Science and Technology MCQs in Hindi Part 15 with Answers

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1 कैसिनी मिशन (लक्ष्य) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इस मिशन में शनि ग्रह के छल्लों तथा उसके उपग्रहों का अध्ययन करने के लिये एक प्रोब (जांच) भेजा गया है।

इस मिशन दव्ारा यह जानकारी दी गई है कि शनि ग्रह के छल्ले ग्रह के जन्म के समय अस्तित्व में नहीं थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • इस मिशन में शनि ग्रह के छल्लों तथा उसके उपग्रहों का अध्ययन करने के लिये एक प्रोब भेजा गया है। अत: कथन 1 सही है।

  • इस मिशन दव्ारा यह जानकारी दी गई है कि शनि ग्रह के छल्ले ग्रह के जन्म के समय अस्तित्व में है। अत: कथन 2 गलत है। उल्लेखनीय है कि इन छल्लों में पानी के बर्फीले जेट्‌स, धूल तथा मीथेन विद्यमान रहती है।

2 OSIRIS-Rx (origins (मूल), spectral (वर्णक्रमीय), interpretation (अनुवाद), resources (साधन) identification (पहचान) security (सुरक्षा), regolith explores (पड़ताल) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इसे नासा ने कार्बन समृद्ध बेंनु क्षुद्रग्रह के अन्वेषण के लिये भेजा है।

  • इस मिशन (लक्ष्य) से सौर मंडल के निर्माण और जीवन की उत्पत्ति के विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

  • इसका उद्देश्य पृथ्वी पर जीवन के मूल और विकास के बारे में ज्ञान देने वाले क्षुद्रग्रहों के नमूनों का अध्ययन करना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2, और 3

उत्तर : (द)

व्याख्या : उपर्युक्त सभी कथन सही हैं।

  • इसे नासा दव्ारा कार्बन समृद्ध बेंनु क्षुद्रग्रह के अन्वेषण के लिये भेजा गया है।

  • इस मिशन से सौर मंडल के निर्माण और सौर मंडल में जीवन की उत्पत्ति के विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

  • इसका उद्देश्य पृथ्वी पर जीवन के मूल और विकास के बारे में ज्ञान देने वाले क्षुद्रग्रहों के नमूनों का अध्ययन करना है।

3 मिशिबिकी-4 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?

अ) यह जापानी अंतरिक्ष एजेंसी (शाखा) दव्ारा प्रक्षेपित किया गया उपग्रह है।

ब) यह दक्षिण कोरिया दव्ारा स्थापित किया जाने वाला ग्लोबल (विश्वव्यापी) पोजिशनिंग (स्थिति) सिस्टम (व्यवस्था) है।

स) मंगल ग्रह के विषय में जानकरी जुटाने के लिये रुसी एजेंसी दव्ारा भेजा जाने वाला कृत्रिम रोबोट (यंत्र मानव) है।

द) यह नाभिकीय हथियार ले जाने में सक्षम एक रॉकेट (अग्निबाण) है।

उत्तर : (अ)

व्याख्या: यह जापानी अंतरिक्ष एजेंसी (शाखा) तायेगशिमा स्पेस (अंतरिक्ष) सेंटर (केन्द्र) दव्ारा प्रक्षेपित किया गया उपग्रह है, जो ग्लोबल (विश्वव्यापी) पोजिशनिंग (स्थिति) सिस्टम (व्यवस्था) का कार्य करेगा। इस जी.पी.एस. का प्रयापेे अमेरिका दव्ारा संचालित जी.पी.एस. के साथ किया जा सकता है।

4 रिसोर्ससैट-2ए के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ यह जल निकायों, फसल क्षेत्रों, खनिज भंडारों, शहरी तथा ग्रामीण विस्तार के विषय में सूचना प्रदान करेगा।

  • इसमें त्रि-स्तरीय इमेजिंग (कल्पना) सिस्टम (प्रबंध) है।

  • इसे सूर्य की समकालिक कक्षा में प्रक्षेपित किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2, और 3

उत्तर : (द)

व्याख्या: उपर्युक्त सभी कथन सही हैं।

  • रिसोर्ससैट-2ए रिमोट (दूरस्थ) सेंसिंग (संवदेन) उपग्रह है। इसे इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण ज्ञान (पीएसएलवी) के दव्ारा आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा से सफलतापर्वूक प्रक्षेपित किया गया।

  • इसका उद्देश्य संसाधनों का निरीक्षण है। यह यह जल निकायों, फसल क्षेत्रों, खनिज भंडारों, शहरी तथा ग्रामीण विस्तार के विषय में सूचना प्रदान करेगा।

  • इसमें त्रि-स्तरीय इमेजिंग (कल्पना) सिस्टम (प्रबंध) है। इसे सूर्य की समकालिक कक्षा में प्रक्षेपित किया गया है।

5 हाल ही में इसरो दव्ारा किये गए स्ट्रैम (धारा) जेट (फुहार) इंजन (यंत्र) के परीक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ भारत इस इंजन का प्रयोग करने वाला विश्व का चौथा देश है।

यह हाइड्रोजन ईंधन का दहन करने के लिये वायुमंडलीय नाइट्रोजन का प्रयोग करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?

अ केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

  • भारत इस इंजन का प्रयोग करने वाला विश्व का चौथा देश है। अत: कथन 1सही है।

  • यह हाइड्रोजन ईंधन का दहन करने के लिये वायुमंडलीय ऑक्सीजन का प्रयोग करता है। अत: कथन 2 गलत है।

6 इसरो के अंतरग्रहीय मिशन (लक्ष्य) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इस मिशन के तहत मंगल ग्रह के साथ ही शनि ग्रह तक पहँुचने की भी योजना है।

  • इसमें मिट्टी और चट्टानी अवक्षेप के नमूना संग्रहण की योजना है।

  • रोवर (घूमंतु) पर लगाए गए उपकरण चन्द्रमा की सतह का भी निरीक्षण करेंगे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 1 और 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2, और 3

उत्तर : (ब)

व्याख्या:

  • इस मिशन के तहत मंगल ग्रह के साथ ब्रहस्पति तथा शुक्र ग्रह तक भी पहँुचने की भी योजना है। अत : कथन 1 गलत है।

  • इसमें मिट्टी और चट्टानी अवक्षेप के नमूना संग्रहण की योजना नहीं है। अत: कथन 2 गलत है।

  • रोवर पर लगाए गए उपकरण चन्द्रमा की सतह का भी निरीक्षण करेंगे। अत: कथन 3 सही है।

7 साइकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन सा सही है?

अ) मंगल तथा ब्रहस्पति के मध्य सूर्य की परिक्रमा करने वाला क्षुद्र ग्रह है।

ब) नेविगेशन (नौसंचालन) सेटेलाइट (उप्रगह) है।

स) रोबोटिक (यंत्र मानव) अंतरिक्ष यान है जो अंतरिक्ष कक्षा में स्थित उपग्रहों की सहायता के लिये बनाया गया है।

द) अंतरिक्ष दूरबीन है।

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

साइकी मंगल तथा ब्रहस्पति के मध्य सूर्य की परिक्रमा करने वाला क्षुद्र ग्रह है। वैज्ञानिकों का मानना है कि चट्‌टानों तथा बर्फ से निर्मित अन्य ग्रहों के विपरीत इसका कोर पृथ्वी के कोर के समान लोहे तथा निकिल का बना है।

8 क्किपर बेल्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ यह वरुण ग्रह की कक्षांं से इतर सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने वाले बर्फीले टुकड़ों से निर्मित वलय है।

इस बेल्ट में 20 वर्ष से कम समय में सूर्य की परिक्रमा करने वाले लघु-अवधि के धूमकेतु पाए जाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?

अ केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं।

  • यह वरुण ग्रह की कक्षा से इतर सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने वाले बर्फीले टुकड़ों से निर्मित वलय है।

  • इस बेल्ट में 20 वर्ष से कम समय में सूर्य की परिक्रमा करने वाले लघु-अवधि के धूमकेतु पाए जाते हैं।

9 नासा के जूनो मिशन (लक्ष्य) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इस अंतरिक्ष यान का नाम ग्रीक-पौराणिक कथाओं पर रखा गया है।

  • यह ब्रहस्पति ग्रह की उत्पत्ति तथा विकास के अध्ययन के लिये भेजा गया है।

  • यह ब्रहस्पति ग्रह की परिक्रमा करने वाला पहला अंतरिक्ष यान है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 1 और 2

स) केवल 1 और 3

द) 1, 2, और 3

उत्तर : (ब)

  • इस अंतरिक्ष यान का नाम ग्रीक-पौराणिक कथाओं पर रखा गया है। अत: कथन 1 सही है।

  • यह ब्रहस्पति ग्रह की उत्पत्ति तथा विकास के अध्ययन के लिये भेजा गया है। अत: कथन 2 सही है।

  • इससे पहले 1995-2003 की अवधि के मध्य गैलीलियो प्रोब (जांच) को ब्रहस्पति ग्रह की कक्षा में भेजा गया था। अत: जूनो ब्रहस्पति ग्रह की परिक्रमा करने वाला पहला अंतरिक्ष यान है। अत: कथन 3 गलत है।

10 हाल ही में नासा ने क्षुद्र ग्रहों के अन्वेषण के लिये किस मिशन (लक्ष्य) की शुरुआत की है?

अ) लूसी

ब) ट्रोजन

स) ब्लेजार्स

द) ट्रेपिस्ट-1

उत्तर : (अ)

व्याख्या: हाल ही में नासा ने क्षुद्र ग्रहों के अन्वेषण के लिये लूसी तथा साइकी मिशन की शुरुआत की है। हाल ही में यह मुख्य बेल्ट क्षुद्रग्रह तक पहुँचा है। संभव है कि 2025 तक यह अपने लक्ष्य तक पहुँच जाएगा।