सीड वित्त पोषण कर का हटाया जाएगा (Seed Financing Tax Will BE Removed – Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

हाल ही सरकार ने एंजेल निवेशकों दव्ारा किये जाने वाले सीड फंडिंग (निधिकरण) पर कर खत्म करने का फैसला लिया है, जो उद्यमियों दव्ारा घरेलू वित्त प्राप्त करने की मार्ग में एक बड़ी बाधा बना हुआ था।

लाभ

• इससे भारत में स्टार्ट-अप की संख्या में वृद्धि उनमें होने वाले आरंभिक निवेश तथा देश में व्यवसाय करने में मदद प्राप्त होगी।

• एक आकलन के अनुसार लगभग 65 प्रतिशत स्टार्ट-अप ऐसे हीं कुछ अनिश्चित करारोपण के कारण अपने व्यवसाय को भारत से बाहर ले जाने के लिए विवश हुए हैं। अत: यह कदम निश्चित हीं उन्हें भारत में अपने व्यवसाय को बनाये रखने अथवा आरंभ करने में मदद करेगी।

• पुन: यह कदम निश्चित ही कर संरचना में पारदर्शिता, सरलीकरण तथा पूर्वनुमेयता सुनिश्चित करने में मदद प्रदान करेगी।

सीड (बीज) फंडिंग (निधिकरण) (कैपिटल) (पूंजी) क्या होता है?

• किसी व्यवसाय को आरंभ करने के लिए आवश्यक आरंभिक पूंजी को सीड कैपिटल (पूंजी) अथवा सीड फंडिंग कहा जाता है। यह किसी आईडिया (व्यावसायिक विचार) को विकसित करने, उससे प्रथम उत्पाद को मूर्त रूप देने तथा बाजार में उस तरह के प्रथम उत्पाद को लॉन्च (प्रक्षेपण) करने हेतु किसी व्यवसाय को मदद प्रदान करता है।

• किसी व्यवसाय को धरातल पर उतारने हेतु सीड कैपिटल की आवश्यकता होती है। इसे उच्च जोखिम वाला निवेश माना जाता है, लेकिन यह एक ऐसा निवेश है जिसके माध्यम से काफी लाभ भी प्राप्त होता है, क्योंकि जिस स्टार्ट-अप कंपनी में पूंजी निवेश किया गया है, यदि वह उद्यम (बड़ी कंपनी) में तब्दील हो जाती है तो उससे प्रतिफल भी अप्रत्याशित होता है।

एंजेल (देवदूत) निवेशक किसे कहते हैं?

• एंजेल निवेशक या एंजेल एक धनाढय व्यक्ति होता है, जो आमतौर पर परिवर्तनीय ऋण इक्विटी (निष्पक्षता) स्वामित्व के लिए किसी स्टार्ट-अप व्यवसाय के लिए पूंजी प्रदान करता है।