Indian Geography MCQs in Hindi Part 3 with Answers

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1 सिंधु नदी तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ यह नदी तिब्बत में कैलाश पर्वत श्रेणी में बोखर चू के निकट एक हिमनद से निकलती है।

  • तिब्बत में इस नदी को सिंगी खंबान नाम से जाना जाता है।

  • मीथनकोट के निकट ’पंचनद’ का जल प्राप्त करती है।

  • भारत में यह नदी जम्मू और कश्मीर राज्य के केवल लेह ज़िले में बहती है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयापेे कर सही उत्तर चुनिये।

अ)केवल 1, 2 और 3

ब) केवल 1 और 3

स) केवल 3

द) 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (द)

व्याख्या:

  • हिमालयी अपवाह तंत्र में अनेक नदी तंत्र हैं जिनमें सिंधु नदी तंत्र, गंगा नदी तंत्र और ब्रह्यपुत्र नदी तंत्र प्रमुख हैं। इनमें से सिंधु नदी तंत्र के संदर्भ में दिये गए उपर्युक्त सभी कथन सही हैं।

  • यह नदी तिब्बत में कैलाश पर्वत श्रेणी में बोखर चू के निकट एक हिमनद से निकलती है तथा तिब्बत में इस नदी को सिंगी खंबान (शेर मुख) नाम से जाना जाता है।

  • यह लद्दाख एवं जास्कर श्रेणियों के बीच बहती है और आगे जा कर लद्दाख श्रेणी को काटते हुए यह जम्मू और कश्मीर के गिलगित के निकट एक दर्शनीय महाखड्ड का निर्माण करती है।

  • पाकिस्तान में यह चिल्लड़ के निकट दरदिस्तान में प्रवेश करती है।

  • यह पाकिस्तान में मीथकोट के निकट ’पंचनद’ का जल प्राप्त करती है। पंजाब की पांच मुख्य नदियों सतलुज, व्यास, रावी, चेनाब और झेलम को संयुक्त रूप से पंचनद नाम दिया गया है।

  • श्योक, गिलगित, जास्कर, हुंजा, नुबरा, शिगार, गास्टिंग और द्रास भारत में इसकी सहायक नदियाँ हैं। काबुल खुर्रम, तोची, गोमल, विबोआ और संगर पाकिस्तान में इसके दाहिने तट पर मिलने वाली इसकी सहायक नदियाँ हैं।

  • भारत में यह नदी जम्मू और कश्मीर राज्य के केवल लेह ज़िले में बहती है।

2 ब्रह्यपुत्र नदी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इसका उद्गम कैलाश श्रेणी के दक्षिण मानसरोवर झील के निकट रांगोसांग्पो ग्लेशियर से होता है।

  • इसका अपवाह तंत्र चार देशों तिब्बत (चीन), भूटान, भारत और बांग्लादेश में विस्तृत है।

  • भूवैज्ञानिकी तरुण हिमालय के अक्षसंघीय नमन के कारण यह भारत में प्रविष्ट होने से ठीक पहले अपने प्रवाह में एक यू-टर्न लेती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 1 और 3

स) केवल 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (स)

व्याख्या:

  • ब्रह्यपुत्र नदी का उदगम कैलाश श्रेणी के दक्षिण मानसरोवर झील के निकट ’चेमायुँगडुंग’ हिमनद से होता है। चीन के रिमोट (दूरस्थ) सेंसिंग (संवेदन) सैटेलाइट (उपग्रह) के माध्यम से किये गए एक नए अध्ययन में इस नदी का स्रोत ’आंग्सी हिमनद’ को बताया गया है। रांगोसांग्पो तिब्बत की नदी है जो ब्रह्यपुत्र के दाहिने तट पर उसकी प्रमुख सहायक नदी है। अत: कथन 1 गलत है।

  • इसका अपवाह तंत्र तीन देशों तिब्बत (चीन), भारत और बांग्लादेश में विस्तृत है। अत: कथन 2 गलत है।

  • उदगम के बाद ब्रह्यपुत्र पूर्व की ओर हिमालय पर्वत के उत्तरी भाग के समानांतर बहते हुए नामचाबरता के समीप अचानक दक्षिण दिशा में यू-टर्न लेते हुए भारत में प्रवेश करती है। हिमालय के पूर्वी भाग में अरुणांचल प्रदेश के नामचाबरवा पर्वत के समीप दक्षिण की ओर अक्षसंघीय अवनमन है। हिमालय की इसी आकरिकी का अनुसरण कर ब्रह्यपुत्र नदी भी नामाचाबरवा के समीप भारत में प्रवेश कर जाती है। अत: कथन 3 सही है।

3 ब्रह्यपुत्र नदी संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इस नदी का बेसिन मरियन ला दर्रे दव्ारा मानसरोवर झील से पृथक होता है।

  • तिब्बत में इसे तुईवई नाम से जाना जाता है।

  • नामचारबरवा पर्वत के निकट यह एक तीखा मोड़ लेते हुए गहरा महाखड्ड (गोर्ग) बनाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (स)

व्याख्या:

  • ब्रह्यपुत्र नदी का बेसिन मरियन ला दर्रे दव्ारा मानसरोवर झील से पृथक होता है। अत: कथन 1 सही है।

  • तिब्बत में इस सांग्पो नाम से जाना जाता है। अत: कथन 2 गलत है।

  • नामाचाबरवा पर्वत के निकट ब्रह्यपुत्र नदी एक तीखा मोड़ लेते हुए दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़ती है और एक गहरा महाखड्‌डा बनाती है। अत: कथन 3 सही है।

4 ब्रह्यपुत्र नदी संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा असत्य हैं?

अ) हिमालय के गिरिपाद से यह कामेंग नाम से निकलती हे।

ब) भारत में यह नदी अरुणांचल प्रदेश के सादिया कस्बे के पश्चिम से प्रवेश करती है।

स) इसकी सहायक नदियों दिबांग या सिकांग और लोहित के मिलने के बाद इसे ब्रह्यपुत्र नाम से जाना जाता है।

द) यह नदी बाढ़, मार्ग परिवर्तन और तटीय अपरदन के लिये जानी जाती हे।

उत्तर : (अ)

व्याख्य:

  • हिमालय के गिरिपाद से ब्रह्यपुत्र सिशंग या दिशंग नाम से निकलती है। कामेंग इसके दाएँ तट पर मिलने वाली इसकी एक सहायक नदी है। इसे ही अरुणांचल प्रदेश में कामेंग और असम में जियाभरेली के नाम से जाना जाता है। अत: कथन (अ) असत्य है। अन्य सभी कथन सत्य हैं।

  • भारत में यह नदी अरुणांचल प्रदेश के सादिया कस्बे के पश्चिम से प्रवेश करती है। इसकी सहायक नदियों दिबांग या सिकांग और लोहित के मिलने के बाद इसे ब्रह्यपुत्र नाम से जाना जाता है। इसकी अधिकतर सहायक नदियां बड़ी हैं और इनके जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण इनमें बहुत अधिक अवसाद बह कर आ जाता है। इसी कारण यह नदी बाढ़, मार्ग परिवर्तन और तटीय अपरदन के लिये जानी जाती है।

5 निम्नलिखित में से कौन-सी नदियाँ ब्रह्यपुत्र की सहायक नदियाँ है?

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ बूढ़ी दिहिंग

  • धनसिरी

  • सुबनसिरी

  • हुुगली

  • स्कााेंश

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये।

अ) केवल 1, 2, 3 और 4

ब) केवल 2, 4 और 5

स) केवल 1, 2, 3 और 5

द) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर : (स)

व्याख्या:

  • बूढ़ी दिहिंग और धनसिरी ब्रह्यपुत्र के बाएँ तट की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। जबकि दाएँ तट पर मिलने वाली महत्वपूर्ण सहायक नदियां में सुबनसिरी, कामेंग, मानस और संकोश हैं। हुगली नदी का संबंध गंगा नदी तंत्र से है।

  • पुथीमारी, पगालादिया और मानस इसकी अन्य सहायक नदियाँ हैं।

Image of Helping Rivers of Brhmaputra

प्उंहम व भ्मसचपदह त्पअमते व ठतीउंचनजतं

प्उंहम व भ्मसचपदह त्पअमते व ठतीउंचनजतं

6 हिमालयी अपवाह तंत्र के नदियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ ये नदियाँ पर्वतों से होकर गुजरने के क्रम में वी-आकार की घाटियाँ बनाती हैं।

  • मैदानी क्षेत्रों में ये नदियाँ सर्पाकार मार्ग का अनुसरण करती हैं।

  • इस अपवाह तंत्र में जलप्रपात का अभाव रहता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सत्य हैं?

अ) केवल 1 और 3

ब) केवल 1 और 3

स) केवल 2 और 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • हिमालयी अपवाह तंत्र भूगर्भिक इतिहास के लंबे कालावधि में विकसित हुआ है। गंगा, सिंधु और ब्रह्यपुत्र जैसी नदी द्रोणियाँ इसके अंतर्गत शामिल हैं। ये नदियाँ वर्ष भर जल धारण करती है।

  • कथन 1 सत्य है। हिमालयी नदियाँ हिमालय के उत्थान के साथ-साथ अपदन क्रिया के कारण निर्मित महाखड्‌डों से होकर गुजरती है। इसके अतिरिक्त ये नदिय बनाती हैं। अत: स्पष्ट है कि कथन 3 असत्य है।

  • कथन 2 सत्य है। हिमाल ाँ पर्वतों से गुजरने के क्रम में वी-आकार की घाटियाँ, क्षिप्रिकाएँ और जलप्रपातयी नदियाँ पर्वतीय भाग में टेढ़े-मेढ़े मार्ग का अनुसरण करती है, जबकि मैदानी भागों में ये सर्पाकार मार्ग का अनुसरण करती है और अपने बहाव के मार्ग को परिवर्तित करती रहती है। उल्लेखनीय बिहार में कोसी नदी के मार्ग बदलने से वहाँ के लोगों को भयंकर बाढ़ का सामना करना पड़ता है।

7 सिंधु नदी तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित में कौन-सा कथन असत्य है?

अ) भारत में यह हिमालय की नदियों में सबसे पश्चिमी है।

ब) जास्कर नदी सिंधु से लेह के समीप मिलती है।

स) सिंधु नदी कराची के समीप अरब सागर में गिरने से पहले एश्रुअरी का निर्माण करती है।

द) भारत में सिंधु नदी जम्मू और कश्मीर के केवल लेह ज़िले में बहती है।

उत्तर : (स)

व्याख्या:

सिंधु नदी कराची के समीप अरब सागर में गिरने से पहले डेल्टा (नदीमुख-भूमि) का निर्माण करती है न कि अश्रुअरी। जबकि अन्य सभी कथन सत्य हैं।

8 निम्नलिखित युग्मों में कौन-सा/से सत्य हैं?

Table of Rivers and Its Places
Table of Rivers and its places

नदिया

मिलन स्थली

1 भागीरथी-अलकनंदा

देवप्रयाग

2 धौली-विष्णु गंगा

जोशीमठ

3 अलकनंदा-पिंडार

विष्णुप्रयाग

4 अलकनंदा-मंदाकिनी

रुद्रपयाग

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये।

अ) केवल 1, 2 और 3

ब) केवल 1, 2 और 4

स) केवल 2, 3 और 4

द) 1, 2, 3 और 4

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

  • ग्गाां नदी गंगोत्री गोमुख से निकलने से देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलती है और इसके बाद गंगा के नाम से जानी जाती है। अत: युग्म 1 सही है।

  • अलकनंदा नदी सतोपथ हिमनद से निकलती है। यह धौली और विष्णुगंगा से मिलकर बनी है, जो विष्णुप्रयाग या जोशीमठ में आपस में मिलती है। अत: युग्म 2 सही हैं।

  • पिंडार अलकनंदा की एक सहायक नदी है, जो कर्णप्रयाग में अलकनंदा से मिलती है।

  • मंदाकिनी या काली गंगा अलकनंदा की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है, यह रुद्रप्रयाग में आकर अलकनंदा से मिलती है। अत: युग्म 4 सत्य है।

9 अपवाह प्रतिरूप के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिये:

Table of Rivers and Its Flow
Table of Rivers and its flow

अपवाह प्रतिरूप

नदिया

1 पूर्ववर्ती अपवाह

सिंधु, सतलज, ब्रह्यपुत्र

2 आरोपित अपवाह

दामोदर, स्वर्णरेखा

3 वृक्षाकार अपवाह

कृष्णा, गोदावरी, कावेरी

उपर्युक्त युग्मों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

अ) केवल 1 और 3

ब) केवल 1 और 2

स) केवल 2 और 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (द)

व्याख्या:

  • युग्म 1 सत्य है जब नदी ढलान का एक हिस्सा और आसपास का क्षेत्र ऊपर उठ जाता है। साथ ही नदियाँ अपने ढाल के सहारे ही चलती है तो ऊपर उठे हुए हिस्से को आरी की भाँति काट देती है, जिससे गहरे गॉर्ज़ का निर्माण होता है। इस तरह के अपवाह प्रतिरूप को पूर्ववर्ती अपवाह कहा जाता है। सिंधु, सतलज और ब्रह्यपुत्र जैसी नदियाँ इसी अपवाह प्रतिरूप का पालन करती है।

  • युग्म 2 सत्य है जब कोई नदी अपने आरंभिक ढलान के सहारे किसी नरम चट्‌टान से चलती हुई किसी कठोर आधारी चट्‌टान पर पहुँचती है तो ऐसा प्रतीत होता है कि कठोर आधारीय चट्‌टान से इसका कोई संबंध नहीं है। इस प्रकार के अपवाह को आरोपित अपवाह तंत्र कहा जाता है। दामोदर, स्वर्णरेखा और चंबल इसके उदाहरण है।

  • वृक्षाकार अपवाह में एक असमान एवं वृक्ष की शांंखाओं की भाँति प्रतीत होता है। महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी जैसी नदियाँ इसके उदाहरण हैं। अत: युग्म 1 सत्य है।

10 निम्नलिखित में कौन-सी नदी/नदियाँ पश्चिम की ओर बहती हैं?

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ माही

  • कावेरी

  • साबरमती

  • काबिनी

नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर दीजिये।

अ) केवल 1 और 3

ब) केवल 1 और 2

स) केवल 2 और 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • माही एवं साबरमती गुजरात में पश्चिम दिशा में बहती हुई अरब सागर में मिल जाती है। इसके अतिरिक्त नर्मदा, तापी, सिंधु, लूनी, पंबा, भरतपूझा, पेरियार आदि।

  • कावेरी प्रायदव्ीपीय भारत की महत्वपूर्ण नदी है। भाविनी एवं काबिनी कावेरी की ही सहायक नदियाँ हैं।