दूसरी पीढ़ी का इथेनॉल (Second generation ethanol)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

  • नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने दूसरी पीढ़ी के इथेनॉल के लिए मसौदा नीति की घोषणा की है।

  • दिसंबर 2014 में ही कैबिनेट (मंत्रिंडल) ने मोलासेस के अतिरिक्त अन्य गैर-खाद्य फीडस्टॉकों (भरण द्रव्यों) स्रोत के रूप में ईंधन में सम्मिश्रित कर उपयोग करने की अनुमति प्रदान कर दी थी।

  • यह नीति इथेनॉल उत्पादन के लिए मोलासेस के अतिरिक्त अन्य संसाधनों का उपयोग करने के लिए बनायी गयी है, क्योंकि देश में मोलासेस की कमी है।

  • नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय बायोमास, बांस, धान के पुआल, गेहूं के पुआल, और कपास के पुआन आदि से वाहनों के ईंधन के लिए दूसरी पीढ़ी इथेनॉल के उत्पादन का तरीका विकसित करेंगे।

ग्लोबल (विश्वव्यापी) विंड (हवा) पॉवर (शक्ति) इन्सटाल्ड (स्थापित) कैपेसिटी (क्षमता) इंडेक्स (सूचकांक)

  • भारत पवन ऊर्जा उत्पादन में 2015 में 25,088 मेगावाट की क्षमता के साथ ग्लोबल विंड पॉवर इन्सटाल्ड कैपेसिटी इंडेक्स में चौथे स्थान पर रहा है।

  • यह सूचकांक, ग्लोबल (विश्वव्यापी) विडं (हवा) एनर्जी (शक्ति) कौंसिल (परिषद) (जीडब्ल्यूईसी) के प्रमुख - ग्लोबल विडं रिपोर्ट (विवरण) : एनुअल (वार्षिक) मार्किट (बाज़ार) रिपोर्ट (विवरण) के एक भाग के रूप में जारी किया गया था।

  • इस सूचकांक के अनुसार क्रमश: 145,362 मेगावाट, 74471 मेगावाट और 44,947 मेगावाट की संचयी स्थापित पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता के साथ, चीन प्रथम, अमेरिका दूसरे और जर्मनी तीसरे स्थान पर है।

  • भारत ने 2015-16 में 3,423 मेगावाट की उत्पादन वृद्धि के साथ पवन ऊर्जा क्षमता में सर्वाधिक वृद्धि हासिल की है। यह लक्ष्य से 44 प्रतिशत से अधिक है।

GAS4INDIA (भारत)

  • #GAS4INDIA एक एकीकृत पार-देशीय, मल्टीमीडिया (बहु संचार माध्यम), मल्टी (बहु)-इवेंट (घटना/कार्यक्रम) अभियान है। इसका लक्ष्य अपनी पसंद के ईंधन के रूप में प्राकृतिक गैस का उपयोग करने के राष्ट्रीय, सामाजिक, आर्थिक और पारिस्थितिक लाभों को प्रत्येक नागरिक तक प्रचारित करना है।

  • यह अभियान सीधे चर्चा, कार्यशालाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उपभोक्ताओं के साथ कनेक्ट (जुड़ा होना/जोड़ना) करने के लिए ट्‌िवटर, फेसबुक, यूट्‌यूब, लिंक्डन और अपनी आधिकारिक ब्लॉगसाइट (प्रबंध कार्यस्थल) का उपयोग करता है।

नई जलविद्युत परियोजनाएं

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन फ्लैगशिप (ध्वज पोत) जलविद्युत परियोजनाएं-800 मेगावाट कोल्दम हाइड्रो पॉवर (शक्ति) स्टेशन (स्थान) (एनटीपीसी), 520 मेगावाट पार्वती प्रोजेक्ट (परियोजना) (एनएचपीसी) और 412 मेगावाट रामपुर हाइड्रो पॉवर स्टेशन (एसजेवीएनएल) को हिमाचल प्रदेश के मंडी में राष्ट्र को समर्पित किया।