भारतीय डाक भुगतान बैंक (Indian Post Payment Bank – International Relations India And The World)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय डाक भुगतान बैंक की स्थापना हेतु 800 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दे दी है।

मुख्य बिंदु

• भारतीय डाक भुगतान बैंक देश भर में 650 शाखायें और 5,000 एटीएम स्थापित करेगा। यह करीब 3500 कुशल बैंकिंग (साहूकारी) पेशवरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

• उम्मीद है कि भारतीय डाक भुगतान बैंक अपने परिचालन के सातवें वर्ष से मनाफा कमाना शुरू कर देगा।

• भारतीय डाक भुगतान बैंक मार्च 2017 में 50 जिलों में परिचालन कार्य शुरू करेगा और वित्तीय वर्ष 2018-19 के अंत तक पूरे देश को कवर (आवरण) करेगा।

महत्व

• भारतीय डाक व्यवस्था की प्रखंड, तालुकों और गांवों तक व्यापक पहुंच और प्रसार।

• पुराना सेटअप, उपयोग में असानी, विश्वास के कई साल और ग्रामीण लोगों को उपयोग की जानकारी।

• कई दूरदराज के क्षेत्रों में दूसरे बैंको के लिए शाखा खोलना अलाभकारी है।

• प्रवासियों, मजदूरों, लघु उद्योगों और गरीब परिवारों के लिए सहायक, वित्तीय सेवाओं के उपयोग और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा।

• डेबिट (खाते में से निकाली गई रकम) सुविधा का प्रावधान।

भुगतान बैंक क्या हैं?

• भुगतान बैंक पूर्ण सेवा प्रदान करने वाले बैंक नहीं हैं, इनका मुख्य उद्देश्य वित्तीय समावेशन में तेजी लाना है।

• भुगतान बैंक मुख्य रूप से विप्रेषण सेवाओं के लिए होंगे और 1 लाख रुपये तक की जमा राशि स्वीकार कर सकेंगे।

• वे ग्राहकों का ऋण नहीं देगे और उन्हें अपने धन को सरकारी बांड और बैंक जमा राशि में लगाना होगा।

• वे मांग जमा स्वीकार कर सकते हैं, एटीएम/डेबिट कार्ड जारी कर सकते हैं पर क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकते।

• इक्किटी पूंजी के लिए प्रवर्तकों की न्यूनतम प्रारंभिक योगदान राशि पहले पांच वर्षो के लिए कम से कम 40 प्रतिशत होनी चाहिए।

चुनौतियाँ

• कम राजस्व: ये ऋण नहीं दे सकते, इसलिए प्रारंभ में इनकी आय केवल विप्रेषण से ही हो सकती है।

• 75 प्रतिशत राशि सरकारी प्रतिभूतियों में लगानी पड़ेगी। इस प्रकार जमा अधार से कमाने की इनकी क्षमता भी सीमित है।

• जो सेवा भुगतान बैंक देंगे वही सेवा अन्य बैंक पहले से ही दे रहे हैं, इसलिए भुगतान बैंकों के लिए एक नया और अलग प्रस्ताव लाना आसान नहीं होगा।

• कुछ निजी कंपनियों (जनसमूहों) ने विभिन्न चुनौतियों की वजह से भुगतान बैंक स्थापित करने की अपनी योजना का परित्याग कर दिया है।