) तथा अन्य आवश्यकता-आधारित हस्तक्षेप

  • राष्ट्रीय मछुआरा कल्याण योजना

  • राष्ट्रीय मत्स्य पालन विकास बोर्ड (परिषद) की स्थापना 2006 में एक स्वंतत्र संगठन के तौर पर पशुपालन विभाग, डेरी और मत्स्य पालन, कृषि मंत्रालय तथा मत्स्य पालन के विकास के लिए किसान कल्याण के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन की गयी थी।

एक्वाकल्चर को बढ़ावा

सुर्ख़ियों में क्यों?

भारत में अंतरराष्ट्रीय समुद्री खाद्य प्रदर्शनी (आईआईएसएस) का आयोजन विशाखापत्तनम में 23-25 सितंबर को किया गया। इसकी थीम (विषय) ”सुरक्षित और सतत भारतीय एक्वाकल्चर” था।

एक्वाकल्चर क्या है?

  • खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, ”एक्वाकल्चर (मत्स्य पालन) का अर्थ मछली, सीप (रसना), क्रसटेशियन (कड़े खोल वाला जानवर) और जलीय पौधों सहित जलीय जीवों की खेती है।”

  • विशेष प्रकार की जलीय कृषि मछली की कृषि, झींगा कृषि, सीप कृषि, सागरीय कृषि, एक्वाकल्चर (जैसे कि समुद्री शैवाल कृषि), और सजावटी मछली की कृषि शामिल है।

  • एक्वापोनिक्स (खेती और मछली पालन साथ-साथ) और एकीकृत बहु-स्तरीय मत्स्य पालन जैसे विशेष तरीके जो मत्स्य पालन और वनस्पति कृषि दोनों को एकीकृत करते हैं।

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