परमाणु संयंत्रों का बीमा (Insurance of nuclear plants)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

भारत की पहली बीमा पॉलिसी (नीति), जो एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र के ऑपरेटर (चालक) के लिए सार्वजनिक देयता करती है, न्यूक्लियर (नाभिकीय) पॉवर (शक्ति) कॉरपोरेशन (निगम) ऑफ (का) इंडिया (भारत) लिमिटेड (सीमित) (एनपीसीआईएल) को जारी की गयी है।

  • न्यूक्लियर (नाभिकीय) पॉवर (शक्ति) कॉरपोरेशन (निगम) ऑफ (का) इंडिया (भारत) लिमिटेड (सीमित) (एनपीसीआईएल) परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।

  • एनपीसीआईएल परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के डिजाइन (रूपरेखा), निर्माण, स्थापना और संचालन के लिए उत्तरदायी है।

  • यह वर्तमान में 5780 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ 21 परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन कर रहा है।

पृष्ठभूमि

  • भारत ने परमाणु क्षति के लिए पूरक क्षतिपूर्ति अधिनियम को अनुसमर्थित किया गया है।

  • जून 2015 में सरकार के स्वामित्त्व वाली जनरल (सामान्य) इंश्योरेंस (बीमा) कॉर्पोरेशन (निगम)-रिइंस्यूरर (जीआईसी-आरई) और अन्य भारतीय बीमा कंपनियों (संघों) दव्ारा इंडिया न्यूक्लियर (नाभिकीय) इंश्योरेंस (बीमा) पूल आरंभ किया गया।

  • यह पूल सिविल (नागरिक) लायबिलिटी (देयता/ऋण) फॉर (के लिए) न्यूक्लियर (नाभिकीय) डैमेज (क्षति) एक्ट (अधिनियम) 2010 के प्रावधानों के तहत ऑपरेटर (चालक) के दायित्व को कवर (आवरण) करने के लिए एनपीसीआईएल को एक बीमा उत्पाद प्रदान करता है।

  • इसमें परमाणु क्षति के लिए अधिकतम देयता के रूप में 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान है।