निहाली भाषा (Nihali Language-Culture)

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• स्वतंत्रता के बाद से देश में लगभग 300 भाषाएँ विलुप्त हो गयी हैं।

• भाषा अनुसंधान केन्द्र नामक एक गैर-सरकारी संगठन दव्ारा भारतीय लोक भाषा सर्वेक्षण नाम से किए गए एक स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, पूरे भारत में लगभग 800 भाषाएँ और बोलियाँ विद्यमान हैं।

• भाषा अनुसंधान केन्द्र दव्ारा भाषाओं की गणना में सभी प्रचलित भाषाओं को सम्मिलित किया गया है, चाहे उनके प्रयोक्ताओं की संख्या कितनी भी हो।

• भारतीय जनगणना सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1961 में लगभग 1600 भाषाएं थीं। लेकिन 1971 में इनकी 108 और 2011 में 122 रह गई। ऐसा इसलिए हुआ कि वर्ष 1961 के बाद 10000 से कम लोगों दव्ारा बोली जाने वाली भाषाओं को गणना से हटा दिया गया।

• यूनेस्कों के अनुसार, भारत में 197 भाषाओं को अस्तित्व संकट में है जिनमें से 42 गंभीर रूप से संकटापन्न के रूप में वर्गीकृत किया गया है। निहाली भाषा को इसी सूची में सम्मिलित किया गया है।

निहाली भाषा के विषय में कुछ तथ्य

• इसके साक्ष्य आर्यो के आगमन से पूर्ववर्ती और पूर्व-मूंडा अवधि के हैं।

• इसे एक पृथक भाषा माना जाता है जिसका अन्य भाषाओं से कोई संबंध नहीं है।

• यह महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित लगभग 2,500 ग्रामीणों दव्ारा बोली जाती है। यह भाषा विलुप्ति के कगार पर है क्योंकि इसे बोलने वाले लोग रोजगार की खोज में प्रवास कर रहे हैं और अन्य समुदायों में मिलते जा रहे हैं।