प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति में बदलाव (Changes In FDI Policy – Economy – Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति में बदलाव किया है। नवंबर 2015 में घोषित प्रमुख बदलावों के बाद यह दूसरा बड़ा सुधार हैं।

विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन

§ रक्षा क्षेत्र नीति में 100 प्रतिशत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के लिए अत्याधुनिक (स्टेट ऑफ द आर्ट) (राज्य की यह कला) प्रौद्योगिकी तक पहुंच की शर्त को हटा दिया गया है। अब इसे संशोधित करके ”आधुनिक या अन्य कारणों के लिए” कर दिया गया है, इससे विदेशी निवेशकों के लिए निवेश का दायरा व्यापक हो जाएगा। नए नियम में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सीमा को शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत आने वाले छोटे हथियार और गोलाबारूद के निर्माण के लिए भी लागू किया है। वर्तमान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश व्यवस्था के अंतर्गत स्वचालित मार्ग से एक कंपनी को इक्किटी में 49 प्रतिशत भागीदारी की अनुमति है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 49 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी की अनुमति सरकारी अनुमोदन के माध्यम से प्राप्त होगी और यह निर्णय प्रति मामले के अनुसार होगा।

§ औषधि क्षेत्र-इस क्षेत्र में मौजूदा घरेलू कंपनियों (ब्राउन फील्ड परियोजनाओंं) में 74 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को स्वचालित मार्ग के तहत अनुमित दी जाएगी। वर्तमान मेंं नई परियोजनाओं (ग्रीन फील्ड परियोजना) में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति हैं।

§ नागरिक उड्‌यन क्षेत्र- ब्राउलफील्ड हवाईअड्‌डे परियोजनाओं में स्वचालित मार्ग के तहत 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमित। ब्राउनफील्ड परियोजनाओं में 74 प्रतिशत से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति सरकारी अनुमोदन के माध्यम से दी जाएगी। इससे पहले, ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में स्वचालित मार्ग के तहत 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति थी।

§ पशुपालन- प्शुपालन में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति। पशुपालन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए नियंत्रित परिस्थितियों की आवश्यकता को हटाने का फैसला किया गया हैं।

§ खाद्य उत्पाद -सरकारी अनुमोदन के तहत 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति। इसमें विनिर्मित खाद्य उत्पादों या भारत में उत्पादित उत्पादों के संबंध में ई-कॉमर्स (वाणिज्य) सहित, खाद्य उत्पादों में व्यापार शामिल हैं।

§ एकल ब्रांड (ट्रेडमार्क) खुदर व्यापार- नयी नीति के तहत लोकल (स्थानीय) सोर्सिंग (माध्यम) मानदंडों में तीन साल के लिए छूट दी गयी है तथा ’स्टेट ऑफ आर्ट’ (अत्याधुनिक) प्रौद्योगिकी वाले उत्पादों की एकल ब्रांड खुदरा व्यापार में शामिल संस्थाओं को सोर्सिंग मानदंडों में पांच साल के लिए अतिरिक्त छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

आगे की राह

उपरोक्त बदलावों से रक्षा क्षेत्र सहित लगभग हर क्षेत्र के लिए सरकार के अनुमोदन मार्ग के तहत 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति हो गयी है। केवल कुछ क्षेत्रों के लिए ही यह सुविधा नहीं है जो एक छोटी नकारात्मक सूची में उल्लिखित हैं।