चौथी औद्योगिक क्रांति (Fourth Industrial Revolution-Economy)

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चौथी औद्योगिक क्रांति’ या ’उद्योग 4.0’ विश्व आर्थिक मंच की 2016 की वार्षिक बैठक की थीम (विषय) है।

अर्थ

• यह एक सामूहिक शब्द है जो समकालीन स्वचालन, डाटा (आधार समाग्री) एक्सचेंज (अदला बदली) और विनिर्माण प्रौद्योगिकी को समाविष्ट करता है तथा जिस तरह से वर्तमान समय में व्यवसाय संपन्न हो रहे हैं, उसमें मूलभूत परिवर्तन को भी इंगित करता है।

• यह उन नवाचारों और प्रौद्योगिकियों के क्रांतिकारी प्रयोगों को संदर्भित करता है जो भौतिक, डिजिटल (अंकसंबंधी) तथा जैविक क्षेत्रों के बीच की रेखा को धूमिल कर रहे हैं।

• उदाहरण के लिए-चालक विहीन कारें, स्मार्ट (आकर्षक) रोबोटिक्स, कठोर और हल्के पदार्थ 3डी प्रिटिंग (छपाई) तकनीक का उपयोग करने वाली विनिर्माण प्रक्रियाएं, इंटरनेट ऑफ (का) थिंग्स (चीजें) तथा इंटरनेट ऑफ (का) सर्विसेज (सेवा) ।

• इनकी विशेषता सिर्फ ये नए नवाचार ही नहीं हैं, अपितु यह भी है कि ये नवाचार चरघातांकीय दर से बदल रहे हैं तथा इन विचारों के साथ संगति बैठाने में असमर्थ उद्योगों को उनकी उत्पादन संबंधी गतिविधयों में बाधाओं का भी सामना करना पड़ रहा है।

• नई प्रौद्योगिकी, सवंर्धित कनेक्टिविटी (संयोजकता), कृत्रिम बुद्धिमता आदि ने उद्योग संचालन, उपभोक्ता मांग और प्रतिस्पर्धा के स्वरूप को परिवर्तित कर दिया है।

• साधारण डिजिटल तकनीक (तृतीय औद्योगिक क्रांति) के दौर से नवाचारों की एक संपूर्ण दुनिया में कंपनियों के स्थानांतरण (चौथी औद्योगिक क्रांति) ने उन्हें व्यवसाय करने के परंपरागत तरीकों मेंं परिवर्तन करने के लिए विवश कर दिया है।

विभिन्न औद्योगिक क्रांतियाँ

• जल एवं वाष्प चालित यंत्रीकृत उत्पादन के प्रयोग कारण 18वीं शताब्दी में प्रथम औद्योगिक क्रांति की शुरूआत हुई थी।

• 19वीं शताब्दी में दव्तीय औद्योगिक क्रांति की शुरूआत हुई। इसकी प्रमुख विशेषता विद्युत संचालित मशीनों के प्रयोग के दव्ारा बड़े पैमाने पर उत्पादन को संभव बनाना था।

• तीसरी औद्योगिक क्रांति की शुरूआत 1960 के दशक में हुई। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल स्वचालित उत्पादन के लिए किया गया।

• अब डिजिटल क्रांति पर आधारित चौथी औद्योगिक क्रांति घटित हो रही है।

विश्व आर्थिक मंच

• विश्व आर्थिक मंच स्विटजरलैंड में स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका मुख्यालय जेनेवा में है। इसे निजी-सार्वजनिक सहयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है।

• इसका मिशन है: ”विश्व के व्यवसाय, राजनीति, शैक्षिक तथा अन्य क्षेत्रों में अग्रणी लोगों को एक साथ लाकर वैश्विक, क्षेत्रीय तथा औद्योगिक एजेंडे (कार्यसचूी) की दिशा तय करना”।

• दावोस पैने: विश्व आर्थिक मंच वार्षिक बैठक (प्रतिवर्ष जनवरी माह में) स्विटजरलैंड के दावोस में आयोजित की जाती है। अलग-अलग वर्षों में इसकी अलग-अलग थीम (विषय) होती है, जैसे-2014 के लिए ”द (यह) रिशेपिंग (विधि) ऑफ (का) द (यह) वर्ल्ड: (विश्व) कनसीवकेंसेज फॉर (के लिए) सोसाइटी (सामाज), पॉलिटिक्स (राजनीति) एंड (और) बिजनेस” (व्यापार), 2015 के लिए ”न्यू (नया) ग्लोबल (विश्वव्यापी) कॉन्टेक्स्ट” (प्रसंग) तथा 2016 के लिए -”मास्टरिंग (मालिक) द (यह) फोर्थ (आगे) इंडस्ट्रियल (औद्योगिक) रिवोल्यूशन” (क्रांति)

• यह एक थिंक टैंक (प्रबद्ध मंडल) के रूप में भी कार्य करता है तथा विभिन्न रिपोर्ट प्रकाशित करता है जैसे-”वैश्विक प्रतिस्पर्धा रिपोर्ट, ”ग्लोबल आई.टी. रिपोर्ट”, जेंडर (लिंग) गैप (अंतर) रिपोर्ट”, ग्लोबल रिस्क (जोखिम) रिपोर्ट”, ”ग्लोबल (विश्वव्यापी) ट्रैवल (यात्रा) एंड (और) टूरिज्म (पर्यटन) रिपोर्ट” (विवरण), ”ग्लोबल (विश्वव्यापी ) इनैबलिंग ट्रेड (व्यापार) रिपोर्ट” (विवरण) आदि।