भारत में तेल की खोज-राजस्व साझा मॉडल (आदर्श) (Oil Exploration-Revenue Model in India – Economy)

Download PDF of This Page (Size: 171K)

• सरकार तेल क्षेत्र में लाइसेंस (आज्ञा) और आय के बंटवारे के लिए नया मॉडल (आदर्श) लेकर आई है। 69 छोटे तेल क्षेत्रों में काफी अप्रयुक्त तेल पड़ा हुआ है और ये तेल-क्षेत्र राज्य के स्वामित्व वाली संस्थाओं के अधीन है।

नए प्रावधान

• यह नीति मुनाफे के बजाय राजस्व साझा करने और प्रत्येक हाइड्रोकार्बन के लिए अलग अलग लाइसेंस की जगह एकीकृत लाइसेंस देने पर आधारित है।

• नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने भी कहा था कि पुरानी नीति निजी ठेकेदारों को पूंजीगत व्यय कम करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं देती।

• नई व्यवस्था में सरकार व्यय की चिंता से मुक्त रहेगी तथा सरकार को तेल, गैस आदि की बिक्री से सकल राजस्व का एक सुनिश्चित हिस्सा प्राप्त होगा

• नई नीति के तहत दिये जाने वाले लाइसेंस सिर्फ तेल के लिए नहीं बल्कि हाइड्रोकार्बन के लिए होंगे। इससे पहले हर हाइड्रोकार्बन के लिए अलग लाइसेंस दिया जाता था।

• नई नीति प्रशासित कीमत के बजाय मौजूदा बाजार मूल्य पर गैस बेचने की अनुमति देती है।

संबंधित जानकारी

उत्पादन भागीदारी अनुबंध- यह अनुबंध कंपनियों (साहचर्य) को सरकार के साथ राजस्व साझा करने से पहले लागत वसूली की अनुमति देता है। यह उच्च अन्वेषण जोखिम लेने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करता है क्योंकि सफल अन्वेषण की स्थिति में पूरी लागत वसूल की जा सकती है। इस प्रावधान के मुताबिक सरकार को निजी कंपनियों दव्ारा किए गए विभिन्न खर्चो का लेखा-परीक्षण करना पड़ता है। इसमें अक्सर देरी होती है और यह विवाद का कारण बनता है तथा सरकार को राजस्व का नुकसान होता है।