भारतीय रेलवे की पुर्नद्धार परिषद- ‘कायाकल्प’ (The Complete Entrance of The Indian Railways- ‘Kayakalp’ -Economy)

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• कायाकल्प परिषद की चौथी बैठक रतन टाटा की अध्यक्षता में संपन्न हुयी जिसमें सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करते हुए उन कारणों को पहचानने का प्रयास किया गया जो मानवीय भूल के कारण घटित होते हैं।

• रेल बजट भाषण वर्ष 2015-16 में कहा गया कि रेलवे से संबद्ध प्रत्येक नये एवं पहले से कार्यरत संगठनों को अपनी कार्य प्रणाली में नवाचार लाते हुए परिवर्तन कर फिर से नया स्वरूप दिये जाने की आवश्यकता है, अत: इस परिषद को बनाने का उद्देश्य उद्यम की संरचना में सुधार कर नवाचार को बढ़ावा देना है।

• भारतीय रेलवे को जहाँ तक एक तरफ देश के विभिन्न भागों में वहनीय यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराने का सामाजिक दायित्व पूरा करना है वहीं दूसरी ओर एक वाणिज्यिक संगठन की भाँति लाभ कमाते हुए कार्य करना भी इसकी जरूरत है। अत: यहाँ पर आवश्यकता है कि इन दोनों उद्देश्यों में संतुलन बनाकर कार्य करते रहने की जिससे लोगों को वहनीय यात्रा सुविधाए उपलब्ध कराकर देश की अर्थव्यवस्था में विकास के प्रेरक के रूप में योगदान दिया जा सके।

• बैठक में मुख्यत: इस बात पर जोर दिया गया किस प्रकार रेलवे स्टेशनों को साफ सुथरा बनाकर अत्यधिक सुविधायुक्त बनाया जा सके।

समिति इस बात का भी परीक्षण करेगी जिससे भारतीय रेल की उपभोक्ता केंद्रित बनाकर और अधिक अनुकूल बनाया जा सके।