Science and Technology MCQs in Hindi Part 12 with Answers

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1 निम्नलिखित पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ अपवर्तन

  • परावर्तन

  • विवर्तन

उपरोक्त में से कौन सी घटना/घटनाएँ दर्पण में प्रतिबिंब बनने के लिये आवश्यक है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2, और 3

उत्तर : (ब)

व्याख्या: दर्पण में प्रतिबिंब बनने के लिये परावर्तन की आवश्यकता होती है।

2 समतल दर्पण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इस पर बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा वस्तु से छोटा होता है।

इसमें प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है, जितनी की दर्पण से वस्तु की दूरी होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

  • समतल दर्पण पर बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा वस्तु के समान आकार का होता है। अत: कथन 1 गलत है।

  • इसमें प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है, जितनी की दर्पण से वस्तु की दूरी होती है। अत: कथन 2 सही है।

3 अवतल दर्पण के संदर्भ निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ जब वस्तु को अवतल दर्पण के अधिक निकट रखते हैं तो प्रतिबिंब आभासी तथा सीधा बनता है।

वाहन चालक इसका प्रयोग पीछे देखने के लिये पार्श्व दर्पण के रूप में करते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों ा

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

  • चिकित्सक दव्ारा आँख, नाक, कान, गले के निरीक्षण के लिये अवतल दर्पण का प्रयोग किया जाता हे। इसका प्रतिबिंब वास्तविक तथा उल्टा बनता है। जब वस्तु को अवतल दर्पण के अधिक निकट रखते है तो प्रतिबिंब आभासी तथा सीधा बनता है। अत: कथन 1 सही है।

  • वाहन चालक उत्तल दर्पण का प्रयोग पीछे देखने के लिये पार्श्व दर्पण के रूप में करते हैं। क्योंकि उत्त्ल दर्पण अधिक क्षेत्र के दृश्य का प्रतिबिंब बना सकता है। अत: कथन 2 गलत है।

4 प्रकाश अपवर्तन के संदर्भ निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ यह एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करने पर प्रकाश की चाल में परिवर्तन के कारण होता है।

अपवर्तन के कारण पानी से भरी हुई टंकी का तल ऊपर उठा हुआ प्रतीत होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं।

  • यह एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करने पर प्रकाश की चाल में परिवर्तन के कारण होता है।

  • अपवर्तन के कारण पानी से भरी हुई टंकी का तल ऊपर उठा हुआ प्रतीत होता है।

5 नेत्र के निम्नलिखित भागों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ लेंस

  • कार्निया

  • रेटिना

  • परितारिका

नेत्र के उपर्युक्त भागों में कौन सा/से भाग नेत्रों के विशिष्ट रंग के लिये उत्तरदायी है/ हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 1 और 3

स) केवल 4

द) 1, 2 , 3 और 4

उत्तर : (स)

व्याख्या: परितालिका मानव नेत्र को विशिष्ट रंग प्रदान करती है। यह कठोर होती है तथा नेत्र के आंतरिक भागों को सुरक्षांं प्रदान करती है। इसके पारदर्शी भाग को कार्निया कहते हैं। कार्निया के पीछे गहरे रंग की संरचना होती है, जिसे परितारिका कहते हैं।

Image of Human Eye

प्उंहम व भ्नउंद म्लम

प्उंहम व भ्नउंद म्लम

6 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ वह न्यूनतम दूरी जिस पर नेत्र वस्तु को स्पष्ट देख सकता है आयु के साथ परिवर्तित होती रहती है।

मोतियाबिंद लेंस के धुंधला हो जाने के कारण होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं।

  • वह न्यूनतम दूरी जिस पर नेत्र वस्तु को स्पष्ट देख सकता है आयु के साथ परिवर्तित होती रहती है।

  • मोतियाबिंद लेंस के धुंधला हो जाने के कारण होता है। नेत्र चिकित्सक ऑपरेशन (शल्य क्रिया) दव्ारा इस अपारदर्शी लेंस (कांच) को हटाकर नया कृत्रिम लेंस लगा देते हैं।

7 मिश्र धातुओं के संदर्भ निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ मिश्र धातुओं का प्रयोग वैदुयत तापन युक्तियों में किया जाता है।

  • इनकी प्रतिरोधक क्षमता उनकी अवयवी धातुओं की अपेक्षा कम होती है।

  • मिश्र धातुओं का उच्च ताप पर शीघ्र उपचयन नहीं होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2, और 3

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

  • मिश्र धातुओं का प्रयोग वैदुयत तापन युक्तियों में किया जाता है। अत: कथन 1 सही है।

  • इनकी प्रतिरोधक क्षमता उनकी अवयवी धातुओं की अपेक्षा अधिक होती है। अत: कथन 2 गलत है।

  • मिश्र धातुओं का उच्च ताप पर शीघ्र उपचयन नहीं होता है। अत: कथन 3 सही है।

8 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ ऊष्मा सदैव गर्म वस्तु से अपेक्षाकृत ठंडी वस्तु की ओर प्रवाहित होती है।

  • द्रव और गैसों में ऊष्मा संवहन दव्ारा स्थानांतरित होती है।

  • जिन पदार्थों में ऊष्मा का चालन बिल्कुल नहीं होता, उन्हें कुचालक कहते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2, और 3

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • ऊष्मा सदैव गर्म वस्तु से अपेक्षाकृत ठंडी वस्तु की ओर प्रवाहित होती है। अत: कथन 1 सही है।

  • द्रव और गैसों में ऊष्मा संवहन दव्ारा स्थानांतरित होती है। अत: कथन 2 सही है।

  • जिन पदार्थों में ऊष्मा का चालन बिल्कुल नहीं होता, उन्हें ऊष्मारोधी कहते हैं। अत: कथन 3 गलत है।

9 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ ऊष्मा संचरण के लिये किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।

  • इसके दव्ारा ऊष्मा का संचरण निर्वात में भी होता है।

  • ऊष्मा तरंगो के माध्यम से चलती है।

उपर्युक्त विशेषता/विशेषताएं निम्नलिखित में किस प्रकार के ऊष्मा संचरण से संबंधित है/हैं?

अ) चालन

ब) संवहन

स) विकिरण

द) संवहन और विकिरण

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपर्युक्त विशेषताएं विकिरण से संबंधित हैं:

  • ऊष्मा संचरण के लिये किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।

  • इसके दव्ारा ऊष्मा का संचरण निर्वात में भी होता है।

  • ऊष्मा तरंगो के माध्यम से चलती है।

10 क्या कारण है कि समान मोटाई के कपड़े की दो परतें उसके दोगुना मोटाई के कपड़े की एक परत से अधिक उष्ण आवरण प्रदान करती हैं?

अ) दोनों परतों की बीच सम्पुटित वायु के कारण।

ब) कपड़ों का संविन्यास यह भूमिका निभाता है।

स) कपड़े की बुनाई यह भूमिका निभाती है।

द) क्योंकि दो परतों की प्रभावी मोटाई अधिक होती है।

उत्तर : (अ)

व्याख्या: दोनों परतों की बीच सम्पुटित वायु के कारण समान मोटाई के कपड़े की दो परतें उसके दोगुना मोटाई के कपड़े की एक परत से अधिक उष्ण आवरण प्रदान करती हैं।