Science and Technology MCQs in Hindi Part 2 with Answers

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1 जम्मू-कश्मीर घाटी में सैर के दौरान आप निम्नलिखित में से किस पेड़ को प्राकृतिक रूप से उगता नहीं पाएंगे?

अ) साइकस

ब) छत्र देवदार

स) बबूल

द) चिनार

उत्तर : (स)

व्याख्या:

बबूल उत्तर तथा दक्षिण भारत का स्थानीय पौधा है। जो जम्मू-कश्मीर घाटी में नहीं पाया जाता।

2 पिचर प्लांट (संयंत्र) निम्नलिखित में से कहाँ पाया जाता हैं?

अ) खॉसी क्षेत्र में

ब) टुण्ड्रा क्षेत्र में

स) मध्य प्रदेश में

द) केरल में

उत्तर : (अ)

व्याख्या: पिचर प्लांट खॉसी क्षेत्र में पाए जाते हैं। यह विशेषकर दलदली इलाकों में पाए जाते हैं।

3 निम्नलिखित में से कौन-से रोग जीवाणु जनित नहीं हैं? नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर चुनें:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ डिप्थीरिया

  • निमोनिया (एक संक्रमण)

  • टयूबरक्लोसिस (क्षय रोग)

  • टायफाइड (मियादी बुखार)

  • चिकन-पॉक्स (छोटी माता)

  • स्मॉल-पॉक्स (चेचक)

कूट:

अ) केवल 1, 2 और 6

ब) केवल 2, 3, 5 और 6

स) केवल 5 और 6

द) उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर : (स)

व्याख्या:

विषाणु जनित रोग

  • चिकन-पॉक्स-वैरीसेल्ला जोस्टर विषाणु

  • स्मॉल पॉक्स-विरीओला मेज़र तथा विरीओला माइनर विषाणु

जीवाणु जनित रोग

  • डिप्थीरिया-कोरने बैक्टीरियम डिप्थीरिया

  • निमोनिया-स्ट्रेप्टोकोकस निमानियाई

  • टाइफाइड-साल्मोनेला टाइफी

  • टयूबरक्लोसिस-माइको-बैक्टीरियम टयूबरक्लोसिस

4 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ लैक्टिक एसिड (अम्ल) बैक्टीरिया (जीवाणु) (एलएबी) दूध को दही में बदल देता है।

दूध की तुलना में दही में विटामिन बी12 अधिक मात्रा में मिलता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपरोक्त दोनों कथन सही हैं।

  • कुछ सूक्ष्मजीवी, जैसे-लैक्टोबैसीलस दूध में ही अपनी वृद्धि करते हैं। ये ही दूध से दही बनने के लिये ज़िम्मेदार होते हैं। इन्हें साधारण भाषा में लैक्टिक एसिड (अम्ल) बैक्टीरिया (जीवाणु) (एलएबी) कहते हैं।

  • ये दूध में विटामिन बी12 की मात्रा बढ़ा देते हैं, जो रक्त में हीमोग्लोबिन संश्लेषण बढ़ाकर मनुष्य को रक्ताल्पता से बचाता है।

5 निम्नलिखित कथनों में से सही कथन चिन्हित कीजिये।

अ) प्रतिजैविक दवाइयाँ जुकाम तथा फ्लू (बुखार) पर असर नहीं करतीं, क्योंकि ये विषाणु जनित रोग हैं।

ब) प्रतिजैविक दवाइयाँ जुकाम तथा फ्लू पर असर नहीं करतीं, क्योंकि ये जीवाणु जनित रोग हैं।

स) प्रतिजैविक दवाइयाँ जुकाम तथा फ्लू पर असर नहीं करतीं, क्योंकि ये कवक जनित रोग हैं।

द) उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर : (अ)

व्याख्या:

  • जुकाम व फ्लू विषाणु जनित रोग हैं।

  • विषाणु की खासियत होती है कि वह अपने दव्गुणन के लिये पोषक के जीनोम में अपना जीनोम जोड़ देता है, जिससे पोषक की कोशिका के साथ-साथ विषाणु का भी दव्गुणन होता है। जबकि प्रतिजीवी दवाइयाँ जीव के उपापचय तंत्र पर प्रहार करती हैं, जो विषाणु में पाया ही नहीं जाता। अत: प्रतिजैविक दवाइयाँ इन पर बेअसर होती हैं।

6 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ जैव गैस कई गैसो का मिश्रण होती है, जिसमें मुख्यत: मीथेन पाई जाती है, जो सूक्ष्मजीवी क्रियाओं दव्ारा बनती है।

कुछ जीवाणु जो अवायवीय रूप से सेल्यूलोज़ कचरे पर उगते हैं, मीथेन के साथ CO2 तथा H2S भी उत्पन्न करते हैं।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपरोक्त दोनों कथन सही हैं।

जैव गैस कई गैसों का मिश्रण होती है, जिसमें मुख्यत: मीथेन पाई जाती है, जो सूक्ष्मजीवी क्रियाओं दव्ारा बनती है।

कुछ जीवाणु जो अवायवीय रूप्ज्ञ से सेल्यूलोज़ कचरे पर उगते हैं, मीथने के साथ CO2 तथा H2S भी उत्पन्न करते हैं।

7 साइनोबैक्टीरिया के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ ये स्वपोषी सूक्ष्मजीव हैं, जो जलीय तथा स्थलीय दोनों वातावरणों में पाए जाते हैं।

  • इनमें से कुछ, जैसे-नॉस्टोक्स तथा एनाबिना नाइट्रोजन का भी स्थिरीकरण कर सकते हैं।

  • इन्हें धान के खेत में जैव उर्वरक के रूप में उपयोग में लाया जाता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से कथन सही है/हैं?

अ) केवल 1 और 3

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 1 और 2

द) उपरोक्त सभी

उत्तर : (द)

व्याख्या: उपरोक्त तीनो कथन सही हैं। साइनोबैक्टीरिया को साइनोफाइट भी कहते हैं। ये स्वपोषी सूक्ष्मजीव हैं, जो जलीय तथा स्थलीय दोनों वातावरणों में पाए जाते हैं।

  • इनमें से कुछ, जैसे-नॉस्टोक्स तथा एनाबिना नाइट्रोजन का भी स्थिरीकरण कर सकते हैं।

  • इन्हें धान के खेत में जैव उर्वरक के रूप में उपयोग में लाया जाता है।

  • यह जीवाणुओं का फायलम है, जिसके सदस्य प्रकाश संश्लेषण के दव्ारा ऊर्जा ग्रहण करते हैं।

8 क्षय रोग के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ क्षय रोग केवल फेफड़ों से संबंधित बीमारी है।

  • प्रारंभिक अवस्था में इसके संक्रमण के लक्षण अधिकांशत: नज़र नहीं आते, इस अवस्थाको लेटेंट क्षय रोग (लेटेंट टी.बी.) कहते हैं।

  • कई दिनों तक खांसी आते रहना तथा खून वाला बलगम आना इसके मुख्य लक्षणों में से एक है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 2

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (स)

व्याख्या:

  • क्षय रोग सिर्फ फेफड़ों में होने वाली बीमारी नहीं है, यह हड्डियों सहित शरीर के अन्य अंगो को भी प्रभावित करती है। अत: कथन 1 गलत है।

  • कई बार इसके लक्षण प्रारंभिक अवस्था में सामने नहीं आते। इस अवस्था को लेटेंट (अप्रकट) क्षय रोग कहते हैं।

  • कई दिनों तक खांसी आते रहना तथा खून वाला बलगम आना इसके मुख्य लक्षणों में से एक है। इसके अन्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  • बुखार

  • कमजोरी

  • पेट में दर्द

  • कब्ज

  • सिरदर्द

9 चिकन-पॉक्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ यह अति संक्रामक रोग है, इसे वैरिसेला के नाम से भी जाना जाता है।

  • इसमें त्वचा पर चकत्ते हो जाते हैं, जिनमें छोटे-छोटे छाले पड़ने लगते हैं।

  • इस समय भारत में इसके मामले सर्वाधिक हैं।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) केवल 1 और 2

द) 1, 2 और 3

उत्तर : (स)

व्याख्या:

  • चिकन-पॉक्स वैरिसेला जोस्टर नामक विषाणु के वायु दव्ारा फैले संक्रमण के कारण होता है। यह एक अति संक्रामक रोग है जिसमें प्रारंभिक रूप से रैशेज़ होते हैं, जिनमें छाले पड़ने लगते हैं। अत: कथन 1 और 2 सही है।

  • वर्तमान में भारत में वैक्सीन (टीका) के माध्यम से इस पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। अत: कथन 3 गलत है।

10 इबोला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इसे इबोला हीमोरैजिक बुखार भी कहते हैं।

इसे एलिसा तकनीक दव्ारा परीक्षित किया जाता है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (स)

व्याख्या: उपरोक्त दोनों कथन सही हैं।

  • इबोला विषाणु जनित रोग होता है। यह अन्य जीवों (जैसे सूअरों) से मानव में आता है। यह फेफड़ों के ऊतक में प्रजनन करता है। इसे इबोला हीमारैजिक बुखार भी कहते हैं।

  • इसे एलिसा तकनीक दव्ारा परीक्षित किया जाता है। प्रारंभिक रूप से फ्लू (बुखार) जैसे लक्षण दिखाई पड़ते है, बाद में अंत: रक्तस्राव की वजह से खून की उल्टी इत्यादि होती है।