Indian Geography MCQs in Hindi Part 7 with Answers

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1 निम्नलिखित राज्यों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ हरियाणा

  • गुजरात

  • राजस्थान

  • बिहार

  • मध्य प्रदेश

उपर्युक्त राज्यों में से किनमें ’उष्ण कटिबंधीय काँटेदार वन’ पाए जाते हैं?

अ) केवल 1, 3 और 4

ब) केवल 2, 3 और 5

स) केवल 1, 2, 3 और 5

द) उपर्युक्त सभी

उत्तर : (स)

व्याख्या:

  • भारत में उष्ण कटिबंधीय काँटेदार वन उन भागों में पाए जाते हैं, जहाँ वर्षा 50 सेंटीमीटर से कम होती है। इस प्रकार के वन में कई तरह के घास और झाड़ियाँ भी पाई जाती हैं।

  • उष्ण कटिबंधीय काँटेदार वन दक्षिण-पश्चिमी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, और उत्तर प्रदेश के अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

  • उल्लेखनीय है कि बबूल, बेर, खजूर, खैर, नीम, खेजड़ी और पलास इनमें पाई जाने वाली मुख्य प्रजातियाँ हैं। इन वृक्षों के नीचे लगभग 2 मीटर लंबी गुच्छ घास भी उगती है।

2 आर्द्र पर्णपाती वनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ ये वन उत्तर -पूर्वी राज्यों और हिमालय के गिरीपद क्षेत्र में पाए जाते हैं।

तेंदु, अमतवास, बेल, खैर, अक्सलवूड आर्द्र पर्णपाती वनों की प्रमुख प्रजातियाँ है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 2

द) न तो 1 और न नही 2

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • कथन 1 सत्य है। आर्द्र पर्णपाती वन पश्चिमी घाट के पूर्वी ढालों, ओडिशा समेत भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों और हिमालय के गिरीपद क्षेत्र में पाए जाते हैं।

  • कथन 2 गलत है। तेंदु, अमलतास, बेल, खैर, अक्सलवूड और पलास आदि शुष्क पर्णपती वनों के उदाहरण हैं।

  • उल्लेखनीय है कि आर्द्र पर्णपाती वनों में सागवान, साल शीशम, हुर्रा, महुआ, आँवला, सेमल, कुसुम, और चंदन के वृक्ष पाए जाते हैं।

3 भारत में निम्नलिखित में से किस एक वन-प्रारूप में, ऐनी एक प्रभावी वृक्ष प्रजाति है?

अ) उष्ण कटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन

ब) कटिबंधीय काँटेदार वन

स) उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन

द) घासस्थलयुक्त शीतोष्ण वन

उत्तर : (स)

व्याख्या:

  • ऐनी उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन का एक प्रमुख वृक्ष है। इसके अतिरिक्त रोजवुड, महोगनी, एबनी भी इसके अंतर्गत पाए जाने वाले वृक्ष हैं।

  • भारत में उष्ण कटिबंधी सदाबहार वन पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल पर, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की पहाड़ियों पर तथा अंडमान और निकोबार दव्ीप समूह में पाए जाते हैं।

4 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ हिमालय पर्वतो ंपर कटिबंधीय वनस्पति पाई जाती है।

  • अंडमान और निकोबार दव्ीपसमूह में मैंग्रोव, सदाहरित और पर्णपाती वनों का संयोजन पाया जाता है।

  • बांज और बुरुंश हिमालय में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाले पादप हैं।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (द)

व्याख्या:

  • कथन 1 सत्य है। भारत में विभिन्न प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। इनमें हिमालय पर्वतों पर शीतोष्ण कटिबंधीय वनस्पति तथा राजस्थान के मरुस्थलीय और अर्द्ध-मरुस्थलीय क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की झाड़ियाँ, कैक्टस (नागफनी) और काँटेदार वनस्पति पाई जाती है।

  • कथन 2 सत्य है। अंडमान और निकोबार दव्ीपसमूह में मैंग्रोव, सदाहरित और पर्णपाती वनों का संयोजन पाया जाता है। उल्लेखनीय है कि भारत में मैंग्रोव वन बंगाल की खाड़ी के तटीय प्रदेशों में अंडमान और निकोबार दव्ीपसमूह के अतिरिक्त पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु (मन्नार की खाड़ी) में तथा दूसरी ओर कच्छ, काठियावाड़ और खंभात की के तटीय प्रदेशों में पाए जाते हैं।

  • कथन 3 सत्य है। हिमालय में 3000 से 4000 मीटर की ऊँचाई पर सिलवर फर, जूनिपर पाइन, बर्च बुरुंश आदि वृक्ष मिलते हैं।

5 ये उत्तर-पश्चिमी हिमालयी और कश्मीर घाटी में पाए जाने वाले पेड़ हैं। इसकी, टहनियाँ टोकरी बनाने में और लकड़ी क्रिकेट के बल्ले के निर्माण के लिये मशहूर है।

उपर्युक्त व्याख्या निम्नलिखित में से किस पेड़ से संबंधित है?

अ) स्पूस

ब) फर

स) सफेद विलो

द) देवदार

उत्तर: (स)

व्याख्या:

सफेद विलो यूरोप, पश्चिमी एवं मध्य एशिया में पाई जाने वाली विलो की एक प्रजाति है। यह पर्णपाती वृक्ष का उदाहरण है, जिसकी लंबाई मध्य से बड़े आकार की होती है। इस वृक्ष के शीर्ष साधारणतया झुके एवं अनियमित होते हैं। पुराने वृक्षों में दरारें पाई जाती हैं और इसकी टहनियाँ टोकरी बनाने के लिये तथा लकड़ी क्रिकेट के बल्ले के निर्माण के लिये मशहूर हैं।

6 उष्ण कटिबंधीय अर्द्ध-सदाबहार वन के संदर्भ में निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ ये वन अपेक्षाकृत कम वर्षा वाले भाग में पाए जाते हैं।

  • महुआ, आँवला, सेमल और चंदन के वृक्ष इन वनों में पाए जाते है।

  • ये वन सदाबहार और आर्द्र पर्णपाती वनों के मिश्रित रूप हैं।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (स)

व्याख्या:

  • कथन (1) सत्य है। उष्ण कटिबंधीय अर्द्ध सदाबहार वन अपेक्षाकृत कम वर्षा वालें भागों में पाए जाते हैं।

  • कथन 2 गलत हैं। उष्ण कटिबंधीय अर्द्ध सदाबहार वन सदाबहार और आर्द्र पर्णपाती वनों के मिश्रित रूप हैं।

  • कथन 3 सही है। उष्ण कटिबंधीय अर्द्ध-सदाबहार वन सदाबहार और आर्द्र पर्णपाती वनों के मिश्रित रूप हैं।

7 इन वनों में पौधे लगभग वर्ष पर्णरहित रहते हैं और वर्षा 50 सेंटीमीटर से कम होती है। बेर, खौर, नीम खेजड़ी आदि वनों में पाए जाने वाले वृक्षों की प्रजातियाँ हैं। वृक्षों के नीचे उगने वाले गुच्छ घास भी यहाँ की एक प्रमुख विशेषता है।

उपर्युक्त विश्लेषण निम्नलिखित में से किस प्रकार के वन को संदर्भित करता है?

अ) उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन

ब) उष्ण कटिबंधीय काँटेदार वन

स) वेलांचली वन

द) पर्वतीय वन

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

उपर्युक्त विश्लेषण उष्ण कटिबंधीय काँटेदार वन को संदर्भित करती है। ये वन दक्षिण-पश्चिमी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अर्द्ध-शुष्क भागों में मिलते हैं। यहाँ वर्षा 50 सेंटीमीटर से कम होती है और इन वनों में कई प्रकार के घास पलास आदि हैं। इन वृक्षों के नीचे लगभग 2 मीटर लंबी गुच्छ घास उगलती है और पौधे लगभग पूरे वर्ष पर्णरहित रहते हैं।

8 वेलांचली और अनूप वनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इन्हें आर्द्र भूमियाँ भी कहा जाता है।

  • इनके अंतर्गत मैंग्रोव वन तथा खारे जल वाले क्षेत्रों के वन सम्मिलित हैं।

  • अंडमान और निकोबार दव्ीप समूह में इनका अभाव है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

वेलांचली और अनूप वनों को आर्द्र भूमियाँ भी कहा जाता है। इन्हें सामान्यत: निम्नलिखित प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है-

  • तटीय वन

  • मैंग्रोव वन अथवा ज्वारीय वन-इनमें खोर व लवणीय जल वाले क्षेत्रों के वन सम्मिलित हैं।

  • ताज़े पानी के दलदलीय वन

  • अत: कथन 1 और 2 सही हैं, परन्तु 3 गलत है क्योंकि अंडमान और निकोबार में मैंग्रोव वनों का बहुत अधिक विकास है जो कि वेलाचंली और अनूप वनों के अंतर्गत ही आते हैं।

9 सूची-I को सूची- II से सुमेलित कीजिये एवं नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये:

सूची-I

वन प्रकार

अ) उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन

ब) उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन

स) उष्ण कटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती

द) उष्ण कटिबंधीय काँटेदार वन

सूची-II

वार्षिक वर्षा

1. 200 से.मी. से अधिक

2. 100 से 200 से.मी.

3. 70 से 100 से.मी.

4 50 से.मी. से कम

कूट: अ ब स द

अ) 4 3 2 1

ब) 2 3 4 1

स) 1 3 2 4

द) 1 2 3 4

उत्तर: (स)

व्याख्या: वन प्रकार और वहाँ होने वाली वार्षिक वर्षा के संदर्भ में उपर्युक्त सूची का सही सुमेलन इस प्रकार है-

Table of Types of Forest
Table of types of forest

वन प्रकार

वार्षिक वषार्

उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन

200 से. मी. से अधिक

उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन

70 से 100 से.मी.

उष्ण कटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती

100 से 200 से.मी.

उष्ण कटिबंधीय काँटेदार वन

50 से.मी. से कम

10 भारत वन (एक) रिपोर्ट (विवरण)-2015 के अनुसार भारत में वन स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ भारत वन रिपोर्ट -2015 के अनुसार कुल पेड़ों और वनों का दायरा कुल भौगोलिक क्षेत्र का 24.16 प्रतिशत है।

  • देश के वनों का कुल कार्बन स्टॉक (भंडार) में वृद्धि हुई है जो पिछले मूल्यांकन की तुलना में 1.48 प्रतिशत अधिक है।

  • राज्यों की दृष्टि से वन क्षेत्र में सर्वाधिक वृद्धि तमिलनाडु में हुई है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 3

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (द)

व्याख्या:

  • उपर्युक्त सभी कथन सही हैं। भारत वन रिपोर्ट-2015 के अनुसार कुल पेड़ों और वनों का दायरा 79.42 मिलियन (दस लाख) हेक्टेयर है जो कुल भौगोलिक क्षेत्र का 24.16 प्रतिशत है।

  • देश के वनों का कुल कार्बन स्टॉक (भंडार) 7044 मिलियन (दस लाख) टन (एक माप) अनुमानित है जिसमें 103 मिलियन (दस लाख) टन (एक माप) की वृद्धि हुई है। यह पिछले मूल्यांकन की तुलना में 1.48 प्रतिशत अधिक है।

  • राज्यों की दृष्टि से वन क्षेत्र में सर्वाधिक वृद्धि तमिलनाडु में हुई है जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: केरल तथा जम्मू और कश्मीर आते हैं।