समेकित ऊर्जा विकास योजना (आईपीडीएस) (Integrated Power Development Scheme (IPDS) – Economy)

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24 x 7 ऊर्जा आपूर्ति की ओर कदम बढ़ाते हुए सरकार ने पूरे देश में पारेषण तथा वितरण तंत्र में सुधार लाने के लिए हाल ही में आईपीडीएस को स्वीकृति दी है। संघीय बजट 2014-15 में घोषित आईपीडीएस में उप- पारेषण तंत्र को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है। इसके अतिरिक्त समेकित ऊर्जा विकास योजना (आईपीडीएस) के अंतर्गत मीटर लगाने, ग्राहक देखभाल सेवाओं और सौर पैनलों (अनुसूची) की स्थापना का प्रावधान किया गया है। योजना में पुनर्गठित त्वरित ऊर्जा विकास तथा सुधार कार्यक्रमों (आरएपीडीआरपी) के जारी कार्यो को पूरा करने पर विचार किया गया है।

• वितरण क्षेत्रक को सूचना प्रौद्योगिकी की लैस किया जायेगा तथा 12वीं एवं 13वीं योजनाओं में स्वीकृत वितरण तंत्रों को सशक्त बनाने के कार्य को इस योजना में सम्मिलित किया जाएगा।

पात्र इकाईयाँ: सभी वितरण कंपनियां जिसमें निजी वितरण कंपनियां (संघ) तथा राज्य ऊर्जा विभाग भी सम्मिलित हैं, इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता के पात्र होंगे इस योजना के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं को, लेटर (पत्र) ऑफ (का) अवार्ड (पुरस्कार) (प्रदत्तता पत्र) दिए जाने की तिथि से 24 महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा। इस योजना के संचालन के लिए ऊर्जा वित्त निगम को केन्द्रीय एजेंसी (शाखा) बनाया गया है।

वित्त-पोषण का प्रारूप: गैर-विशेष वर्ग के राज्यों के लिए इस परियोजना के लिए प्राप्त अनुदान कुल वित्तीय लागत को 60 प्रतिशत है (प्रस्तावित लक्ष्यों की प्राप्ति पर 75 प्रति तक) तथा विशेष वर्ग के राज्यों के लिए यह 85 प्रतिशत है (प्रस्तावित लक्ष्यों को प्राप्त कर लेने पर 90 प्रतिशत तक)। अतिरिक्त अनुदान के लिए मान निर्धारित किए गए हैं जैसे: परियोजना का निर्धारित समय में पूरा हो प्रक्षेप पथ (ट्रजेक्टरी) (प्रक्षेपवक्र) के अनुसार एटी और सी हानियों में कमी तथा राज्य सरकार के दव्ारा दी जाने वाली सब्सिडी (सरकार दव्ारा आर्थिक सहायता) को अग्रिम रूप से जारी करना।

त्रिपक्षीय समझौता: ऊर्जा मंत्रालय की केंद्रीय एजेंसी (शाखा) ऊर्जा वित्त निगम, राज्य सरकार तथा वितरण कंपनियों (संघों) के बीच उपयुक्त त्रिपक्षीय समझौते को निष्पादित किया जाएगा, जिससे इस परियोजना के अंतर्गत जारी किये गए दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।

आदर्श मानदंड: डिजिटल (अंकसंबंध)/पूर्व भुगतान युक्त मीटर लगाने, 11केवी और एलटी लाइनों (मार्ग) के भूमिगत केबल बिछाने, एटी और सी हानियों की सीमा तय करने का कार्य करने के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण दव्ारा शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा प्रणालियों के लिए एक आदर्श मानदंड निर्धारण किया जाएगा।

केंद्रीय बजट 2014-15 में घोषित आईपीडीएस में शामिल हैं

• उप-पारेषण नेटवर्क (जाल पर काम) को मजबूत बनाना

• मीटरिंग

• कस्टमर (ग्राहक) केयर (देखभाल) सेवाएँ

• सौर पैनलों के प्रावधान

• सौर पैनलों के प्रावधान पुनर्गठित त्वरित विद्युत विकास एवं सुधार कार्यक्रम की पूर्णता (आरएपीडीआरपी) के चल रहे कार्यो को पूरा करना।