सातवाँ वेतन आयोग (Seventh Pay Commission – Economy)

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• सातवाँ वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंपी। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति अशोक कुमार माथूर ने की।

• स्वीकृति होने के बाद आयोग की सिफारिशों से 47 लाख कार्यरत सरकारी कर्मचारी, 52 लाख पेंशनभोगियों के साथ सुरक्षाकर्मी भी लाभान्वित होंगे।

वेतन आयोग क्या है?

• वेतन आयोग का गठन भारत सरकार दव्ारा नियमित अंतरालों पर किया जाता है। यह भारत सरकार के सिविल एवं सैन्य विभागों के वेतन-प्रारूप में बदलाव के संदर्भ में अपनी सिफारिशें देता है।

• पहले वेतन आयोग का गठन 1956 में किया गया था, तब से, हर दशक में आयोग का गठन किया जाता है।

सातवाँ वेतन आयोग के मुख्य बिंदु

• सिफारिशों का क्रियान्वयन 1 जनवरी 2016 से प्रभावी होगा।

• रु. 18000 प्रतिमाह न्यूनतम व रु. 2.25 लाख अधिकतम वेतन निर्धारित।

• वर्षिक वेतन वृद्धि दर 3 प्रतिशत पर कायम।

• पेंशन में 24 प्रतिशत बढ़ोत्तरी।

• सेना में ओआरओपी की तर्ज़ पर अन्य सरकारी कर्मियों के लिए भी वन रैंक वन पेंशन की सिफारिश।

• आनुतोषिक की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये; जब भी डीए (दैनिक भत्ता) में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी उपादन की सीमा 25 प्रतिशत बढ़ायी जाएगी।