सूचना का अधिकार (Right to Information) Part 11 for Competitive Exams

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राज्य सूचना आयोग-

राज्यों में सूचना के अधिकार के कार्यान्वयव के लिए राज्य सूचना आयोग को लाया गया है। आयोग में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्त (दस से अधिक नहीं) होते है। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल दव्ारा एक समिति की सिफारिश पर की जाएगी। समिति में निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे-

  • मुख्यमंत्री, जो समिति का अध्यक्ष होगा।
  • विधानसभा में विपक्ष का नेता।
  • मुख्यमंत्री दव्ारा नामनिर्दिष्ट मंत्रिमंडल का एक मंत्री।

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्त विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जन माध्यम या प्रशासन तथा शासन का व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले जनजीवन में प्रख्यात व्यक्ति होंगे। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त, संसद का सदस्य या किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के विधानमंडल का सदस्य नहीं होगा या कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा या किसी राजनैतिक दल से संबंद्ध नहीं होगा अथवा कोई कारोबार या वृत्ति नहीं करेगा।

राज्य सूचना आयोग का मुख्यालय राज्य में ऐसे स्थान पर होगा जो राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना दव्ारा विनिर्दिष्ट करे और राज्य सूचना आयोग राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से भारत में अन्य स्थानों पर अपना कार्यालय स्थापित कर सकेगा।

पदावधि और सेवा शर्ते-

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त पांच वर्ष की अवधि या पैंसठ वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) पद धारण करेगा और पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा। राज्य सूचना आयुक्त, राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होगा लेकिन उसकी पदावधि राज्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त के रूप में कुल मिलाकर पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त राज्यपाल या उनके दव्ारा प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति के समक्ष शपथ लेते हैं। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्त किसी भी समय राज्यपाल को संबोधित कर अपने हस्ताक्षर सहित लेख दव्ारा अपना पद त्याग सकते हैं। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के वेतन भत्ते एवं सेवा शर्ते वही होगी जो भारत के निर्वाचन आयुक्त के है। राज्य सूचना आयुक्त के वेतन भत्ते एवं सेवा शर्ते वही होगे जो राज्य के मुख्य सचिव के है। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त के वेतन भत्ते और सेवा शर्तो से उनकी नियुक्ति के पश्चात अलाभकार परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्त को हटाया जाना-

राज्यपाल दव्ारा उच्चतम न्यायालय की रिपोर्ट (विवरण) के आधार पर साबित कदाचार या अक्षमता के आधार पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्त को पद से हटाया जा सकता है। इसके अलावा निम्नांकित परिस्थितियों में भी इन्हें राज्यपाल दव्ारा पद से हटाया जा सकता है-

  • दिवालिया होने पर
  • अपराध के लिए दोषसिद्ध होने पर
  • पदावधि के दौरान कहीं और वैतनिक नियोजन में लगे होने पर
  • मानसिक एवं शारीरिक रूप से अक्षम होने पर
  • भारत सरकार दव्ारा या उसकी ओर से की गयी किसी संविदा या करार से सबंद्ध होने पर।