कश्मीरी एवं नस्तालिक़ लिपि (Kashmiri And Nastikki Script – Culture)

Glide to success with Doorsteptutor material for UGC : Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 145K)

सुर्ख़ियों में क्यों?

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की रिपोर्ट में देवनागरी और शारदा लिपि में कश्मीरी भाषा के लेखन को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय परिषद का गठन करने का प्रस्ताव पेश किया गया था, लेकिन इसे नस्तालिक़ लिपि की अनेदखी के लिए कश्मीरी साहित्यिक समुदाय के विरोध का सामना करना पड़ा।

कश्मीरी भाषा एवं नस्तालिक़ लिपि

• राज्य में कश्मीरी भाषा से ज्यादा उर्दू का प्रयोग होने के कारण कश्मीरी भाषा बोलने वालों की संख्या घट रही है।

• हालांकि कश्मीरी भाषा ज्यादातर नस्तालिक़ लिपि में लिखी गयी है किन्तु देवनागरी एवं प्राचीनतर शारदा लिपि में भी इसे लिखा जाता रहा है।

• शारदा एक प्राचीन पश्चिमी हिमालयी लिपि है जो ब्राह्यी लिपि से विकसित हुई है। यह इस्लाम के साथ नस्तालिक़ लिपि आने तक इस क्षेत्र में प्रचलित लिपि थी।

• नस्तालिक़ लिपि एक अरबी-फारसी सुलेख लिपि है जो पिछली पांच सदियों से प्रचलन में है और अधिकांशत: कश्मीरी साहित्य इसी लिपि में हैं।

• नस्तालिक़ एक कर्सिव लिपि है जो नक्षी और तालिक शैली का संयोजन है और लंबी क्षैतिज पाइयाँ एवं बड़े बड़े गोले इसकी विशेषता है।

Developed by: