समाजिक प्रगति सूचकांक (Social Progress Index – Economy)

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समाजिक प्रगति सूचकांक क्या है?

यह सामाजिक और पर्यावरण संकेतकों का एक समग्र सूचकांक है जो सामाजिक प्रगति के तीन आयामों पर आधारित है: बुनियादी मानवीय जरूरतें, कल्याण की आधारशिला और अवसर। यह किसी देश किए गए प्रयास के बजाय सफलता के परिणामों का उपयोग कर सामाजिक प्रगति को मापता है।

अन्य सूचकांको की सीमाएं

1. सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी): सकल घरेलू उत्पाद एक राष्ट्र की आर्थिक प्रगति मापता है, पर इसमें गैर बाजार गतिविधियाँ जैसे घर की बागवानी, माँ दव्ारा बच्चे का ख्याल रखना आदि शामिल नहीं है। इसमें पर्यावरण, खुशी, समानता, न्याय तक पहुँच जैसे कारक भी शामिल नहीं हैं।

2. गिनी गुणांक : यह नागरिकों के बीच आय असमानताओं को मापता है, लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सामाजिक लाभ की तरह अन्य पहलुओं की उपेक्षा करता है।

3. सकल खुशी सूचकांक: यह मूल से भूटान दव्ारा विकसित किया गया है। यह खुशी के स्तर को मापता है लेकिन लिंग समानता, शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचा जैसे तत्वों पर ध्यान नहीं देता। इसके अलावा खुशी के अर्थ में व्यक्तिपरकता के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय तुलना के लिए भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

4. मानव विकास सूचकांक: इसमें जीवन प्रत्याशा, स्कूली (विद्यालय) शिक्षा के औसत वर्ष, स्कूली शिक्षा के अपेक्षित वर्ष और जीवन स्तर शामिल है, लेकिन यह धन के असमान वितरण, पर्यावरण और ढांचागत विकास में कमी को नहीं मापता।

एसपीआई के उपयोग के लाभ

1. यह खर्च किये हुए पैसे या प्रयासों के बजाय परिणाम आधारित है।

2. यह अन्य संकेतकों की तुलना में अधिक व्यापक है।

3. यह सभी देशों के लिए प्रासंगिक है क्योंकि यह सामाजिक प्रगति का एक समग्र माप प्रदान करता है। इसलिए, यह अंतरराष्ट्रीय तुलना के लिए उपयुक्त हो सकता है।

4. यह उचित नीति बनाने में मदद कर सकता है, क्योंकि यह जमीनी स्तर में सुधार मापता है।

5. यह सतत विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल बनाता है और उन्हें हासिल करने में मदद करता है।

6. यह तीन मौलिक स्तंभों पर आधारित है : अस्तित्व के लिए बुनियादी जरूरतें: जीवनशैली में सुधार करने हेतु बिल्डिंग (ईमारत) ब्लॉक्स (खंड) तक पहुँच, और लक्ष्यों और आकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए अवसर का उपयोग करना।

देशों की रैंकिंग (अत्यंत कष्टदायी)

1. शीर्ष 3 देश नॉर्वे (88.36), स्वीडन (88.06) और स्विजट्‌जरलैंड (87.97) हैं।

2. भारत 53.06 के स्कोर के साथ 133 देशों की सूची में 101 वें स्थान पर है।