औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production – Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

• औद्योगिक उत्पादन, जिसे आईआईपी से मापा जाता है, में अक्टूबर तक सुदृढ़ता की स्थिति बनी रही परन्तु नवंबर के महीने में इसमें गिरावट दर्ज की गयी।

• ’इंडिया (भारत) रेटिंग (मूल्य निर्धारण करना) एंड (और) रिसर्च (खोज) ’ के अनुसार यह गिरावट विश्व स्तर पर व्यापक आधार और विभिन्न क्षेत्रों में मंदी के कारण हुई है।

आईआईपी क्या है?

• आईआईपी एक अनुपात है जो अर्थव्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रों का विकास को मापता है। एक अनुपात होने के कारण, यह संदर्भ समय अवधि (आधार वर्ष) की तुलना में एक निश्चित समयावधि के लिए औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन की स्थिति को दर्शाता है।

• आईआईपी आंकड़े केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सी.एस.ओ.) दव्ारा हर महीने जारी किये जाते हैं।

• मौजूदा आधार वर्ष 2004-05 है।

आईआईपी की संरचना

• आई.आई.पी. में 682 अलग-अलग मदें शामिल हैं। इन शामिल मदों को सूचकांक में सेक्टर (वृत्तखंड) वार क्रमश: 3 श्रेणियों-विनिर्माण, खनन और विद्युत- में उनके भारांश के घटते क्रम में रखा जाता है।

आई.आई.पी. में कोर उद्योगों का भारांश

• प्रतिशत के संदर्भ में, आई.आई.पी. में सभी 8 कोर उद्योगों का भारांश 38 प्रतिशत के आस-पास है।

• आई.आई.पी. में इन सभी कोर उद्योगों के भारांश का घटता क्रम इस प्रकार है:

• विद्युत > स्टील > रिफाइनरी उत्पाद > कच्चा तेल > कोयला > सीमेंट > प्राकृतिक गैस > उर्वरक