वैश्विक खुदरा विकास सूचकांक में भारत का दूसरा स्थान (India's Second Position In Global Retail Index-Economy)

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• ए.टी.कर्नी दव्ारा जारी वैश्विक खुदरा विकास सूचकांक (जीआरडीआई) में भारत ने 13 स्थानों की छलांग लगाई है। वर्ष 2016 में इसे खुदरा क्षमता में दूसरे स्थान पर रखा गया था।

• 25 समष्टि अर्थशास्त्रीय और खुदरा-विशिष्ट चरों के आधार पर वर्तमान और भावी क्षमता से संपन्न आकर्षक बाजारों की पहचान करने के लिए 30 विकासशील देशों का विशेलषण किया गया था।

• इस प्रकार यह रिपोर्ट खुदरा व्यापारियों को बाजार निवेश के उभरते अवसरों की पहचान करने के लिए सफल वैश्विक निर्मित करने में सहायता करती है।

• रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2013 और 2015 के बीच भारत में 8.8 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से खुदरा क्षेत्र का विस्तार हुआ, जिसका बड़ा हिस्सा स्वतंत्र और असंगठित खुदरा बाजारों के घरेलू वित्तपोषण से संचालित हुआ।

• ई-कॉमर्स भारत के विकास को बढ़ावा दे रहा और यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार है।

• हालांकि, विदेशी खुदरा विक्रेताओं के लिए भारत एक चुनौतीपूर्ण और जटिल बाजार बना हुआ है। जहाँ अवसंरचना बाधाओं, जटिल श्रम कानूनों, उच्च श्रम संघर्षण और खुदरा विक्रेताओं के लिए गुणवत्तायुक्त खुदरा स्पेस की सीमित उपलब्धता के कारण राज्य स्तर पर इसकी गत्यात्मकता को समझना महत्वपूर्ण हैं।