भारत के सर्वोत्कृष्ट वास्तुकार चार्ल्स कोरिय0ा सहज धारी सिख (India's Finest Architect: Charles Korea Instinctive Sikh – Culture)

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• ’भारत के महानतम वास्तुकार’ के रूप में विख्यात चार्ल्स कोरिया का हाल ही में निधन हो गया।

• वे नवी मुंबई के मुख्य वास्तुकार थे। नवी मुंबई को दुनिया के सबसे बड़े शहरी स्थानों में माना जाता है, जहाँ 20 लाख से अधिक लोगों का आवास है।

• उन्होंने शहरी विकास एवं वहनीय आवास के क्षेत्र में कुछ अदव्तीय अवधारणाओं का प्रतिपादन किया जिन्हें यदि व्यापक तौर पर अपनाया गया होता तो न केवल भारत बल्कि तीसरी दुनिया के निर्धनतम कस्बों का परिदृश्य बदला जा सकता था।

• चार्ल्स कोरिया ने ही मुंबई में 1984 में शहरी डिजाइन (रूपरेखा) अनुसंधान संस्थान की स्थापना की थी।

• भारत में श्री कोरिया, गांधी स्मारक (अहमदाबाद), कला केन्द्र (गोवा), राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय (नई दिल्ली), भारत भवन (भोपाल) और जवाहर कला केन्द्र (जयपुर) आदि की वास्तुकारी के लिए प्रसिद्ध हैं।

• इन्हें पद्मश्री (1972) एवं पद्म विभूषण पुरस्कार (2006) में भी सम्मानित किया गया है।

सहज धारी सिख (Instinctive Sikh – Culture)

सहजधारी सिख कौन हैं?

• सहज धारी वे सिख होते हैं, जो बिना अमृतधारी हुए अथवा खालसा पंथ में दीछित हुए बिना ही सिख धर्म का पालन करते हैं। वे सिख धर्म के सभी सिद्धांतों एवं रीतियों को तो मानते हैं, लेकिन वे सभी क्रियाओं को अपने दैनिक क्रियाकलाप में नहीं अपनाते हैं।

• वे गुर गोविंद सिंह दव्ारा प्रतिपादित खालसा पंथ की प्रतिज्ञाओं का पालन नहीं करते हैं।

• वे हिंदू, सिख या अन्य परिवारों में पैदा होने के बावजूद भी गुरु ग्रंथ साहिब में प्रतिपादित शिक्षाओं का अनुसरण करते हैं।

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