कपड़ा क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन की पेशकश (Offering Incentives For Textile Sector – Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

केंद्र सरकार ने वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में अगले तीन साल में एक करोड़ रोजगार (मुख्यत: महिलाओं के लिए) के अवसर पैदा करने के लिए 6,000 करोड़ रुपये के एक विशेष पैकेज घोषणा की है।

पैकेज में क्या है?

• इस पैकेज में कई कर और उत्पादन प्रोत्साहन शामिल हैं। यह पैकेज इस क्षेत्र को और अधिक लचीले श्रम कानून और वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

• श्रम कल्याण आईएलओ मापदंडो के अनुरूप कार्य करते हुए अब कामगारों के लिए प्रति सप्ताह 8 घंटे से अधिक ओवर (बहुत अधिक) टाइम (समय) न किये जाने का निर्देश।

• उद्योग की मौसमी प्रकृति को देखते हुए, परिधान क्षेत्र के लिए निर्धारित अवधि के रोजगार की शुरूआत की जाएगी।

• कर्मचारी भविष्य निधि-भारत सरकार 15,000 रुपए प्रतिमाह के कम कमाने वाले परिधान उद्योग के नए कर्मचारियों हेतु प्रथम वर्षों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना के नियोक्ता अंशदान का समग्र 12 प्रतिशत वहन करेगी।

• एक नई योजना-अभी तक रिफंड (धन लौटाना) नहीं की गई राज्य लेवियों का रिफंड करने के लिए एक नई योजना लायी जाएगी। 6000 करोड़ रुपए के पैकेज में से 5500 करोड़ रुपए परिधान क्षेत्र में एक अतिरिक्त 5 प्रतिशत शुल्क ड्राबैक के लिए प्रयोग किये जाएगे।

• इनपुट पर अदा किए गए घरेलू शुल्क के लिए ऑल इंडस्ट्री रेट (उद्योग कीमत) पर अग्रिम प्राधिकार योजना के अंतर्गत फैब्रिक (बनावट) का आयात करने पर भी ड्रॉबैक प्रदान किया जाएगा।

• संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना के अंतर्गत 500 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए परिधान क्षेत्र के लिए सब्सिडी (आर्थिक सहायता) को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाएगा।

• इनपुट आधारित प्रोत्साहन से आउटकम (परिणाम) आधारित प्रोत्साहन में जाने के लिए संभावित नौकरियों का सृजन होने के बाद ही सब्सिडी (आर्थिक सहायता) प्रदान की जाएगी।

महत्व

• 1995 और 2000 के बीच परिधान निर्यात में पहले स्थान पर था, अब बांग्लादेश और वियतनाम ने भारत को पीछे छोड़ दिया है।

• इस पैकेज से वैश्विक बाजार में इसकी लागत प्रतिस्पर्धां में सुधार के दव्ारा भारतीय वस्त्र और परिधान क्षेत्र में मजबूती आएगी। नीति समर्थन के साथ, भारत अगले तीन साल में फिर से पहला स्थान हासिल कर सकता है।

• सरकार को उम्मीद है कि इस पैकेज के माध्यम से तीन साल में एक करोड़ नए रोजगार के अवसर, 74,000 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 30 अरब डॉलर की निर्यात आय प्राप्त होगी।