Indian Geography MCQs in Hindi Part 4 with Answers

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1 निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिये:

Table of Place and Its Riverbank
Table of place and its Riverbank

स्थान

नदी तट

1 उज्जैन

शिप्रा

2 श्रीरंगपट्टनम

गोदावरी

3 नासिक

कृष्णा

उपर्युक्त युग्मों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 1 ओर 3

स) केवल 2 और 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • युग्म 1 सत्य है। उज्जैन शिप्रा नदी के पूर्वी तट पर अवस्थित है। शिप्रा नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के उज्जैनी से हुआ है, जो आगे चलकर मालावा पठार के उत्तर से बहती हुई चंबल नदी में मिल जाती है।

  • युग्म 2 असत्य है श्रीरंगपट्‌टनम कावेरी नदी के किनारे स्थित है। कावेरी कर्नाटक के कोगाडु जिले में ब्रह्यगिरी पहाड़ियों से निकलती है। यह नदी केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु से होकर बहती है। काबिनी, भवानी और अमरावती इसकी महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ है।

  • युग्म 3 असत्य है। नासिक गोदावरी नदी के तट पर अवस्थित एक पवित्र शहर है। गोदावरी सबसे बड़ा प्रायदव्ीपीय नदी तंत्र है। यह नदी महाराष्ट्र के नासिक ज़िले से निकलती है और बंगाल की खाड़ी में जाकर गिर जाती है। पेनगंगा, इंद्रावती, प्राणहिता, मंजरा इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।

2 यह नदी नेपाल हिमालय में धौलागिरी और माउंट (पर्वत) एवरेस्ट के बीच से निकलती है और मध्य नेपाल को अपवाहित करती है। त्रिशुलगंगा इसकी एक धारा है। उपर्युक्त विशेषताएँ किस नदी को संदर्भित करती हैं?

अ) कोसी

ब) गंडक

स) घाघरा

द) महानंदा

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

उपर्युक्त विशेषताएँ गंडक नदी से संबंधित हैं, यह त्रिशूलगंगा और कालीगंडक नामक दो धाराओं से मिलकर बनती है। यह नेपाल में धौलगिरी और माउंट (पर्वत) एवरेस्ट के बीच निकलती है। और मध्य नेपाल को अपवाहित करती है। यह चंपारण में गंगा के मैदान में प्रवेश करती है और सोनपुर में गंगा नदी में मिलती है।

3 निम्नलिखित नदियों में कौन-सी पश्चिम की ओर प्रवाहित होने वाली नदी है?

अ) पेन्नार

ब) पलार

स) वैगई

द) शरावती

उत्तर : (द)

व्याख्या:

  • उपर्युक्त नदियों में से शरावती नदी पश्चिम की ओर बहने वाली नदी है।

  • पश्चिम की ओर बहने वाली अन्य नदियाँ इस प्रकार हैं-साबरमती, माही, ढांढर, कालिंदी, भारतपूझा और पेरियार।

  • पूर्व की ओर प्रवाहित होने वाली कुछ छोटी नदियाँ इस प्रकार हैं- स्वर्णरेखा, वैतरणी, ब्राह्यणी, पेन्नार और पलार।

4 निम्नलिखित नदियों के जलग्रहण क्षेत्र के घटते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ वैतरणी

  • स्वर्णरेखा

  • ब्राह्यणी

  • पेन्नार

नीचे दिऐ गए कूट की सहायता से सही उत्तर दीजिये

अ) 1-2-3-4

ब) 4-3-2-1

स) 2-3-1-4

द) 3-1-4-2

उत्तर : (ब)

व्याख्या: उपर्युक्त नदियों का जलग्रहण क्षेत्र (घटते हुए क्रम में) निम्नलिखित है-

Table of Rivers
Table of Rivers

नदिया

जलग्रहण क्षेत्र (वर्ग किलोमीटर में)

पेन्नार

55,213

ब्राह्यणी

39,033

स्वर्णरेखां

19,296

पलार

17,870

वैतरणी

12,789

5 निम्नलिखित नदियाँ, जो पश्चिम को ओर प्रवाहित होती हैं, के जलग्रहण क्षेत्र के संदर्भ में आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ शरावती

  • भरतपूझा

  • सबरमती

  • माही

नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर दीजिये।

अ) 1-2-3-4

ब) 4-3-2-1

स) 2-1-4-3

द) 3-4-1-2

उत्तर: (अ)

व्याख्या: उपर्युक्त पश्चिम वाहिनी नदियों का जलग्रहण क्षेत्र का आरोही क्रम निम्नलिखित है-

Table of Rivers and Thier Sectors
Table of Rivers and thier sectors

नदिया

जलग्रहण क्षेत्र (वर्ग किलोमीटर में)

शरावती

2,029

ढांढर

2,770

कालिंदी

5,179

पेरियार

5,243

भरतपूझा

5,397

साबरमती

21,674

माही

34,842

6 राजस्थान की प्रमुख नदियों में से एक लूनी नदी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ यह नदी अरावली पर्वत के पूर्व में बहती है।

  • यह राजस्थान का सबसे बड़ी नदी तंत्र है।

  • यह सरस्वती और सागरमती नामक दो शाखाओं के मिलने से बनी है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

  • कथन 1 असत्य है। लूनी अरावली के पश्चिम में बहती है न कि पूर्व में। साथ ही यह राजस्थान की सबसे बड़ी नदी तंत्र है। अत: कथन 2 सत्य है।

  • अरावली नदी पुष्कर के समीप दो धाराओं के रूप में निकलती है, ये धाराएँ गोविंदगढ़ के पास आपस में मिल जाती हैं और अरावली से बाहर निकलकर लूनी के रूप में जानी जाती हैं। अत: कथन 3 सत्य है।

  • उल्लेखनीय है कि लूनी नदी तेलवाड़ा तक पश्चिम की दिशा में बहती है, इसके बाद यह दक्षिण-पश्चिम की ओर मुड़कर कच्छ के रण में विलुप्त हो जाती है।

7 भारतीय प्रायदव्ीपीय नदियों के संदर्भ में निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ प्रायदव्ीपीय नदियाँ प्राय: मध्य उच्चभूमि से निकलती हैं।

  • ये नदियाँ मौसमी होती हैं।

  • ये प्राय: पूर्ववर्ती अपवाह का अनुसरण करती हैं।

  • ये नदियाँ अपनी युवावस्था में विद्यमान हैं।

उपर्युक्त विशेषताओं में कौन-से सत्य हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 1, 3 और 4

स) केवल 2, 3 और 4

द) 1, 2, 3 और 4

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • कथन 1 सत्य है। प्रायदव्ीपीय नदियाँ मुख्य रूप से भारत के प्रायदव्ीपीय पठार और मध्य उच्चभूमि से निकलती हैं।

  • कथन 2 सत्य है। भारत की प्रायदव्ीपीय नदियाँ मौसमी प्रकृति की हैं, जो प्राय: मानसूनी वर्षा से प्राप्त जल को अपवाहित करती है। इसके विपरीत हिमालयी नदियाँ वर्ष भर अपवाहित होती हैं।

  • कथन 3 असत्य है। प्रायदव्ीपीय नदियाँ प्राय: अनुवर्ती, अध्यारोपित, आयाताकार, अरीय और जालीनुमा अपवाह का अनुसरण करती हैं। वहीं दूसरी तरफ, हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती और वृक्षाकार अपवाह का अनुसरण करती हैं।

  • कथन 4 सदस्य है। हिमालयी नदियों के विपरीत प्रायदव्ीपीय नदियाँ प्रौढ़ावस्था के साथ क्रमिक परिच्छेदिका वाली होती हैं जो लगभग अपने आधारतल को प्राप्त कर चुकी हैं।

8 निम्नलिखित नदियों में कौन-सी असम से प्रवाहित नहीं होती हैं?

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ तिस्ता

  • बराक

  • हगरी

  • धलेश्वरी

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए।

अ) केवल 1, 2 और 4

ब) केवल 1 और 4

स) केवल 2, 3 और 5 ए

द) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर : (ब)

व्याख्या: असम भारत के पूर्वोत्तर में स्थित भारत का एक प्रमुख राज्य है। असम बांग्लादेश और भूटान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाता है। असम से होकर बहने वाली नदियों में निम्नलिखित प्रमुख है-

  • ब्रह्यपुत्र

  • सुबनसिरी

  • लोहित/तेल्लु

  • बराक

  • कामेंग

  • धलेश्वरी

  • कोपिली

  • दिहांग/सियांग

उल्लेखनीय है कि हगरी तुंगभद्रा की सहायक नदी है, जो कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में प्रवाहित होती है। जबकि तिस्ता ब्रह्यपुत्र की सहायक नदी है, यह सिक्किम में जेमू हिमनद से निकलती है और बांग्लादेश में ब्रह्युपत्र में मिलती है। जलपाईगुड़ी तिस्ता नदी के तट पर स्थित है।

9 प्रायदव्ीपीय अपवाह तंत्र के उदव्कास के लिये निम्नलिखित में कौन-सी घटना उत्तरदायी नहीं है/हैं?

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ आरंभिक टर्शियरी काल के दौरान प्रायदव्ीप के पश्चिमी पार्श्व का अवतलन।

  • हिमालय में प्रोत्थान के कारण प्रायदव्ीपीय खंड के उत्तरी भाग का अवतलन।

  • प्रायदव्ीपीय खंड का उत्तर -पश्चिम से, दक्षिण-पूर्व की ओर झुकना।

नीचे दिए गए कुट का प्रयोग कर सही उत्तर दीजिये।

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 2

द) इनमें से कोई नहीं

उत्तर : (द)

व्याख्या: अतिप्राचीन समय की कई घटनाओं ने प्रायदव्ीपीय अपवाह को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। इस संदर्भ में प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं-

  • आरंभिक टर्शियरी काल के दौरान प्रायदव्ीप के पश्चिमी पार्श्व का अवतलन, इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न धँसाव से समुद्रतल नीचे चला गया जिससे मूल जल संभर के दोनों ओर नदी की सममित योजना में गड़बड़ी हो गई।

  • हिमालय में प्रोत्थान के कारण प्रायदव्ीपीय खंड के उत्तरी भाग के अवतलन ने प्रायदव्ीपीय अपवाह के महत्वपूर्ण विशेषता-भ्रंश द्रोणी के निर्माण को सुनिश्चित किया। प्रायदव्ीपीय अपवाह तंत्र की दो महत्वपूर्ण नदी इन्हीं भ्रंश घाटियों से होकर बहती है।

  • आरंभिक टर्शियरी काल में प्रायदव्ीपीय खंड उत्तर-पश्चिम दिशा से, दक्षिण-पूर्व की दिशा में झुक गया। इसके परिणामस्वरूप कुछ प्रायदव्ीपीय अपवाह तंत्र की नदियाँ बंगाल की खाड़ी की ओर प्रवाहित होने लगी।

10 छोटानागपुर पठार के पूर्वी किनारे से बहती हुई, यह नदी भ्रंश घाटी से होती हुई हुगली नदी में गिरती है। बराकर इसकी प्रमुख सहायक नदी है। उपर्युक्त विश्लेषण किस नदी की व्याख्या करता है?

अ) मयूराक्षी

ब) दामोदर

स) स्वर्णरेखा

द) उत्तरी कोयल

उत्तर: (ब)

व्याख्या: उपर्युक्त विशेषताएं दामोदार नदी को संदर्भित करती हैं।

  • दामोदार नदी का उद्गम झारखंड के पलामु जिले के टोरी नामक स्थान से हुआ है। छोटानागपुर पठार के पूर्वी किनारे से बहती हुई, यह नदी भ्रंश घाटी से होती हुई हुगली नदी में गिरती हैं। बराकर इसकी प्रमुख सहायक नदी हैं। पहले यह ’बंगाल का शोक’ कही जाती थी, लेकिन भारत की बहुद्देशीय परियोजना जिसका निमार्ण सन्‌ 1948 में हुआ, के स्थापित हो जाने से दामोदार को इसने वश में कर लिया। बोकारो, दुर्गापुर, आसनसोल, बर्द्धमान, हावड़ा दोमोदार नदी के तट पर स्थित है।

  • स्वर्णरेखा नदी रांची के टिकट नगड़ी नामक स्थान से निकलती है। भारत का प्रमुख औद्योगिक नगर जमशेदपुर स्वर्णरेखा और खरकई नदी के संगम पर स्थित है। उल्लेखनीय है कि भारत का प्रथम स्पात संयंत्र सन्‌ 1907 में जमशेदजी टाटा द्वारा इसी स्थान (पुराना नाम साकची) पर स्थापित किया गया था।

  • मयुराक्षी नदी झारखंड के देवघर के निकट त्रिकुट पर्वत से निकलती है। इस नदी पर झारखंड के दुमका निकट कनाडा डेम (बाँध) (मसानजोर बांध) बनाया गया है। मसानजोर बांध के नीचे तिलपाड़ा बैराज बनाया गया है, जिससे विद्युत उत्पादन किया जाता है।

उत्तरी कोयल नदी रांँची पठार से निकलने वाली एक प्रमुख नदी है, जो आगे चलकर सोन नदी में मिल जाती हैं।