इंडियन (भारतीय) वेर्स्टन (पश्चिमी) फिलोसोपी (दर्शन) (Indian Western Philosophy) Part 3

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धर्म के 10 लक्षण मनु के अनुसार-

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ धैर्य

  • माफ करना

  • मन का दमन (नियंत्रण)

  • चौरी न करना

  • सफाई से रहना

  • इंद्रियों का दमन

  • बुद्धि का प्रयोग

  • पढ़ाई करना

  • सत्य बोलना

  • क्रोध न करना।

Dharma and Relation
difference between dharma and relation

धर्म और रिलेशन (संबंध) में अंतर

धर्म

रिलेशन

पारपंरिक

आधुनिक

रि

लेशन

मजहब/पंथ-वे सभी जो एक धर्म रास्ते का चुनाव कर्मकांड करते हो/संप्रदाय

केवल धर्म से संबंधित

परलोक का लक्ष्य केन्द्र में होता है।

नैतिकता

सामान्य कर्तव्य

वर्ण संबंधी दायित्व

नैतिकता

मजहब

पुन:

बंधना

मित्र धर्म पिता धर्म आदि आपहर्य

  • यहां धर्म नैतिकता अधर्म अनैतिकता

  • गांधी इस धारणा के समर्थक थे।

    ”धर्म विहिन राजनीति मृत देह के समान है जिसे नष्ट कर दिया जाना चाहिए-गांधी

    आपदव्र्य- आपत्ति की स्थिति में धर्म हैं।

हिन्दु ईसाई आदि।

नेहरू जी मानते थे कि इसे राजनीति से अलग होना चाहिए

ईश्वर और मनुष्य आत्मा जो पहले एक साथ थे लेकिन मनुष्य की पापवृत्ति के कारण अलग हो गये, उसे अलगाव को दूर करने के लिए अर्थात आत्मा और परमात्मा को पुन: आपस में बांधने के लिए जो व्यवस्था है वह रिलेशन (संबंध) है।

Struggle
details of struggle

पुरुषार्थ

धर्म

अर्थ

काम

मोक्ष

जीवन के लक्ष्य क्या है (थ्रेयस (मंगलकारी)

वैदिक काल में अधिक बल

उपनिषदो में अधिक बल

वैदिक काल में मोक्ष की धारणा थी।

  • अर्थ-धन/संपत्ति को अर्जित करना, नैतिक उपायो से

  • काम-व्यापक, सीमित- यौन सुख

  • व्यापक-सभी प्रकार के सुख

  • धर्म-धारण करने योग्य

Manu
details of manu

मनु

साधारण धर्म

विशेष धर्म

सभी के लिए समान

वर्णानुसार

ब््रह्यामण-अध्ययन/अध्यापन

क्षत्रीय- सुरक्षा

वैश्य- वाणिज्य

शूद्र-सेवा करना