सिंगापुर इंटरनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) आर्बिट्रेशन सेंटर (केंद्र) (Singapore International Arbitration Center – Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

जून 2016 में सिंगापुर इंटरनेशनल अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन (पंच फैसला) सेंटर (केंद्र) (एसआईएसी) ने भारत में एक प्रतिनिध कार्यालय स्थापित करने के लिए गुजरात इंटरनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) फाइनेंस (किसी कार्य विशेष के लिए आवश्यक धन) टेक-सिटी कंपनी लिमिटेड (जीआईएफटीसीएल) और गुजरात गुजरात इंटरनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) फाइनेंस टेक (किसी के कार्यो, शब्दों, विचारों की सामान्य प्रवृत्ति)-सिटी (शहर) सेज लिमिटेड (सीमित) (जीआईएफटी एईजेड) के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

उद्देश्य :भारतीय कंपनियों के साथ एसआईएसी और सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएमसी) के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों को हल करना।

मुख्य बिंदु

• समझौते के अनुसार, जीआईएफटीसीएल, जीआईएफटी एसईजेड और एसआईएसी मध्यस्थता और अन्य विवाद समाधान तंत्र के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करेंगे।

• इसमें अभिनव ”आर्ब-मेड-आर्ब” सेवा (ऐर्बिटेशन (मध्यस्थ निर्णय) -मेडीटेशन (गहन/गंभीर विचारों की अभिव्यक्ति)-ऐर्बिटेशन (मध्यस्थ निर्णय) भी शामिल है।

• एसआईएसी का प्रतिनिधि कार्यालय भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता सेवाओं को प्रदान देगा।

”आर्ब-मंड-आर्ब”

यह एक प्रक्रिया है जिसमें

• किसी विवाद को पहले पंचायती (आर्बिट्रेशन) (पंच फैसला) के लिए भेजा जाता है, उसके बाद मध्यस्थता (मीडिएशन) (गहन/गंभीर विचारों की अभिव्यक्ति)का प्रयास किया जाता है।

• अगर मध्यस्था से फैसला आ जाता है तो इसे सहमति वाला फैसला माना जा सकता है।

• अगर मध्यस्था विफल रहती है, तो वे पंचायती कार्यवाही के को जारी रख सकते हैं।

आर्थिक निहितार्थ

• भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए एसआईएसी की मध्यस्था सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

• पिछले पांच साल में भारतीय कंपनियाँ एसआईएसी के शीर्ष पांच विदेशी उपयोगकर्ताओं में हैं और 2013 और 2015 में भारत एसआईएसी का शीर्ष विदेशी उपयोगकर्ता था।

• गुजरात अंतरराष्ट्रीय वित्तीय टेक-सिटी अन्य प्रतिदव्ंदव्ी वित्तीय केंद्रों अर्थात्‌ सिंगापुर, हांगकांग और दुबई के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्रों से पैसा वापस पा सकती है।

• इससे गुजरात अंतरराष्ट्रीय वित्तीय टेक-सिटी मजबूत अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र के रूप में उभरेगा क्योंकि किसी भी सफल अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में एक कुशल विवाद समाधान तंत्र की आवश्यकता होती है।

• एसआईएसी अनुबंध प्रवर्तन में सुधार, देरी को कम करने, निवेशकों की रक्षा, दीवाला समाधान आदि दव्ारा ”ईज ऑफ डूइंग बिज़नस” को बढ़ावा देगा।

गुजरात अंतरराष्ट्रीय वित्तीय टेक-सिटी

• यह 100 स्मार्ट (आकर्षक) शहरों में से पहला है।

• गुजरात अंतरराष्ट्रीय वित्तीय टेक-सिटी पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है और इसे एक सेज में स्थापित किया जाएगा।

• बजट में, इस सेज के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र के लिए 9 प्रतिशत की दर से न्यूनतम वैकल्पिक कर प्रस्तावित किया गया था, जबकि अन्य सभी सेज पर न्यूनतम वैकल्पिक कर की दर 18.5 प्रतिशत हैं।

• गुजरात अंतरराष्ट्रीय वित्तीय टेक-सिटी सतत विकास, अत्याधुनिक कनेक्टिविटी , अवसरंचना और परिवहन के संयोजन से बनी 20 अरब डॉलर की परियोजना है।

• अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में अपतटीय बैंकिंग (महाजनी), मुद्रा परिवर्तनीयता, बीमा, वस्तु और प्रतिभूति व्यापार और सभी प्रकार की पूंजी वित्तीय गतिविधियां की जा सकेंगी।