आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक (Economic independence index)

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  • वर्तमान आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक, वॉल (दीवार) स्ट्रीट (सड़क) जर्नल (सामान्य) के सहयोग से अमेरिका अवस्थित हेरिटेज (विरासत) फाउंडेशन (नींव) दव्ारा जारी किया गया है।

  • यह सूचकांक प्रति व्यक्ति जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के आधार पर आर्थिक समृद्धि का एक मापक है।

  • विश्व की आर्थिक स्वतंत्रता से संबंधित 2016 की रिपोर्ट (विवरण) में 159 देशों की सूची में भारत का 112वां स्थान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 स्थानों के गिरावट को भी प्रदर्शित करता है।

  • इस प्रकार, अनिवार्य रूप से, आर्थिक स्वतंत्रता अग्रलिखित व्यापक आयामों पर निर्भर करता है: निजी-स्वामित्व वाली संपत्ति की सुरक्षा, व्यक्तिगत पसंद का स्तर, बाजार में प्रवेश हेतु सामर्थ्य और कानून का शासन।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक

सुर्ख़ियों में क्यों?

विश्व आर्थिक मंच की नवीनतम वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक में भारत की स्थिति में सुधार हुआ है तथा वर्तमान में भारत का 39वां स्थान है।

मुख्य तथ्य

  • 39वें रैंक (श्रेणी) पर पहुंचने के लिए भारत की रैंकिंग में 16 स्थानों का सुधार हुआ है, जिससे यह सर्वेक्षण में शामिल 138 देशों में सबसे तेजी से अपनी रैंकिंग सुधारने वाला देश बन गया है।

  • वैसे तो संपूर्ण सूचकांक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मकमा में सुधार परिलक्षित हुआ है, परन्तु यह विशेष रूप से वस्तु बाजार दक्षता (60), व्यापार परिष्कार (35) और नवाचार (29) के क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक स्पष्ट तौर पर परिलक्षित हुआ है।

  • ब्रिक्स देशों के बीच भारत दूसरा सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी देश है। 28वें रैंक पर हाेेने के कारण (ब्रिक्स देशों में) चीन प्रथम स्थान पर है।